PM Narendra Modi : दुनिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने साफ कहा है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय विवाद का समाधान केवल हथियारों से नहीं निकल सकता. उन्होंने कहा कि चाहे यूरोप का संकट हो या पश्चिम एशिया की स्थिति, स्थायी शांति के लिए संवाद ही सबसे प्रभावी रास्ता है.
प्रधानमंत्री ने यह बातें उस समय की है जब पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है और कई देशों की निगाहें इस क्षेत्र पर टिकी हुई हैं.
भारत और फिनलैंड, दोनों, rule of law, dialogue और diplomacy में विश्वास रखते हैं।
— PMO India (@PMOIndia) March 5, 2026
हम एकमत हैं कि केवल मिलिटरी कॉन्फ्लिक्ट से किसी भी मुद्दे का समाधान नहीं निकल सकता।
यूक्रेन हो या पश्चिमी एशिया, हम संघर्ष की शीघ्र समाप्ति और शांति के हर प्रयास का समर्थन करते रहेंगे: PM…
सैन्य टकराव नहीं, बातचीत ही समाधान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और Finland दोनों ही देशों की सोच अंतरराष्ट्रीय विवादों को लेकर एक जैसी है. उन्होंने कहा कि दोनों देश कानून के शासन, संवाद और शांतिपूर्ण समाधान के पक्षधर हैं.
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उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चाहे Ukraine का संघर्ष हो या West Asia में चल रहा तनाव, सैन्य कार्रवाई से स्थायी समाधान संभव नहीं है. भारत हर उस पहल का समर्थन करेगा जो संघर्ष को जल्दी खत्म कर शांति स्थापित करने की दिशा में काम करे.
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जरूरी हो गया है. उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर सख्त कार्रवाई की जरूरत पर भी जोर दिया और कहा कि आतंकवाद के हर रूप को समाप्त करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है.
ईरान को लेकर बढ़ता युद्ध तनाव
इस बीच Iran और Israel के बीच जारी संघर्ष में United States भी सक्रिय रूप से शामिल है. लड़ाई शुरू हुए लगभग छह दिन हो चुके हैं और विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार अब तक एक हजार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है.
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका और इजरायल ने ईरान की नौसैनिक क्षमताओं को निशाना बनाते हुए बड़े हमले किए हैं. हिंद महासागर क्षेत्र में मौजूद ईरान के युद्धपोत IRIS Dena को भी पनडुब्बी हमले में डुबो दिए जाने की खबर सामने आई है.
अमेरिकी पक्ष का दावा है कि उसने ईरान के हवाई क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है और ईरानी नौसेना को भारी नुकसान पहुंचाया है. हालांकि ईरान की ओर से इन दावों को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
ईरान की सत्ता में बदलाव
युद्ध के बीच ईरान की आंतरिक राजनीति में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है. ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei और कुछ शीर्ष नेताओं की मौत की खबरों के बाद नए नेतृत्व का चयन किया गया है.
रिपोर्टों के अनुसार उनके बेटे Mojtaba Khamenei को नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया है. इसके बाद देश के कई अहम सरकारी प्रतिष्ठानों और सुरक्षा ढांचे पर हमलों की खबरें भी सामने आई हैं.
बताया जा रहा है कि ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय सहित कई महत्वपूर्ण संस्थानों पर भारी बमबारी की गई है. साथ ही Islamic Revolutionary Guard Corps के मुख्यालय को भी निशाना बनाया गया.
भारत-फिनलैंड सहयोग पर भी जोर
वैश्विक सुरक्षा हालात के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और फिनलैंड के रिश्तों को भी मजबूत बनाने की बात कही. उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच तकनीकी और रणनीतिक सहयोग तेजी से बढ़ रहा है.
प्रधानमंत्री के अनुसार यह साझेदारी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 6G टेलीकॉम, स्वच्छ ऊर्जा और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में नई संभावनाएं खोल सकती है. उन्होंने कहा कि इन हाई-टेक क्षेत्रों में सहयोग से दोनों देशों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी.
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