Bihar Assistant Professor Recruitment New Rules: बिहार सरकार ने विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति प्रक्रिया को नए ढांचे में ढालने का फैसला किया है. इसके तहत अब शिक्षकों का चयन मुख्य रूप से लिखित परीक्षा पर आधारित होगा, जबकि इंटरव्यू का योगदान सीमित रहेगा. चयन प्रक्रिया पूरी तरह बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) द्वारा संचालित होगी.
लिखित परीक्षा: चयन 200 अंकों के आधार पर तय होगा
अब नियुक्ति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा लिखित परीक्षा होगी, जिसका कुल अंक 160 हैं. इसके अलावा इंटरव्यू के लिए 40 अंक अलग से निर्धारित किए गए हैं. इस प्रकार कुल चयन 200 अंकों के आधार पर तय होगा.
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लिखित परीक्षा का वेटेज 80% होगा और इंटरव्यू का 20% रखा गया है. परीक्षा का समय तीन घंटे होगा. क्वालिफाइंग मार्क्स सामान्य वर्ग के लिए 50% और आरक्षित वर्ग व दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 45% तय किए गए हैं.
मास्टर डिग्री में न्यूनतम 55% अंक होना जरूरी
असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित विषय में मास्टर डिग्री में न्यूनतम 55% अंक होना जरूरी है.
एससी, एसटी, इबीसी, बीसी और दिव्यांग उम्मीदवारों को 5% अंक की छूट मिलेगी. इसके साथ ही उम्मीदवार का NET, SET, SLET या पीएचडी उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा.
ऑल इंडिया स्तर पर जारी होगा विज्ञापन
डोमिसाइल नियम अब इस प्रक्रिया में लागू नहीं होंगे. सभी पदों के लिए ऑल इंडिया स्तर पर विज्ञापन जारी किया जाएगा.
हर विश्वविद्यालय अपने रिक्त पदों की जानकारी उच्च शिक्षा विभाग को देगा. विभाग इसे समेकित करके BSUSC को भेजेगा. आयोग इसके आधार पर विषयवार चयन प्रक्रिया शुरू करेगा.
आयु सीमा और आरक्षण
नए नियमों के अनुसार असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए न्यूनतम आयु 23 वर्ष और अधिकतम आयु 45 वर्ष निर्धारित की गई है.
सरकार के नियमों के अनुसार आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु में छूट मिलेगी.
मेरिट लिस्ट और चयन मानदंड
लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के कुल अंकों के आधार पर विषयवार मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी.
- यदि दो अभ्यर्थियों के अंक समान होंगे, तो लिखित परीक्षा में अधिक अंक पाने वाले को प्राथमिकता मिलेगी.
- फिर भी अगर अंक समान रहें, तो आयु अधिक वाले अभ्यर्थी को चयन में बढ़त दी जाएगी.
चयनित उम्मीदवारों की सूची उच्च शिक्षा विभाग को भेजी जाएगी, जो संबंधित विश्वविद्यालय को भेजेगा. विश्वविद्यालय कुलपति की सिफारिश के आधार पर नियुक्ति पत्र जारी करेगा.
ज्वाइनिंग और सेवा अवधि
नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अभ्यर्थी को एक महीने के भीतर ज्वाइनिंग करनी होगी.
विशेष परिस्थितियों में यह अवधि छह महीने तक बढ़ाई जा सकती है. नियुक्ति के बाद शिक्षक को कम से कम पांच वर्ष तक उसी विश्वविद्यालय में सेवा देनी होगी.
मुख्य बिंदु
- लिखित परीक्षा 160 अंक, इंटरव्यू 40 अंक
- चयन में लिखित परीक्षा का वेटेज 80%
- क्वालिफाइंग अंक: सामान्य 50%, आरक्षित 45%
- मास्टर डिग्री में न्यूनतम 55% अंक
- NET/SET/SLET या पीएचडी आवश्यक
- आयु सीमा: 23–45 वर्ष, आरक्षित वर्ग को छूट
- नियुक्ति के बाद पांच वर्ष तक सेवा अनिवार्य
- डोमिसाइल नीति लागू नहीं
- ऑल इंडिया स्तर पर विज्ञापन जारी
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