Jharkhand Weather Forecast: झारखंड में गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है. राज्य के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बादल, बारिश, तेज हवा और वज्रपात का असर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि 31 मार्च से लेकर 4 अप्रैल तक मौसम लगातार बदलता रह सकता है. खासकर खुले इलाकों, खेतों और सड़कों पर रहने वालों के लिए यह अवधि सतर्कता वाली मानी जा रही है. कई जगहों पर तेज हवा के कारण बिजली व्यवस्था और सामान्य गतिविधियों पर भी असर पड़ने की आशंका है. ऐसे में मौसम के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा.
31 मार्च से बारिश और तेज हवा का असर
मौसम केंद्र रांची की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 31 मार्च को उत्तर-पश्चिमी जिलों को छोड़कर झारखंड के अधिकतर हिस्सों में मौसम सक्रिय रह सकता है. कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है. इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के आसार हैं. तेज हवा और गर्जन के कारण कुछ जिलों में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.
तापमान में भी रहेगा लगातार बदलाव
मौसम के इस बदले तेवर का असर तापमान पर भी दिखेगा. विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है. इसके बाद अगले 24 घंटे में तापमान 2 से 3 डिग्री तक नीचे आ सकता है. फिर उसके बाद दोबारा 3 से 4 डिग्री तक बढ़त दर्ज होने की संभावना है. इस तरह गर्मी और ठंडक के बीच अचानक बदलाव लोगों की सेहत पर असर डाल सकता है.
1 से 4 अप्रैल तक ऐसा रहेगा मौसम
1 अप्रैल को दक्षिणी झारखंड के कुछ हिस्सों में गर्जन और बादल का असर बना रह सकता है. 2 अप्रैल को दक्षिणी, पश्चिमी और मध्य झारखंड में बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है. वहीं 3 और 4 अप्रैल को भी राज्य के अधिकांश इलाकों में बादल छाए रह सकते हैं और हल्की से मध्यम बारिश होने के संकेत हैं. यानी अप्रैल की शुरुआत भी झारखंड में सुहाने नहीं, बल्कि अस्थिर मौसम के साथ होने जा रही है.
वज्रपात और आंधी के दौरान बरतें सावधानी
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अतिरिक्त सतर्कता रखें. वज्रपात के समय खुले मैदान, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभे और खुले छत वाले स्थानों से दूर रहें. किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को खास सावधानी बरतने को कहा गया है. जैसे ही मौसम बिगड़ने के संकेत मिलें, तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचना बेहतर होगा. छोटी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है.
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