Bihar Health : बिहार में समाज कल्याण विभाग की ओर से बुनियाद केंद्रों पर चल रही नेत्र जांच का दूसरा चरण सोमवार यानी 30 मार्च को आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया गया है. इस महत्वपूर्ण चरण के दौरान प्रदेश के 14 जिलों में स्थित कुल 26 केंद्रों पर व्यापक स्तर पर नेत्र जांच की जाएगी. इसके पश्चात तीसरे चरण में शेष बचे हुए सभी बुनियाद केंद्रों पर जांच की प्रक्रिया विधिवत प्रारंभ की जाएगी. राज्य सरकार ने इस पूरे अभियान के दौरान दृष्टि दोष से पीड़ित जरूरतमंदों के बीच 1 लाख चश्मा वितरण करने का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है.
प्रदेश में दृष्टि दोष से उत्पन्न समस्याओं एवं अंधेपन की रोकथाम के उद्देश्य से राज्य सरकार ने यह सराहनीय पहल की है. इस विशेष अभियान के माध्यम से समाज के सभी उम्र के व्यक्तियों को स्वास्थ्य लाभ दिया जाएगा जिससे उनकी आंखों की रोशनी सुरक्षित रह सके.
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दूसरे चरण में 14 जिलों के 26 केंद्रों पर आयोजित होगी जांच प्रक्रिया
अभियान के दूसरे चरण में बिहार के 14 चयनित जिले जैसे खगड़िया, मधेपुरा, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नालंदा, नवादा, रोहतास, सारण, शेखपुरा, सीतामढ़ी, सिवान, सुपौल, वैशाली और पश्चिमी चंपारण शामिल किए गए हैं. इन जिलों के 26 केंद्रों पर विशेषज्ञ टीमों द्वारा आंखों की जांच की जाएगी और प्रत्येक चरण में जांच की यह पूरी प्रक्रिया एक महीने के लिए निरंतर आयोजित की जा रही है. राज्य स्वास्थ्य समिति में विधिवत सूचीबद्ध अनुभवी एजेंसियों के माध्यम से ही आम लोगों की आंखों की सटीक स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाएगी.
यह पूरा आयोजन समाज कल्याण विभाग और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है ताकि चिकित्सा सेवाओं का लाभ ग्रामीण स्तर तक पहुंच सके. सरकार का मुख्य फोकस उन क्षेत्रों पर है जहां नेत्र चिकित्सा की सुविधाएं सीमित हैं. स्वास्थ्य विभाग की टीमें आधुनिक उपकरणों के साथ इन केंद्रों पर तैनात की गई हैं ताकि जांच में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे और मरीजों को सही परामर्श मिल सके.
पहले चरण की सफलता और हजारों लाभार्थियों को चश्मा वितरण की तैयारी
नेत्र जांच अभियान के पहले चरण में 23 मार्च से राज्य के 22 बुनियाद केंद्रों पर सफलतापूर्वक जांच शुरू की गई थी. आंकड़ों के अनुसार पहले और दूसरे चरण को मिलाकर अब तक कुल 6101 लोगों का नेत्र परीक्षण संपन्न किया जा चुका है और उनकी चिकित्सकीय जरूरत के अनुसार 5205 लोगों को चश्मा देने हेतु चिह्नित किया गया है. चश्मा वितरण की यह पूरी प्रक्रिया संबंधित व्यक्ति की आंखों की जांच होने के ठीक 15 दिनों के बाद शुरू की जाएगी. विभाग ने इसके लिए एक पारदर्शी व्यवस्था तैयार की है ताकि सही व्यक्ति को ही लाभ मिले.
जिन लोगों में मोतियाबिंद या अन्य गंभीर समस्याएं पाई जा रही हैं उन्हें आगे के उपचार के लिए सरकारी अस्पतालों में रेफर भी किया जा रहा है. चश्मा वितरण की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि मरीजों को दृष्टि दोष से स्थाई राहत मिल सके. समाज कल्याण विभाग इस पूरी प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि लाभार्थियों को समय पर सहायता मिल सके.
टोल-फ्री नंबर के माध्यम से लोगों को मिलेगी शिविरों की सटीक जानकारी
इस कल्याणकारी अभियान को अधिक से अधिक आम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए सक्षम ने टोल-फ्री नंबर 18003456262 जारी किया है. दृष्टि दोष से ग्रसित कोई भी व्यक्ति अथवा उनके परिजन इस नंबर पर कॉल करके अपने नजदीकी बुनियाद केंद्र और वहां आयोजित होने वाले शिविर की तिथि के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. राज्य सरकार की इस पहल से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जो आर्थिक अभाव के कारण अपनी आंखों का इलाज नहीं करा पाते थे. विभाग ने अपील की है कि लोग इस टोल-फ्री सेवा का अधिकतम उपयोग करें और अपने आसपास के जरूरतमंदों को भी इसके प्रति जागरूक करें.
प्रत्येक अंचल और पंचायत स्तर पर भी इस अभियान का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है ताकि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकार की इस योजना का सीधा लाभ पहुंच सके. ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है जिससे बुजुर्गों को केंद्र पर पहुंचकर लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा. भविष्य में ऐसे और भी शिविर आयोजित किए जाएंगे.
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