LPG Cylinder Booking Rules Changed: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच केंद्र सरकार ने रसोई गैस की सप्लाई पर सख्ती बढ़ा दी है. जमाखोरी और कालाबाजारी की आशंका को देखते हुए LPG सिलेंडर की बुकिंग व्यवस्था में बदलाव किया गया है. अब उपभोक्ता एक रिफिल लेने के बाद 25 दिन पूरे होने से पहले दूसरा सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे.
अफरा-तफरी में बढ़ी जल्दी बुकिंग, इसलिए बदला नियम
सरकारी सूत्रों के अनुसार हाल के दिनों में कई उपभोक्ता एहतियात के तौर पर पहले से कहीं जल्दी सिलेंडर बुक करने लगे थे. पहले जहां लोग औसतन 50 से 55 दिनों के बीच अगला सिलेंडर बुक करते थे, वहीं अब कई लोग 15-20 दिन के अंदर ही दोबारा बुकिंग करने लगे.
Govt Sources say –
— ANI (@ANI) March 9, 2026
* Petrol and Diesel prices are unlikely to increase as we have enough stock. Unless crude oil prices breach USD 130, petrol-diesel prices are unlikely to increase. We expect crude oil prices to be around $100 per barrel.
* No problem of shortage of petrol… pic.twitter.com/PGo8SB4wFl
इस प्रवृत्ति से सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ने और स्टॉक जमा होने का खतरा पैदा हो गया था. इसी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने बुकिंग के बीच का न्यूनतम अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है. इसका मकसद जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक समय पर सिलेंडर पहुंचाना है.
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घरेलू गैस सप्लाई को दी जाएगी प्राथमिकता
सरकार ने तेल रिफाइनरियों और गैस कंपनियों को निर्देश दिया है कि घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाए. इसके लिए उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ कमर्शियल सिलेंडरों की तुलना में घरेलू LPG सप्लाई को पहले सुनिश्चित करने को कहा गया है.
अधिकारियों का कहना है कि यह कदम एहतियाती तौर पर उठाया गया है ताकि किसी भी स्थिति में आम लोगों को रसोई गैस की कमी का सामना न करना पड़े.
पेट्रोल-डीजल को लेकर क्या है स्थिति
कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद फिलहाल देश में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर चिंता की बात नहीं बताई जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक भारत के पास पर्याप्त तेल भंडार मौजूद है.
कीमतों पर भी सरकार की नजर
सूत्रों के अनुसार जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत लगभग 130 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर नहीं जाती, तब तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़े बदलाव की संभावना कम मानी जा रही है. फिलहाल सरकार को उम्मीद है कि तेल की कीमतें करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रह सकती हैं.
कच्चे तेल की सप्लाई के लिए नए विकल्प
तेल आपूर्ति में संभावित बाधाओं को देखते हुए भारत वैकल्पिक मार्गों से कच्चा तेल मंगाने की प्रक्रिया भी तेज कर रहा है. खासकर खाड़ी क्षेत्र में किसी भी तरह की रुकावट से बचने के लिए अलग-अलग स्रोतों और रास्तों पर ध्यान दिया जा रहा है.
हवाई ईंधन को लेकर घबराने की जरूरत नहीं
एविएशन सेक्टर के लिए भी राहत की बात यह है कि भारत हवाई ईंधन (ATF) का बड़ा उत्पादक और निर्यातक है. ऐसे में मौजूदा हालात में विमानों के ईंधन की कमी की आशंका बहुत कम बताई जा रही है.
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