Embassy Of Palestine In London: सोमवार को लंदन में फिलिस्तीन राज्य का दूतावास पहली बार औपचारिक रूप से खोला गया. इस कदम को ब्रिटेन और फिलिस्तीन के बीच कूटनीति में नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है. लंदन में रहने वाले फिलिस्तीनी समुदाय ने इस ऐतिहासिक मौके पर जश्न और एकजुटता का प्रदर्शन किया.
Today, the Embassy of the State of #Palestine to the United Kingdom is officially inaugurated — a piece of Palestine on British soil; a symbol of peace, Sumud, dignity, and our people’s enduring pursuit of justice and freedom.
— Husam Zomlot (@hzomlot) January 5, 2026
Palestine is here. Palestine endures. Palestine will… pic.twitter.com/PHXXFr5V9A
राजदूत हुसाम जोमलोत का संदेश
ब्रिटेन में फिलिस्तीन के राजदूत हुसाम जोमलोत ने दूतावास के बाहर लगी पट्टिका का अनावरण किया. उन्होंने इसे फिलिस्तीनी लोगों के संघर्ष और अधिकारों का प्रतीक बताया. जोमलोत ने सोशल मीडिया पर समारोह की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि यह दूतावास शांति, सम्मान, न्याय और स्वतंत्रता का प्रतीक है. उन्होंने यह भी कहा कि फिलिस्तीन हर चुनौती के बावजूद कायम रहेगा.
समारोह में बोले राजदूत
उद्घाटन समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए जोमलोत ने कहा कि नए साल की शुरुआत इस तरह के ऐतिहासिक पल के साथ होना गर्व की बात है. उनका कहना था कि यह कदम न केवल ब्रिटेन-फिलिस्तीन संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि फिलिस्तीनी लोगों की दशकों पुरानी आकांक्षा, यानी आत्मनिर्णय और स्वतंत्रता, को भी नया बल देगा.
ब्रिटेन की मान्यता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
यह कदम सितंबर 2025 में ब्रिटेन द्वारा फिलिस्तीन को औपचारिक मान्यता देने के बाद आया. उस समय ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और अन्य पश्चिमी देशों के साथ मिलकर फिलिस्तीन को स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता देने की घोषणा की. इजरायल ने इस कदम का विरोध किया और गाजा में हमास को अपना मुख्य विरोधी मानते हुए सुरक्षा चिंताओं को प्रमुखता दी.
फिलिस्तीन का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व
फिलिस्तीन पश्चिम एशिया का एक ऐतिहासिक क्षेत्र है, जिसकी सभ्यता और संस्कृति हजारों वर्षों पुरानी है. यरुशलम, गाजा और वेस्ट बैंक तीनों धर्मों—यहूदी, ईसाई और मुस्लिम—के लिए पवित्र माने जाते हैं. 1949 में इजरायल की स्थापना के बाद से यह मामला अंतरराष्ट्रीय राजनीति में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है.
संघर्ष और मानवीय स्थिति
फिलिस्तीनी लोग लंबे समय से स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र की मांग कर रहे हैं. हाल के दशकों में यह संघर्ष कब्जा, हिंसा और मानवीय संकट का रूप ले चुका है, खासकर गाजा और वेस्ट बैंक में. बावजूद इसके, फिलिस्तीनी समाज ने अपनी पहचान, संस्कृति और आत्मनिर्णय की आकांक्षा बनाए रखी है.
भविष्य की उम्मीद
कई देशों द्वारा फिलिस्तीन को मान्यता देना इस लंबे संघर्ष में एक महत्वपूर्ण सफलता माना जाता है. अब लंदन में दूतावास खुलना फिलिस्तीनी जनता की स्वतंत्रता और न्याय की उम्मीदों का प्रतीक बन गया है. यह कदम ब्रिटेन-फिलिस्तीन संबंधों को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर फिलिस्तीन की उपस्थिति को दर्शाने में महत्वपूर्ण साबित होगा.
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