Bihar News : मुंगेर से मिर्जाचौकी तक निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड फोरलेन अब एनएच-80 के नाम से नहीं जाना जाएगा. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इसकी पहचान बदलते हुए इसे एनएच-33 के रूप में चिन्हित किया है. वर्ष 2022-23 में परियोजना की शुरुआत के समय इसे एनएच-80 नाम दिया गया था, लेकिन अब आधिकारिक तौर पर इसका नाम बदल दिया गया है.
भागलपुर जिले से होकर गुजरने वाला करीब 98 किलोमीटर लंबा यह फोरलेन बिहार के महत्वपूर्ण सड़क प्रोजेक्ट्स में शामिल है. एनएचएआई की ओर से इसे जून तक आम आवागमन के लिए खोलने की तैयारी की जा रही है. हालांकि, परियोजना के अधिकांश हिस्से तय समय से पीछे चल रहे हैं, जिसको लेकर प्राधिकरण ने कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है.
चार पैकेज में चल रहा निर्माण
ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना को कुल चार पैकेजों में विभाजित कर बनाया जा रहा है. पहले पैकेज के तहत मुंगेर से खड़िया-पिपरा गांव तक 26 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जा रहा है. इस हिस्से पर करीब 981 करोड़ रुपये की लागत आ रही है. पहले इसका लक्ष्य अगस्त 2024 तय किया गया था, लेकिन काम की धीमी रफ्तार के कारण अब इसे जून 2026 तक पूरा करने की संभावना जताई जा रही है. वर्तमान में इस पैकेज का लगभग 60 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है.
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दूसरे पैकेज में खड़िया गांव से भागलपुर बाइपास के पुरानी सराय तक करीब 29 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण किया जा रहा है. इस हिस्से में काम अपेक्षाकृत बेहतर गति से चला है और अब तक लगभग 87 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है. पहले इसे मार्च 2024 तक पूरा किया जाना था, लेकिन अब इसे मार्च तक चालू करने की तैयारी की जा रही है.
तय समय से पीछे चल रही परियोजना
तीसरे पैकेज के अंतर्गत चौधरीडीह से रसलपुर के बीच 32 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण हो रहा है. इस हिस्से की अनुमानित लागत करीब 1012 करोड़ रुपये है. यहां अब तक लगभग 60 प्रतिशत काम पूरा हुआ है. पहले इसे अप्रैल 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन अब इसकी समयसीमा बढ़ाकर जून 2026 कर दी गई है.
चौथे और अंतिम पैकेज में रसलपुर से मिर्जाचौकी तक 36 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण किया जा रहा है. इस पैकेज की लागत करीब 892 करोड़ रुपये बताई जा रही है. अब तक करीब 73 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है. इसका लक्ष्य भी पहले अगस्त 2024 रखा गया था, जिसे संशोधित कर जून 2026 कर दिया गया है.
एनएचएआई के परियोजना निदेशक के अनुसार सभी पैकेजों में निर्माण कार्य को तेज करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि जून तक इस फोरलेन को चरणबद्ध तरीके से वाहनों के लिए खोला जा सके. यह सड़क चालू होने के बाद मुंगेर, भागलपुर और आसपास के इलाकों में यातायात को सुगम बनाने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगी.
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