Bhagalpur News : भागलपुर के आई ट्रिपल सी सभा कक्ष में प्रमंडल स्तरीय विचार गोष्ठी-सह-संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन आयुक्त अवनीश कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, पुलिस अधीक्षक बांका उपेंद्रनाथ वर्मा, नगर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र कुमार सिंह, उप विकास आयुक्त बांका उपेंद्र सिंह, आयुक्त के सचिव विनोद कुमार सिंह, संयुक्त आयुक्त (विभागीय जांच) अनिल राय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रंजीता कुमारी और प्रधान दंडाधिकारी अमित दयाल समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे. इस अवसर पर बाल अधिकारों, न्याय प्रणाली में संवेदनशीलता और बच्चों के समग्र विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई.
बाल अधिकारों के चार स्तंभों पर काम जरूरी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आयुक्त अवनीश कुमार सिंह ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं सीखने और समझ बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम होती हैं. उन्होंने बताया कि वर्ष 1989 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा बाल अधिकारों को लेकर एक व्यापक ढांचा तैयार किया गया, जिसके आधार पर दुनियाभर में कई कानून बनाए गए हैं.
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उन्होंने कहा कि बाल अधिकारों के चार प्रमुख स्तंभ हैं—सर्वाइवल, प्रोटेक्शन, डेवलपमेंट और पार्टिसिपेशन. इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्य करना आवश्यक है. उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल दंडात्मक न्याय प्रणाली से काम नहीं चलेगा, बल्कि सुधारात्मक और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना होगा. इससे CCL और CNCP श्रेणी के बच्चों को सुरक्षा के साथ मुख्यधारा से जोड़कर उनके समुचित विकास को सुनिश्चित किया जा सकता है.
पुलिस की भूमिका सबसे अहम
आयुक्त ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने सभी पुलिस पदाधिकारियों से अपील की कि वे कानूनी प्रावधानों को समझते हुए संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा प्रभावी ढंग से हो सके.
जिला पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनके बेहतर पालन-पोषण से ही समाज और राष्ट्र का विकास संभव है. उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को सही वातावरण और अवसर नहीं मिलते हैं, तो उनका विकास प्रभावित होता है. इसलिए सभी को बच्चों के प्रति जागरूक और संवेदनशील रहना चाहिए, ताकि उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर मिल सकें.
हर बच्चे को मिले समान अवसर
पुलिस अधीक्षक बांका उपेंद्रनाथ वर्मा ने कहा कि यह राज्य की जिम्मेदारी है कि हर बच्चे को समुचित विकास के लिए अनुकूल वातावरण मिले. उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे को अवसरों से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए और सभी को समान रूप से आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए.
इस दौरान नगर पुलिस अधीक्षक भागलपुर और उप विकास आयुक्त बांका ने भी अपने विचार साझा किए और बाल संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की. कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों को यूनिसेफ के स्टेट कोऑर्डिनेटर अजय झा द्वारा विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया, जिसमें बाल अधिकारों से जुड़े कानूनी और सामाजिक पहलुओं की जानकारी दी गई.
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