Dhanbad Civic Polls Results: धनबाद नगर निगम के मेयर पद के लिए जारी मतगणना ने शहर की राजनीति में जबरदस्त हलचल पैदा कर दी है. शुक्रवार देर रात तक चली गिनती के बाद भी अंतिम नतीजे घोषित नहीं हो सके. अब शनिवार को शेष राउंड की मतगणना के साथ तस्वीर पूरी तरह साफ होगी. शुरुआती रुझानों में विधायक रागिनी सिंह के पति और पूर्व विधायक संजीव सिंह ने उल्लेखनीय बढ़त बना ली है.
शुरुआती राउंड में बढ़त ने बढ़ाया सस्पेंस
जिला प्रशासन की ओर से अब तक दो राउंड के आधिकारिक आंकड़े जारी किए गए हैं. इन राउंड में संजीव सिंह को 28,377 मत मिले, जबकि दूसरे स्थान पर चंद्रशेखर अग्रवाल 18,433 वोटों के साथ पीछे चल रहे हैं. भाजपा समर्थित प्रत्याशी संजीव कुमार को 15,789 मत प्राप्त हुए हैं. कांग्रेस समर्थित शमशेर आलम अंसारी को 10,246 वोट मिले.
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अन्य उम्मीदवारों में इंदु देवी को 4,096, प्रकाश कुमार को 4,194 और रवि चौधरी को 728 मत प्राप्त हुए हैं. शुरुआती आंकड़ों से साफ संकेत मिलता है कि मुकाबला मुख्य रूप से चार प्रमुख उम्मीदवारों के बीच सिमट गया है. हालांकि अब तक की गिनती में संजीव सिंह ने लगभग 9,944 मतों की बढ़त बना ली है, जो चुनावी समीकरण को एकतरफा दिशा में ले जाती दिख रही है.
भाजपा समीकरण और बदली राजनीतिक रणनीति
इस चुनाव की सबसे खास बात यह है कि शीर्ष तीनों उम्मीदवारों का किसी न किसी रूप में भाजपा से जुड़ाव रहा है. संजीव कुमार को भाजपा का आधिकारिक समर्थन प्राप्त है, जबकि संजीव सिंह स्वयं झरिया से भाजपा विधायक रह चुके हैं और उनकी पत्नी वर्तमान में भाजपा विधायक हैं.
दूसरी ओर, चंद्रशेखर अग्रवाल ने शुरुआत में भाजपा के समर्थन की उम्मीद में नामांकन किया था, लेकिन स्पष्ट समर्थन नहीं मिलने पर उन्होंने 2 फरवरी को झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) का दामन थाम लिया. इस घटनाक्रम ने चुनाव को पारंपरिक पार्टी लाइन से हटाकर व्यक्तिगत प्रभाव, क्षेत्रीय पकड़ और स्थानीय नेटवर्क की परीक्षा बना दिया है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि धनबाद में इस बार मतदाताओं ने पार्टी से अधिक उम्मीदवार की छवि और जमीनी सक्रियता को महत्व दिया है.
55 वार्डों के साथ मेयर पद पर नजर
धनबाद नगर निगम के मेयर के साथ-साथ 55 वार्ड पार्षदों के लिए भी मतगणना जारी है. प्रशासन ने गिनती के लिए दो दिन निर्धारित किए हैं. प्रत्येक राउंड में 117 टेबल पर मतों की गिनती की जा रही है. शुक्रवार शाम तक चार राउंड पूरे हो चुके थे, जबकि शेष राउंड शनिवार को पूरे किए जाएंगे.
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दूसरे स्थान पर चल रहे चंद्रशेखर अग्रवाल अंतिम राउंड में अंतर कम कर पाएंगे या भाजपा समर्थित संजीव कुमार कोई बड़ा उलटफेर कर पाएंगे. चौथे स्थान पर चल रहे शमशेर आलम अंसारी भी अंतिम चरण से उम्मीद लगाए हुए हैं.
अंतिम नतीजों पर टिकी शहर की नजर
फिलहाल रुझान संजीव सिंह के पक्ष में मजबूत दिख रहे हैं, लेकिन अंतिम घोषणा से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. नगर निगम की कमान किसके हाथ में जाएगी, इसका फैसला शनिवार की गिनती के बाद ही स्पष्ट होगा.
धनबाद की राजनीति में यह चुनाव सिर्फ एक पद का नहीं, बल्कि प्रभाव और पकड़ की परीक्षा बन गया है. अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या मौजूदा बढ़त कायम रहती है या आखिरी राउंड कोई नई कहानी लिखता है.
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