Bihar News : बिहार में शहरी व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक स्तर पर सख्त कदम उठाने का फैसला किया है. नगर विकास और आवास विभाग अब पूरे राज्य में शहरी प्रशासन की कार्यप्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसी क्रम में सरकार ने नगर निकायों में फैली अनियमितताओं पर सीधी कार्रवाई का संकेत दिया है.
नगर निकायों में माफिया गतिविधियों पर कड़ा रुख
उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के सभी 264 नगर निकायों में सक्रिय अवैध नेटवर्क और दबंग तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा, ठेकों में गड़बड़ी और मिलीभगत जैसी गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
अंचल स्तर तक होगी मॉनिटरिंग।
— Vijay Kumar Sinha (@VijayKrSinhaBih) January 7, 2026
कोई इस भ्रम में न रहे कि जिला का दौरा हो गया तो काम खत्म।। pic.twitter.com/l3lCWI2yJh
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उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि टेंडर प्रक्रिया की हर कड़ी की गहन निगरानी की जाए और यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
टेंडर प्रक्रिया में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
सरकार अब टेंडर व्यवस्था को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में भी काम कर रही है. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निकायों के कार्यों में केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित न रहते हुए एनजीओ, गैर-लाभकारी संस्थाओं और छोटी फर्मों को भी अवसर दिया जाए. इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा. इसके साथ ही आउटसोर्सिंग से जुड़ी सभी एजेंसियों का विस्तृत विवरण विभाग द्वारा मांगा गया है.
दूसरे राज्यों से लिया जाएगा अनुभव
शहरी स्वच्छता और प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए बिहार के अधिकारी देश के अन्य राज्यों के सफल मॉडलों का अध्ययन करेंगे. गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में लागू स्वच्छता प्रणालियों को समझकर बिहार की जरूरतों के अनुसार अपनाने की योजना बनाई गई है. इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर विकसित करने पर भी जोर दिया गया है.
सरकारी जमीन से हटेगा अतिक्रमण
समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि कई शहरी इलाकों में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की समस्या गंभीर बनी हुई है. उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों की पहचान कर तेजी से कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाए और अतिक्रमण हटाने का अभियान प्रभावी ढंग से चलाया जाए.
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जनता से सीधे संवाद पर जोर
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश के तहत अब सभी अधिकारी सप्ताह में दो दिन आम लोगों की शिकायतें सुनेंगे. इस पहल को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि इससे प्रशासन और जनता के बीच भरोसा मजबूत होगा और समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकेगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समीक्षा बैठकें केवल जिला स्तर तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि जिन अंचलों से अधिक शिकायतें मिलेंगी, वहां जाकर सीधे स्थिति की समीक्षा की जाएगी.
राजस्व विभाग ने की अहम पहल
इसी दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने वर्ष 2003 से 2023 तक के महत्वपूर्ण नियमों, अधिनियमों और परिपत्रों को चार अलग-अलग खंडों में संकलित किया है. इन पुस्तकों का लोकार्पण करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इससे अधिकारियों को अद्यतन और प्रमाणिक जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी, जिससे प्रशासनिक निर्णयों में स्पष्टता और समानता आएगी.
सरकार का स्पष्ट संदेश
बैठक में प्रधान सचिव विनय कुमार, अपर सचिव विजय प्रकाश मीणा और मनोज कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. सरकार ने साफ कर दिया है कि शहरी विकास के नाम पर किसी भी तरह की माफियागिरी या मनमानी को जगह नहीं दी जाएगी. पारदर्शिता, जवाबदेही और कानून का पालन ही अब शहरी प्रशासन की मूल नीति होगी.
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