Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने बुधवार को 10 और सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिये. इस सूची में सबसे प्रमुख नाम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभांकर सरकार का है, जिन्हें हुगली जिले की श्रीरामपुर विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतारा गया है. पार्टी का यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि शुभांकर सरकार पहले भी इसी सीट से चुनाव लड़ चुके हैं. कांग्रेस ने उन्हें दोबारा मौका देकर साफ संकेत दिया है कि वह पुराने राजनीतिक आधार और परिचित चेहरों पर भरोसा कायम रखे हुए है.
शुभांकर सरकार ने वर्ष 2016 में वाम दलों के साथ गठबंधन के दौरान श्रीरामपुर सीट से चुनाव लड़ा था. उस चुनाव में उन्हें तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार सुदीप्ता रॉय के हाथों हार का सामना करना पड़ा था. अब करीब एक दशक बाद कांग्रेस ने एक बार फिर उन्हें उसी क्षेत्र से उतारकर चुनावी संदेश देने की कोशिश की है. माना जा रहा है कि पार्टी इस सीट पर पुराने समीकरण और संगठनात्मक पकड़ को दोबारा सक्रिय करना चाहती है.
गाजोल सीट पर बदला प्रत्याशी
कांग्रेस की नई सूची में गाजोल विधानसभा क्षेत्र भी चर्चा में है, जहां पार्टी ने अपना उम्मीदवार बदल दिया है. पहले इस सीट से संजय सरकार को उम्मीदवार बनाया गया था, लेकिन अब उनकी जगह प्रेम चौधरी को टिकट दिया गया है. इसे स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक समीक्षा और चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
नई सूची में जिन अन्य नामों की घोषणा की गयी है, उनमें अलीपुरदुआर से मृण्मय सरकार, इस्लामपुर से गुड्डी रियाज, फरक्का से महताब शेख, सागरदिघी से मनोज चक्रवर्ती, बेलडांगा से शहरुद्दीन शेख, बदुरिया से काजी अब्दुल रहीम, अशोकनगर से अंगशुमन रॉय और पटाशपुर से प्रणब कुमार महापात्र शामिल हैं. इन नामों के जरिए कांग्रेस ने अलग-अलग जिलों में अपनी चुनावी तैयारी को लगभग अंतिम रूप दे दिया है.
बदुरिया से काजी अब्दुल रहीम को टिकट
कांग्रेस ने उत्तर 24 परगना जिले की बदुरिया सीट से काजी अब्दुल रहीम को प्रत्याशी बनाया है. यह नाम इसलिए महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि वह हाल ही में तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर कांग्रेस में शामिल हुए हैं. तृणमूल से टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ी और अब कांग्रेस ने उन्हें तुरंत चुनावी मैदान में उतार दिया है.
काजी अब्दुल रहीम का इस सीट से पुराना राजनीतिक रिश्ता रहा है. वर्ष 2016 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर इसी क्षेत्र से जीत दर्ज की थी. बाद में वे तृणमूल कांग्रेस में चले गये और उसी क्षेत्र से दोबारा विधायक बने. अब कांग्रेस में उनकी वापसी को पार्टी अपने पक्ष में एक राजनीतिक मौके के तौर पर देख रही है. इससे बदुरिया सीट पर मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना बढ़ गयी है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने 10 और उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है.
नई सूची में प्रदेश अध्यक्ष शुभांकर सरकार को श्रीरामपुर से टिकट दिया गया है.
इसके साथ ही पार्टी ने 294 में से 293 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार दिये हैं.
294 में 293 सीटों पर कांग्रेस ने उतारे उम्मीदवार
इस ताजा सूची के बाद कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 में से 293 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिये हैं. इससे पहले पार्टी 284 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर चुकी थी. उस सूची में कई बड़े नेताओं को भी मैदान में उतारा गया था.
कांग्रेस इस बार पश्चिम बंगाल में किसी गठबंधन का हिस्सा बने बिना अकेले चुनाव लड़ रही है. पार्टी ने राज्य इकाई के पूर्व अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी को बहरामपुर और पूर्व सांसद मौसम नूर को मालतीपुर से उम्मीदवार बनाया है. अब लगभग पूरी सूची साफ होने के बाद कांग्रेस चुनाव प्रचार और क्षेत्रीय अभियान को तेज करने की तैयारी में जुट गयी है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव इस बार दो चरणों में कराये जायेंगे. पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा. इसके बाद 4 मई को मतगणना करायी जायेगी. उम्मीदवारों की तस्वीर लगभग पूरी तरह साफ हो जाने के बाद अब सभी दलों की नजर प्रचार, जातीय-सामाजिक समीकरण और बूथ प्रबंधन पर टिक गयी है.
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