US Iran Ceasefire: ईरान और अमेरिका के बीच 14 दिन का अस्थायी संघर्षविराम लागू हो गया है. इस दौरान दोनों पक्ष किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई नहीं करेंगे. हालांकि, इस समझौते के पीछे पाकिस्तान की पहल के साथ-साथ चीन की भूमिका भी सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक, चीन ने ईरानी अधिकारियों से संपर्क कर उन्हें अमेरिका के साथ वार्ता और युद्धविराम के विकल्प अपनाने के लिए राजी किया. चीन ईरान का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार होने के कारण उसका प्रभाव इस बार निर्णायक साबित हुआ.
चीन ने किया मध्यस्थों के साथ काम
सूत्रों का कहना है कि चीन मुख्य रूप से पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र जैसे मध्यस्थ देशों के माध्यम से ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता की संभावनाओं को बढ़ावा दे रहा है. चीन की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने पहले कहा था कि सभी पक्षों को ईमानदारी दिखानी चाहिए और संघर्ष को जल्द खत्म करने की कोशिश करनी चाहिए. उनका यह भी कहना था कि यह युद्ध वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है.
अमेरिका-ईरान संघर्षविराम — इस्लामाबाद में वार्ता संभव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्षविराम पर सहमति जताते हुए कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और फील्ड मार्शल के अनुरोध पर यह कदम उठाया गया. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने भी दो सप्ताह के संघर्षविराम को मंजूरी दे दी. इस दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रहेगी.
पाकिस्तान ने वार्ता का न्योता दिया
सीजफायर के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान को इस्लामाबाद में अगले सप्ताह बैठक का निमंत्रण दिया है. इसका मकसद दोनों देशों के बीच लंबित विवादों का समाधान करना बताया गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि उन्हें ईरान से 10-बिंदु प्रस्ताव मिला है, जिसे वार्ता का आधार माना जाएगा.
अमेरिका ने हासिल कर लिए लक्ष्य, समझौते की राह साफ
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि युद्ध की स्थिति में अमेरिका ने अपने सैन्य लक्ष्यों को पूरा कर लिया है. अब दो सप्ताह के संघर्षविराम का उपयोग दीर्घकालिक शांति समझौते पर बातचीत के लिए किया जाएगा. ट्रंप ने यह भी कहा कि मिडिल ईस्ट में स्थिरता और शांति के लिए यह समझौता महत्वपूर्ण होगा और कई विवादित मुद्दों पर सहमति बन चुकी है.
इसे भी पढ़ें-ट्रंप का ऐलान: होर्मुज में अमेरिका रहेगा तैनात, सीजफायर को कहा—विश्व शांति का बड़ा दिन
इसे भी पढ़ें-14 दिन के लिए थमेगा हमला! होर्मुज खोलेगा ईरान; पाकिस्तान में होगी अगली बातचीत

