Bangladesh Violence : बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हाल की हिंसा ने नया रूप ले लिया है. पिछले 24 घंटों में दो हिंदुओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई और एक हिंदू विधवा के साथ हिंसक हमला हुआ. ये घटनाएं पिछले एक महीने में लगातार बढ़ रही हिंसा की श्रृंखला को दर्शाती हैं और देश में कानून व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर करती हैं. सोमवार की घटनाओं ने बांग्लादेश में आम चुनाव से पहले सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
24 घंटे में दो अलग-अलग हत्याएं
सोमवार को जेस्सोर जिले के मोनिरामपुर में 45 वर्षीय राणा प्रताप बैरागी को गोली मार दी गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राणा प्रताप बाजार में अपने रोज़मर्रा के काम से आए थे, तभी कुछ अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला किया. मौके पर ही उनकी मौत हो गई. राणा प्रताप एक आइस फैक्ट्री के मालिक और ‘बीडी खबर’ अखबार के कार्यकारी संपादक थे.
#BREAKING on @NDTV: Yet another Hindu killed in Bangladesh. Rana Pratap Bairagi (45) was shot in the head in broad daylight today in Maniranpur of Jashore, Bangladesh. He was son of school teacher Tushar Kanti Bairagi and owner of an Ice Factory and Acting Editor of BD Khobor. pic.twitter.com/cwBhBy5Q9g
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) January 5, 2026
स्थानीय निवासियों ने बताया कि मोटरसाइकिल सवार हमलावर फैक्ट्री पहुंचे, राणा प्रताप को बहकाकर एक गली में ले गए, और वहां सिर में कई गोलियां मारकर उन्हें मार दिया. घटनास्थल से पुलिस ने सात खाली कारतूस बरामद किए. इस हमले ने पूरे इलाके में तनाव और भय पैदा कर दिया.
रात करीब 10 बजे नरसिंगदी जिले के पलाश उपजिला में भी हमला हुआ. 40 वर्षीय शरत चक्रवर्ती मणि पर धारदार हथियारों से हमला किया गया. गंभीर रूप से घायल मणि को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. स्थानीय लोगों का दावा है कि हमलावरों ने उन्हें सिर्फ उनके हिंदू होने के कारण निशाना बनाया.
महिलाओं के खिलाफ अमानवीय हमला
कालीगंज क्षेत्र में एक 40 वर्षीय हिंदू विधवा के साथ दो आरोपियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया और उसके बाद उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया. आरोपियों ने पीड़िता के बाल काटे और पूरी दरिंदगी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया.
#BREAKING: Yet another Hindu killed in Bangladesh. On Jan 5 at 10pm, Minority Hindu grocery shop owner Moni Chakraborty was attacked by miscreants with sharp weapons and left in a critical condition at Chorsindur Bazaar in Narsingdi district's Polash upazilla. He died soon after. pic.twitter.com/5tRPBMTKSM
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) January 5, 2026
शिकायत में महिला ने बताया कि आरोपियों ने उस पर अवैध वसूली और धमकियों के लिए हमला किया. आरोपियों ने उससे 50,000 टका (करीब 37,000 रुपये) की मांग की और घर में मौजूद मेहमानों के साथ भी मारपीट की. पुलिस ने औपचारिक जांच शुरू कर दी है.
हिंसा की बढ़ती श्रृंखला
शेख हसीना सरकार के पतन के बाद से हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों में लगातार वृद्धि हुई है. दिसंबर 2025 में कट्टरपंथी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद से हिंसा तेज़ हुई. भारत-विरोधी प्रदर्शनों ने इसे धीरे-धीरे सांप्रदायिक रूप दे दिया और अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय को निशाना बनाया जाने लगा.
बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई ओइक्य परिषद के प्रवक्ता काजोल देबनाथ के अनुसार, दिसंबर में ही हिंदू समुदाय पर सात हमले हुए, जिनमें पांच लोग मारे गए. पिछले 18 दिनों में छह लोगों की मौत हुई.
पिछले 18 दिनों में होने वाली घटनाएं
- 18 दिसंबर 2025: मैमनसिंह में दीपू चंद्र दास को भीड़ द्वारा पीट-पीटकर और जिंदा जलाया.
- 24 दिसंबर 2025: राजबारी में अमृत मंडल की हत्या.
- 29-30 दिसंबर 2025: गारमेंट फैक्ट्री में ड्यूटी के दौरान बजेंद्र बिस्वास की गोली मारकर हत्या.
- 31 दिसंबर 2025: शरियतपुर में खोकन चंद्र दास पर चाकू से हमला, पेट्रोल डालकर जलाया; 3 जनवरी 2026 को अस्पताल में मौत.
- 5 जनवरी 2026: जशोर में राणा प्रताप बैरागी की हत्या.
- 5 जनवरी 2026: नरसिंगदी में शरत चक्रवर्ती मणि की हत्या.
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