Narendra Modi Election Rally: हल्दिया में आयोजित चुनावी सभा से प्रधानमंत्री Narendra Modi ने पश्चिम बंगाल की सियासत पर बड़ा हमला बोला. भाजपा के प्रचार अभियान को धार देते हुए उन्होंने दावा किया कि राज्य में इस बार सत्ता परिवर्तन तय है. सभा में उन्होंने कहा कि जैसे नंदीग्राम ने पांच साल पहले बदलाव की दिशा दिखाई थी, वैसे ही अब पूरा बंगाल उसी राह पर बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री ने भवानीपुर का जिक्र करते हुए कहा कि इस बार वहां भी वही राजनीतिक तस्वीर देखने को मिलेगी, जो पहले नंदीग्राम में दिखी थी. हल्दिया की विजय संकल्प सभा में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार Suvendu Adhikari के समर्थन में वोट मांगा और बंगाल में नई सरकार बनाने की अपील की. मौसम खराब होने की वजह से सभा थोड़ी देरी से शुरू हुई, लेकिन भीड़ का उत्साह पूरे कार्यक्रम में बना रहा. सभा की शुरुआत शुभेंदु अधिकारी के संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में बंगाल में बड़ा राजनीतिक बदलाव संभव है.
टीएमसी पर हमला, युवाओं और नौकरियों का मुद्दा उठाया
सभा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने All India Trinamool Congress पर तीखा हमला बोला और कहा कि राज्य की मौजूदा व्यवस्था ने युवाओं के सपनों को कुचल दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में निजी क्षेत्र का विकास ठप कर दिया गया है और रोजगार के अवसर लगातार कमजोर हुए हैं. मोदी ने कहा कि राज्य में भर्ती व्यवस्था को लेकर लोगों के मन में भरोसा नहीं बचा है और भाजपा सरकार बनने पर इसे पारदर्शी, समयबद्ध और निष्पक्ष बनाया जाएगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि नियुक्तियों में न कमीशन चलेगा, न रिश्वत और न किसी तरह का भेदभाव होगा.
प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल के युवाओं के साथ दोहरा अन्याय हुआ है. एक तरफ रोजगार के मौके सीमित हैं, दूसरी तरफ सरकारी पदों को भी ईमानदारी से भरने के बजाय लूट का माध्यम बना दिया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने ऐसी व्यवस्था खड़ी कर दी है, जिसमें मेहनत और योग्यता के बजाय राजनीतिक संरक्षण को महत्व मिला. सभा स्थल पर मौजूद समर्थकों ने इस दौरान जमकर नारेबाजी की और भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की.
नंदीग्राम से भवानीपुर तक बदलाव की बात
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में नंदीग्राम का विशेष तौर पर उल्लेख किया और कहा कि पांच साल पहले वहां से जो संदेश निकला था, अब वही संदेश पूरे बंगाल में फैल चुका है. उन्होंने कहा कि परिवर्तन की हवा अब किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रही, बल्कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में उसका असर दिखाई दे रहा है. मोदी ने दावा किया कि बंगाल की जनता अब नई दिशा चाहती है और सत्ता परिवर्तन का मन बना चुकी है.
उन्होंने कहा कि विकसित बंगाल के लिए मौजूदा सरकार की विदाई जरूरी है. प्रधानमंत्री के अनुसार, राज्य में भय, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के माहौल ने आम लोगों, निवेशकों और युवाओं के बीच असुरक्षा की भावना पैदा की है. उन्होंने यह भी कहा कि उद्योग, फैक्ट्री और निवेश डर के माहौल में नहीं चलते, बल्कि भरोसे और स्थिरता से आगे बढ़ते हैं. मोदी ने अपने भाषण में यह संदेश देने की कोशिश की कि भाजपा राज्य में वही भरोसा बहाल कर सकती है, जिसकी कमी बंगाल लंबे समय से महसूस कर रहा है.
बंगाल के लिए पीएम मोदी की 6 गारंटी
सभा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल के लिए छह गारंटियों का भी एलान किया. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर राज्य में भयमुक्त माहौल बनाने की दिशा में काम किया जाएगा. दूसरी गारंटी के तौर पर उन्होंने सरकारी सिस्टम की जवाबदेही की बात कही. तीसरी गारंटी में उन्होंने भ्रष्टाचार और अपराध से जुड़ी फाइलें खोलने की बात रखी, जबकि चौथी गारंटी में भ्रष्टाचारियों को जेल भेजने का वादा किया.
पांचवीं गारंटी के रूप में उन्होंने कहा कि राजनीतिक संरक्षण पाने वाले गुंडों को बचने नहीं दिया जाएगा. छठी गारंटी में सातवें वेतन आयोग को लागू करने का आश्वासन दिया गया. मोदी ने इन गारंटियों के जरिए यह बताने की कोशिश की कि भाजपा चुनावी मुकाबले को सिर्फ नारों के सहारे नहीं, बल्कि ठोस वादों के साथ लड़ रही है. सभा में मौजूद समर्थकों के बीच इन घोषणाओं को लेकर खास उत्साह देखने को मिला.
