Bihar Education : बिहार में डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के 5904 विद्यालयों में आईसीटी लैब स्थापित करने की मंजूरी दी है. इसके लिए राज्य को कुल 377.85 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे. इस योजना के तहत माध्यमिक, उच्च माध्यमिक और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय शामिल होंगे. इससे लाखों छात्र-छात्राओं को आधुनिक तकनीक के साथ पढ़ाई का अवसर मिलेगा और उनकी शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ेगी. शिक्षा विभाग ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है और मई माह से काम शुरू होने की संभावना जताई जा रही है.
प्रत्येक स्कूल में 6.40 लाख की लागत
चयनित प्रत्येक विद्यालय में ICT लैब स्थापित करने पर 6.40 लाख रुपये खर्च होंगे. इस राशि से प्रत्येक स्कूल को आधुनिक तकनीकी उपकरण और सॉफ़्टवेयर उपलब्ध कराए जाएंगे. केंद्र सरकार ने ई-मेल के जरिए शिक्षा विभाग को इस योजना की जानकारी दी है. योजना के तहत कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा. इससे स्कूलों में तकनीकी संसाधनों की कमी दूर होगी और छात्रों को डिजिटल शिक्षा का अनुभव मिलेगा.
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पहले से 1987 स्कूलों में ICT लैब
राज्य में पहले ही 1987 माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में ICT लैब स्थापित की जा चुकी हैं. ये लैब पिछले दो वर्षों में केंद्रीय सहायता से बनाई गई हैं. शिक्षा विभाग ने कुल 9360 स्कूलों में लैब स्थापना का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन केंद्र ने फिलहाल 5904 स्कूलों को स्वीकृति दी है. इस योजना के बाद ICT लैब वाले स्कूलों की संख्या बढ़कर 7891 हो जाएगी. इससे डिजिटल शिक्षा का दायरा और व्यापक होगा.
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं को लाभ
नई स्वीकृति में 627 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय भी शामिल हैं. यहां पढ़ने वाली छात्राओं को आधुनिक तकनीक के साथ शिक्षा का लाभ मिलेगा. आवासीय विद्यालयों में पढ़ रही बेटियों को तकनीकी ज्ञान प्राप्त होगा. इससे उनकी पढ़ाई और भविष्य दोनों मजबूत होंगे. सरकार का लक्ष्य है कि हर वर्ग तक तकनीकी शिक्षा पहुंचे. यह पहल बालिका शिक्षा को नई दिशा देने में सहायक होगी.
प्रारंभिक स्कूलों में भी विस्तार की योजना
शिक्षा विभाग प्रारंभिक विद्यालयों में भी ICT लैब शुरू करने की योजना बना रहा है. राज्य के 31,297 मध्य विद्यालयों को इसमें शामिल करने का लक्ष्य है. कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को तकनीक आधारित शिक्षा दी जाएगी. फिलहाल 1203 प्रारंभिक विद्यालयों में ICT लैब संचालित हैं. आने वाले समय में इसका विस्तार तेजी से किया जाएगा. इससे छोटे स्तर पर ही डिजिटल शिक्षा की नींव मजबूत होगी.
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