Tej Pratap Yadav: बिहार चुनाव के ठीक एक दिन बाद लालू परिवार में एक और हलचल तेज हो गई. 15 नवंबर को रोहिणी आचार्य ने न केवल राजनीति से किनारा करने का ऐलान किया बल्कि परिवार से दूरी बनाने की बात भी कही. साथ ही उन्होंने संजय यादव और रमीज पर दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया. इस विवाद ने अचानक नया मोड़ तब ले लिया जब जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी.
‘बहन का अपमान बर्दाश्त नहीं’ – तेज प्रताप
जनशक्ति जनता दल के इंस्टाग्राम अकाउंट से साझा किए गए एक पोस्ट में तेज प्रताप यादव ने लिखा कि कल की घटना ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया है. उनके मुताबिक, अपने ऊपर हुए अपमान को वे सह गए, लेकिन बहन के प्रति हुए व्यवहार को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने चेतावनी दी कि परिवार पर चोट करने वालों को बिहार की जनता माफ नहीं करेगी.
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‘जयचंदों ने तेजस्वी की सोच पर डाल दिया पर्दा’
पोस्ट में आगे लिखा गया कि जैसे ही रोहिणी के चप्पल उठाने का मामला पता चला, वे भीतर से आहत हो उठे और वह पीड़ा अब गुस्से में बदल चुकी है. तेज प्रताप का कहना है कि कुछ लोगों ने तेजस्वी यादव की समझ पर भी परदा डाल दिया है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस अन्याय का परिणाम बेहद कठोर होगा और समय इसका हिसाब अवश्य करेगा.

लालू यादव से तेज प्रताप का आग्रह
तेज प्रताप ने अपने पिता और RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव से सीधे निवेदन किया कि बस एक संकेत दे दें. उनका दावा है कि यदि पिता ने इशारा भर कर दिया, तो बिहार की जनता ‘इन जयचंदों’ को खुद ही सबक सिखा देगी. उन्होंने इसे किसी राजनीतिक दल की लड़ाई नहीं, बल्कि परिवार, बेटी की गरिमा और बिहार के स्वाभिमान की लड़ाई बताया. पोस्ट के अंत में उन्होंने हस्ताक्षर करते हुए लिखा— “तेजप्रताप यादव, एक बेटा और भाई.”

पार्टी से निष्कासन के बाद अपनी राह पर तेज प्रताप
इंस्टाग्राम पोस्ट में ‘बहन के लिये’ भी लिखा गया है, जिससे साफ है कि रोहिणी आचार्य के बयान ने तेज प्रताप को गहराई से प्रभावित किया है. हालांकि अब सभी की निगाहें इस पर हैं कि वे अगला कदम क्या उठाते हैं. उल्लेखनीय है कि अनुष्का यादव से जुड़े विवाद के बाद लालू यादव ने तेज प्रताप को पार्टी और परिवार दोनों से बाहर कर दिया था. इसके बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी बनाई और महुआ सीट से चुनाव लड़ा, परंतु हार का सामना करना पड़ा.
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