Bhagalpur News : भागलपुर में गुरुवार को उभरते वॉलीबॉल खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली, जहां मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत एकलव्य राज्य आवासीय खेल प्रशिक्षण केंद्रों में नामांकन के लिए चयन ट्रायल आयोजित किया गया. यह ट्रायल सैंडीस कंपाउंड स्थित वॉलीबॉल मैदान में संपन्न हुआ, जिसमें बिहार के अलग-अलग जिलों से पहुंचे बालक और बालिका खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. इस आयोजन का उद्देश्य ऐसे खिलाड़ियों की पहचान करना था, जिन्हें शुरुआती स्तर से ही बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और खेल का अनुकूल माहौल उपलब्ध कराया जा सके, ताकि वे भविष्य में राज्य और देश का नाम रोशन कर सकें.
8 जिलों के करीब 80 खिलाड़ियों ने दिखाई प्रतिभा
जिला खेल पदाधिकारी जय नारायण कुमार ने बताया कि इस चयन ट्रायल का आयोजन खेल विभाग, बिहार सरकार, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण, पटना और जिला प्रशासन भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में कराया गया. इसमें 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 8 जिलों से करीब 80 बालक और बालिका खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया. ट्रायल के दौरान खिलाड़ियों की क्षमता को परखने के लिए बैटरी टेस्ट और स्किल टेस्ट दोनों आयोजित किए गए. इन परीक्षणों के जरिए खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता, फिटनेस, तकनीकी कौशल और खेल की समझ का आकलन किया गया, ताकि योग्य प्रतिभाओं का निष्पक्ष चयन सुनिश्चित किया जा सके.
चयनित खिलाड़ियों को मिलेगा आवास, भोजन और प्रशिक्षण
इस चयन प्रक्रिया में सफल होने वाले खिलाड़ियों को बिहार सरकार की ओर से एकलव्य राज्य आवासीय खेल प्रशिक्षण केंद्रों में नामांकन का अवसर दिया जाएगा. यहां चयनित खिलाड़ियों को निःशुल्क आवासन, पौष्टिक भोजन, खेल उपकरण और नियमित शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. इसके साथ ही योग्य प्रशिक्षकों की देखरेख में वॉलीबॉल का व्यवस्थित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. सरकार की ओर से खिलाड़ियों को खेल सामग्री और आवश्यक किट्स भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि आर्थिक संसाधनों की कमी किसी प्रतिभा की राह में बाधा न बने. इस पहल को राज्य में खेल प्रतिभाओं के विकास की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
कोचों की टीम ने संभाली चयन प्रक्रिया
चयन ट्रायल को सफल और पारदर्शी बनाने के लिए बिहार राज्य खेल प्राधिकरण, पटना की ओर से प्रशिक्षकों की विशेष टीम की प्रतिनियुक्ति की गई थी. इसमें शुभम कुमार, आलोक कुमार पाण्डेय और कुमार हीरा को कोच के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई. इन प्रशिक्षकों की मौजूदगी में खिलाड़ियों के प्रदर्शन का बारीकी से मूल्यांकन किया गया. खेल विभाग का मानना है कि ऐसी चयन प्रक्रिया से ग्रामीण और छोटे शहरों में छिपी प्रतिभाओं को सही मंच मिलेगा. भागलपुर में आयोजित यह ट्रायल इसी दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकता है, जहां से कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी आगे निकलकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं.
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