Bangladesh News : बांग्लादेश में आगामी राष्ट्रीय संसदीय चुनाव से पहले अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर हालात लगातार चिंताजनक होते जा रहे हैं. देश के अलग-अलग हिस्सों से हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं और ताजा मामला एक हिंदू युवक की संदिग्ध मौत से जुड़ा है. इस घटना ने एक बार फिर अल्पसंख्यकों की स्थिति और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
तालाब में कूदने के बाद गई युवक की जान
ताजा मामला बांग्लादेश के उत्तरी हिस्से में स्थित नाओगांव जिले के मोहादेवपुर क्षेत्र का है. यहां मिथुन सरकार नामक एक हिंदू युवक की मौत हो गई. आरोप है कि कुछ लोगों ने उसे चोरी के संदेह में घेर लिया और उसका पीछा किया. खुद को बचाने के प्रयास में युवक पास के जलाशय में कूद गया, लेकिन तैरना न आने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका और डूब गया.
#BREAKING: Yet Another Hindu Killed in Bangladesh. Minority Hindu Youth dies in Bangladesh by jumping into a canal after being chased by a mob. In Mahadebpur of Naogaon, a young man named Mithun Sarkar (25) died after drowning while being chased by locals on suspicion of theft. pic.twitter.com/leXEFgPvCf
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) January 6, 2026
पुलिस ने क्या बताया?
नाओगांव के पुलिस अधीक्षक मोहम्मद तारिकुल इस्लाम ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस और फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकाला गया. पुलिस के अनुसार शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले की जांच की जा रही है. फिलहाल किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.
चुनाव नजदीक, बढ़ती हिंसा
बांग्लादेश में 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव की तारीख जैसे-जैसे पास आ रही है, वैसे-वैसे सांप्रदायिक तनाव बढ़ता नजर आ रहा है. हाल के हफ्तों में कई हिंसक घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को निशाना बनाया गया है. हालात उस समय और बिगड़े, जब दिसंबर में एक राजनीतिक मंच से जुड़े व्यक्ति उस्मान हादी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इलाज के दौरान उनकी मौत के बाद से हिंसा की घटनाओं में तेजी देखी गई.
बीते दिनों में कई मौतें
पिछले करीब 20 दिनों में कम से कम सात लोगों की जान जाने की खबरें सामने आई हैं. इनमें एक फैक्ट्री कर्मचारी दीपू चंद्र दास की मॉब लिंचिंग की घटना भी शामिल है, जिसमें पहले उसे पीटा गया और बाद में उसका शव पेड़ से बांधकर जला दिया गया. इसके अलावा अलग-अलग इलाकों में हिंदू व्यापारियों और आम नागरिकों पर हमले किए गए.
व्यापारियों को बनाया गया निशाना
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नरसिंदी शहर में एक किराना दुकानदार मोनी चक्रवर्ती की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई. पुलिस के मुताबिक यह घटना देर रात बाजार इलाके में हुई. बताया गया कि मोनी हाल के हफ्तों में मारे गए तीसरे हिंदू कारोबारी थे.
इसके अलावा जेसोर जिले में राणा प्रताप बैरागी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. वह एक स्थानीय अखबार से जुड़े थे और शाम के समय बाजार में मौजूद थे, जब अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला किया.
आगजनी, डकैती और धमकी की घटनाएं
जानलेवा हमलों के साथ-साथ अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की संपत्तियों को भी निशाना बनाया जा रहा है. लक्ष्मीपुर जिले में एक किसान की धान की फसल में आग लगा दी गई. वहीं चट्टोग्राम, कुमिल्ला और शरियतपुर जैसे इलाकों में घरों में डकैती, लूटपाट और परिवारों को बंधक बनाने की घटनाएं सामने आई हैं.
संगठनों ने जताई चिंता
बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के अनुसार, केवल दिसंबर महीने में ही अल्पसंख्यकों के खिलाफ कम से कम 51 हिंसक घटनाएं दर्ज की गईं. इनमें हत्याएं, लूट-डकैती, मंदिरों और घरों पर हमले, जमीन पर कब्जा, आगजनी और झूठे आरोपों में गिरफ्तारी के मामले शामिल हैं. संगठन का कहना है कि जनवरी के पहले सप्ताह में भी यह सिलसिला थमा नहीं है.
डर का माहौल
लगातार हो रही इन घटनाओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय के बीच डर का माहौल बना दिया है. चुनाव से पहले कानून-व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पुलिस और प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है कि वे हिंसा की इन घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करें और हालात को काबू में लाएं.
इसे भी पढ़ें-लंदन में फिलिस्तीन का दूतावास खुला, नए साल की शुरुआत ऐतिहासिक पल के साथ
इसे भी पढ़ें-हमलों का भयावह दौर जारी, 2 हिंदुओं की हत्या, विधवा पर हमला, यूनुस प्रशासन मौन

