12.1 C
Delhi
Sunday, January 25, 2026
- Advertisment -

ब्रेकिंग वीडियो

UGC New Guidelines 2026 : नए नियम लागू होते ही मचा घमासान; जानें क्यों सोशल मीडिया पर छिड़ी तीखी बहस

UGC New Guidelines 2026 : देशभर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में 15 जनवरी 2026 से UGC का नया Equity नियम लागू हो चुका है. नए दिशा-निर्देशों को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखी बहस देखने को मिल रही है. जहां कुछ लोग इसे समानता की दिशा में कदम बता रहे हैं, वहीं कई यूजर्स इसका विरोध कर रहे हैं.

UGC New Guidelines 2026 : देशभर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में 15 जनवरी 2026 से यूजीसी का नया रेगुलेशन “Promotion of Equity in Higher Education Institutions 2026” लागू हो चुका है. इस नए नियम के सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसे लेकर तीखी बहस शुरू हो गई है. हर कुछ घंटों में इस मुद्दे पर नए पोस्ट और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.

सोशल मीडिया पर राय दो हिस्सों में बंटी नजर आ रही है. कुछ लोग इसे समानता की दिशा में जरूरी कदम बता रहे हैं, जबकि कई यूजर्स का कहना है कि यह नियम एकतरफा है और इससे असंतुलन पैदा हो सकता है.

UGC New Guidelines Dispute: विवाद की जड़ क्या है?

यूजीसी के नए नियम को लेकर उठ रहे विरोध के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण बताए जा रहे हैं. इन्हीं बिंदुओं को लेकर छात्र और शिक्षक सबसे ज्यादा चिंता जता रहे हैं.

Equity Squad को लेकर चिंता

स्टूडेंट्स और शिक्षकों का कहना है कि Equity Squads की व्यवस्था से कैंपस में निगरानी जैसा माहौल बन सकता है. उन्हें डर है कि इससे छोटी-छोटी बातों पर शिकायतें और जांच की प्रक्रिया शुरू हो सकती है, जिससे अकादमिक स्वतंत्रता प्रभावित होगी.

UGC New Guidelines 2026 : नए नियम लागू होते ही मचा घमासान; जानें क्यों सोशल मीडिया पर छिड़ी तीखी बहस UGC New Guidelines 2026
UGC New Guidelines 2026

झूठे मामलों का डर

नए नियमों के तहत फर्जी या गलत आरोप लगने की आशंका भी जताई जा रही है. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स का कहना है कि किसी पर भी भेदभाव का आरोप लगाया जा सकता है, जिससे उसकी पढ़ाई, करियर और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंच सकता है.

इसे भी पढ़ें-बिहार के इस जिले में निःशुल्क शिक्षा व आवासन के लिए आवेदन शुरू, 1 मार्च को परीक्षा

No to UGC Discrimination: X पर क्या चल रहा है?

यूजीसी के नए रेगुलेशन को लेकर X पर विरोध और समर्थन दोनों देखने को मिल रहे हैं. कुछ यूजर्स इस नियम के खिलाफ ईमेल अभियान चला रहे हैं, वहीं कई छात्र संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता खुलकर अपनी राय रख रहे हैं.

एक यूजर ने लिखा कि उसके बच्चे का भविष्य किसी भी हालत में खतरे में नहीं पड़ना चाहिए और यूजीसी को यह नियम वापस लेना चाहिए. वहीं एक अन्य पोस्ट में कहा गया कि सवर्ण वर्ग में जन्म लेने वालों को इस नियम का विरोध करना चाहिए.

सोशल मीडिया पर #StopDiscrimination और #NoToUGCDiscrimination जैसे हैशटैग भी ट्रेंड कर रहे हैं.

Nishikant Dubey On X: भाजपा सांसद का बयान

यूजीसी नियमों को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं. भाजपा सांसद निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey)  ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि “नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनकर सवर्ण समाज को सर्वोच्च न्यायालय से मान्यता दिलाकर 10 प्रतिशत आरक्षण दिया, यही सत्य है, उनके रहते सवर्ण जाति के बच्चों को कोई भी नुकसान नहीं होगा. बाबा साहब आंबेडकर के बनाए संविधान के आर्टिकल 14 का अनुपालन संविधान की मूल भावना है.”

बहस जारी, नजरें आगे के फैसलों पर

फिलहाल यूजीसी के नए नियम को लेकर देशभर में चर्चा और बहस जारी है. जहां एक ओर इसे समानता को मजबूत करने वाला कदम बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसके दुरुपयोग और प्रभाव को लेकर आशंकाएं भी सामने आ रही हैं. आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तेज होने की संभावना है.

इसे भी पढ़ें- एक अंक से चूकीं, फिर रैंक 21 हासिल कर मृदुपाणि नंबी बनीं अधिकारी

इसे भी पढ़ें-ऑनलाइन पैटर्न पर होगी डीएलएड प्रवेश परीक्षा, तारीख तय; 150 मिनट में हल करने होंगे 120 प्रश्न

- Advertisement -
HelloCities24
HelloCities24
HelloCities24 हिंदी में ब्रेकिंग न्यूज, पॉलिटिक्स, बॉलीवुड, खेल और मनोरंजन से जुड़ी ताजा खबरें लाता है. अपने शहर की बड़ी खबरें सबसे पहले पाएं HelloCities24 पर — भरोसेमंद हिंदी न्यूज प्लेटफॉर्म.
संबंधित खबरें

जरूर पढ़ें

- Advertisment -
Patna
haze
19 ° C
19 °
19 °
77 %
2.1kmh
0 %
Sun
19 °
Mon
26 °
Tue
26 °
Wed
25 °
Thu
26 °

ट्रेंडिंग टॉपिक्स

- Advertisment -

अन्य खबरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here