धर्म के आधार पर आरक्षण और तुष्टिकरण पर निशाना
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में धर्म के आधार पर आरक्षण के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के कारण राज्य में ऐसी नीतियों को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, जो संविधान की भावना के खिलाफ हैं. उन्होंने कहा कि अदालतें बार-बार ऐसी कोशिशों को खारिज करती रही हैं, लेकिन इसके बावजूद तुष्टिकरण की राजनीति बंद नहीं हुई.
सभा में मोदी ने माहिष्य समुदाय का जिक्र करते हुए कहा कि यह समुदाय लंबे समय से अपनी मांग उठा रहा है, लेकिन उसकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि जिन समुदायों को राजनीतिक वोट बैंक का हिस्सा नहीं माना जाता, उनकी मांगों को लगातार टाला जाता है. प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि भाजपा सरकार बनने पर संविधान के अनुसार काम होगा और हर व्यक्ति को उसका अधिकार दिलाने की कोशिश की जाएगी.
सरकारी पद, घुसपैठ और तस्करी पर भी उठाए सवाल
प्रधानमंत्री मोदी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में सरकारी पदों को भी सत्ता से जुड़े लोग अपनी सुविधा के हिसाब से इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यहां युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ हुआ है और यह स्थिति लंबे समय तक राज्य को नुकसान पहुंचाने वाली है. मोदी ने यह भी कहा कि अगर कहीं निजी क्षेत्र में अवसर बनते भी हैं, तो वे भी निष्पक्ष ढंग से नहीं बांटे जाते.
अपने भाषण में उन्होंने घुसपैठ, फर्जी दस्तावेज और पशु तस्करी जैसे मुद्दों को भी उठाया. मोदी ने कहा कि मौजूदा शासन व्यवस्था में इन गतिविधियों को रोकने के बजाय ऐसी परिस्थितियां बनने दी गईं, जिनसे कानून व्यवस्था और सामाजिक संतुलन पर असर पड़ा. उन्होंने कहा कि राजनीति का केंद्र अगर डर पैदा करना बन जाए, तो उद्योग और निवेश दोनों प्रभावित होते हैं. भाजपा की ओर से इस भाषण के जरिए कानून व्यवस्था और प्रशासनिक सख्ती को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश साफ दिखाई दी.
शुभेंदु अधिकारी का दावा- हल्दिया की हर सीट पर खिलेगा कमल
सभा में शुभेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में हल्दिया जिले को लेकर बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि इस बार भाजपा जिले की सभी 16 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज करेगी. शुभेंदु ने कहा कि पहले भी पार्टी को यहां मजबूत समर्थन मिल रहा था और इस बार संगठन और जनसमर्थन दोनों पहले से अधिक मजबूत हैं.
उन्होंने अपने संबोधन में यह भी कहा कि हल्दिया और आसपास के इलाकों में लोग बदलाव चाहते हैं और भाजपा के पक्ष में माहौल बन चुका है. इस बयान के जरिए भाजपा ने यह संकेत देने की कोशिश की कि हल्दिया को वह इस चुनाव में अपने मजबूत राजनीतिक क्षेत्र के रूप में पेश करना चाहती है. सभा में मौजूद कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने शुभेंदु अधिकारी के दावे पर जोरदार प्रतिक्रिया दी और लगातार नारे लगाते रहे.
बंगाल चुनाव में तेज हुआ प्रचार, ममता बनर्जी पर सीधा दबाव
प्रधानमंत्री मोदी की यह सभा ऐसे समय हुई है, जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल तेजी से गर्म हो चुका है. भाजपा लगातार राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है और इसके लिए पार्टी के शीर्ष नेता लगातार चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं. इससे पहले प्रधानमंत्री ने उत्तर बंगाल के कूचबिहार से अपने अभियान की शुरुआत की थी, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी राज्य में लगातार सक्रिय हैं.
दूसरी ओर Mamata Banerjee और Bharatiya Janata Party के बीच सीधा राजनीतिक मुकाबला इस चुनाव का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है. भाजपा जहां इसे सत्ता परिवर्तन का चुनाव बता रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस अपने गढ़ को बचाने की कोशिश में जुटी है. प्रधानमंत्री मोदी की हल्दिया सभा ने साफ कर दिया कि आने वाले दिनों में बंगाल की चुनावी लड़ाई और ज्यादा आक्रामक होने वाली है.
पश्चिम बंगाल में कब होंगे चुनाव?
पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए मतदान दो चरणों में कराया जाना है. चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को होगी, जबकि दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को कराई जाएगी. मतगणना 4 मई को होगी. इस बार मुकाबले का केंद्र तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी टक्कर पर टिका हुआ है.
हल्दिया की सभा से प्रधानमंत्री मोदी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि भाजपा इस चुनाव को पूरी ताकत से लड़ रही है और राज्य की राजनीति को सीधे सत्ता परिवर्तन की बहस में बदल देना चाहती है. अब देखना यह होगा कि यह चुनावी आक्रामकता वोट में कितनी बदलती है और बंगाल की जनता किसके पक्ष में फैसला सुनाती है.
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