Patahi Airport : उत्तर बिहार के लोगों के लिए हवाई यात्रा का विकल्प जल्द ही उपलब्ध होने वाला है. पताही एयरपोर्ट को केंद्र सरकार की “उड़ान” योजना के तहत दोबारा चालू करने की तैयारी पूरी हो चुकी है. हवाई अड्डे की सुरक्षा बढ़ाने के लिए चारदीवारी का निर्माण पूरा हो गया है और अब मुख्य काम रनवे के निर्माण पर केंद्रित है. विभागीय सूत्रों के अनुसार, रनवे निर्माण के लिए सभी तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं. अगले कुछ दिनों में औपचारिक टेंडर जारी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा.
कितने जिलों को मिलेगा लाभ?
पताही एयरपोर्ट केवल मुजफ्फरपुर के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि मोतिहारी, शिवहर, सीतामढ़ी और वैशाली के यात्रियों के लिए भी सुविधाजनक होगा. अब लोगों को पटना या दरभंगा एयरपोर्ट की लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी, जिससे समय और खर्च दोनों में बचत होगी. स्थानीय सांसद और केंद्रीय जलशक्ति राज्यमंत्री राजभूषण निषाद ने कहा कि एयरपोर्ट को चालू करना प्राथमिकता में है. रनवे निर्माण के लिए आवश्यक तकनीकी और कागजी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और अगले दस दिनों में टेंडर जारी कर निर्माण शुरू होगा.
रनवे की लंबाई और तकनीकी तैयारी
पताही एयरपोर्ट का रनवे वर्तमान में 1,300 मीटर लंबा है, जो छोटे विमानों के संचालन के लिए पर्याप्त है. आसपास की ऊंचाई और भवनों का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है. रनवे का पुनर्निर्माण इसे टेकऑफ और लैंडिंग के लिए पूरी तरह सक्षम बनाएगा. एयरपोर्ट 101 एकड़ क्षेत्र में फैला है और छोटे विमानों के लिए अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता नहीं है. परिसर का जीर्णोद्धार किया गया है और सुरक्षा के लिए चारदीवारी का निर्माण 25 करोड़ रुपये की लागत में पूरा किया गया.
बदलाव और फायदे
- व्यवसाय और पर्यटन: मोतिहारी के गांधी स्मृति स्थल और मुजफ्फरपुर के लीची उद्योग को बढ़ावा मिलेगा.
- समय की बचत: अब यात्रियों को पटना या दरभंगा जाने में तीन-चार घंटे नहीं लगेंगे.
- रोजगार के अवसर: एयरपोर्ट चालू होने से टैक्सी, होटल और लॉजिस्टिक्स में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
पताही एयरपोर्ट का इतिहास और वर्तमान स्थिति
- 1952 में स्थापित.
- 10 एकड़ क्षेत्र में फैला रनवे.
- 1,300 मीटर लंबाई.
- 2011 में सेना ने फाइटर विमान उतारने की योजना बनाई थी.
- 2019 में पीएम मोदी ने पताही से हवाई सेवा शुरू करने की घोषणा की थी.
सुविधाएं और विस्तार
प्रशिक्षण अकादमी: एयरपोर्ट परिसर में प्रशिक्षण अकादमी का निर्माण होगा. इसके लिए एएआइ के साथ 15 साल का समझौता किया गया है. प्रारूप तैयार हो चुका है और विधि विभाग की मंजूरी मिलने के बाद निर्माण शुरू होगा.
वीआईपी लाउंज: हवाई अड्डे पर वीआईपी लाउंज का निर्माण किया जाएगा. इसमें यात्रियों के लिए इंटरनेट, समाचार पत्र और आराम की सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
पिछला अनुभव
1967 से 1982 तक पताही एयरपोर्ट से पटना के लिए नियमित उड़ानें संचालित होती थीं. 1982 में सेवाएं बंद हो गईं. 2018 में एयरपोर्ट को “उड़ान” योजना में शामिल किया गया और सर्वे व रिपोर्ट तैयार करने के बाद पुनः संचालन की कवायद शुरू हुई.
पताही एयरपोर्ट के चालू होने के बाद उत्तर बिहार के लिए हवाई यात्रा तेज, आसान और किफायती हो जाएगी. व्यवसाय, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में भी इससे महत्वपूर्ण अवसर पैदा होंगे.
इसे भी पढ़ें-बिहार के शेखपुरा में ठंड से बचाव बना खतरा, बोरसी के धुएं से 3 लोग बेहोश
इसे भी पढ़ें-मुजफ्फरपुर आत्महत्या मामला; चार शव, कई सवाल और अब CID की एंट्री


