Bihar Politics : राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव अगले सप्ताह से बिहार की राजनीति में फिर से पूरी ताकत के साथ सक्रिय होते दिखाई देंगे. 4 जनवरी को उनके दिल्ली से पटना लौटने की योजना है. लौटते ही 5 और 6 जनवरी को पटना में पार्टी की उच्चस्तरीय बैठकों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें संगठन की स्थिति और आने वाली राजनीतिक रणनीति पर गहन मंथन होगा.
इन बैठकों में प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल के अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. चर्चा का केंद्र हालिया विधानसभा चुनावों में मिली असफलता और संगठनात्मक कमजोरियों की पहचान रहेगा.
संगठन की निष्क्रियता बनी हार की बड़ी वजह
पार्टी के आंतरिक फीडबैक में पहले ही यह सामने आ चुका है कि चुनाव के दौरान कई जिलों और प्रखंडों में संगठन अपेक्षित रूप से सक्रिय नहीं रहा. कई जगहों पर स्थानीय कार्यकर्ताओं की बजाय बाहरी संसाधनों पर भरोसा किया गया, जिससे जमीनी पकड़ कमजोर हुई. कार्यकर्ताओं ने प्रचार सामग्री को लेकर भी नाराज़गी जताई थी, खासकर उन वस्तुओं को लेकर जिनका रंग सत्तारूढ़ दल से मेल खाता था. इन सभी बिंदुओं पर समीक्षा बैठकों में खुलकर चर्चा होने की संभावना है.
तेजस्वी के लौटते ही संगठनात्मक ढांचे में बदलाव
सितंबर में मंगनी लाल मंडल को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली थी, लेकिन चुनाव नजदीक होने के कारण नई प्रदेश और जिला इकाइयों का गठन नहीं हो सका. कई जिलों और अधिकांश प्रखंडों में अब तक पदाधिकारी नियुक्त नहीं हो पाए हैं. इसका सीधा असर चुनाव प्रबंधन और जिम्मेदारियों के बंटवारे पर पड़ा. फिलहाल पार्टी पुरानी कमेटियों के सहारे काम कर रही है, जो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के कार्यकाल में गठित हुई थीं.
नए जिलाध्यक्ष और प्रखंड अध्यक्षों पर मंथन
बैठकों के दौरान करीब 50 जिलाध्यक्षों और लगभग 265 प्रखंड अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर रायशुमारी की जाएगी. तेजस्वी यादव इन पदों पर नियुक्ति से पहले वरिष्ठ नेताओं और संगठन से जुड़े लोगों की सलाह लेना चाहते हैं.
इसके अलावा 24 जनवरी को जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती को लेकर भी निर्णय लिया जाएगा कि इसे पूरे राज्य में बड़े स्तर पर मनाया जाए या केवल प्रदेश कार्यालय तक सीमित रखा जाए.
मकर संक्रांति पहले लालू यादव की वापसी की संभावना
14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन राबड़ी देवी के आवास पर होने वाले पारंपरिक ‘चूड़ा-दही भोज’ को लेकर भी रणनीति तय की जाएगी कि इसे सीमित रखा जाए या व्यापक राजनीतिक आयोजन का रूप दिया जाए. सूत्रों के अनुसार, आंख के इलाज के बाद लालू प्रसाद यादव भी इसी अवधि में दिल्ली से पटना लौट सकते हैं. इस दौरान राज्यसभा सांसद डॉ. मीसा भारती के भी पटना आने की संभावना जताई जा रही है.
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