Defamation Cases : कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी(Rahul Gandhi) शनिवार को महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी स्थित मजिस्ट्रेट अदालत में पेश हुए. अदालत पहुंचने से पहले उनके काफिले के रास्ते में कुछ बीजेपी कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर विरोध दर्ज कराया. इस घटनाक्रम का वीडियो समाचार एजेंसी पीटीआई द्वारा जारी किया गया, जिसमें पुलिस को स्थिति संभालते हुए देखा जा सकता है.
VIDEO | Mulund: BJP workers show black flags to Congress MP and Lok Sabha LoP Rahul Gandhi en route to Thane.
— Press Trust of India (@PTI_News) February 21, 2026
(Source: Third Party)
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/vaGe7aR7qB
काले झंडों का विरोध किस बात पर?
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने बताया कि यह प्रदर्शन हाल में आयोजित एक एआई समिट के दौरान युवा कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन की प्रतिक्रिया के तौर पर किया गया. सामने आए वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी राहुल गांधी की कार के करीब पहुंचने की कोशिश करते दिखे, हालांकि पुलिस बल ने उन्हें रोक दिया और स्थिति को नियंत्रण में रखा.
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अदालत में पेशी की वजह
राहुल गांधी के वकील नारायण अय्यर के अनुसार, यह मामला भिवंडी के एक आरएसएस कार्यकर्ता द्वारा दायर मानहानि शिकायत से जुड़ा है. शिकायत 2014 के लोकसभा चुनाव अभियान के दौरान दिए गए एक बयान को लेकर दर्ज की गई थी.
अदालत ने राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर नए जमानतदार से संबंधित औपचारिकताएं पूरी करने का निर्देश दिया था.
नए जमानतदार की जरूरत क्यों पड़ी?
वकील ने बताया कि जब राहुल गांधी को इस मामले में जमानत मिली थी, तब पूर्व केंद्रीय मंत्री Shivraj Patil उनके जमानतदार थे. 12 दिसंबर को शिवराज पाटिल के निधन के बाद अदालत में नया जमानतदार प्रस्तुत करना आवश्यक हो गया. इसी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होना पड़ा.
शिकायत में क्या आरोप?
आरएसएस स्वयंसेवक राजेश कुंते ने भारतीय दंड संहिता की धारा 500 (मानहानि) के तहत शिकायत दायर की थी. आरोप है कि 2014 में सोनाले गांव की एक रैली में राहुल गांधी ने कहा था कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे संघ का हाथ था. शिकायतकर्ता का दावा है कि इस बयान से संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा.
सुनवाई की अगली तारीख
मामले में शिकायतकर्ता से जिरह की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. पहले सुनवाई 20 दिसंबर 2025 को तय थी, लेकिन नए जमानतदार की प्रक्रिया के कारण इसे आगे बढ़ाया गया. बाद में अदालत ने अगली तारीख 21 फरवरी निर्धारित की.
राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस मामले पर आगे की सुनवाई में दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क और साक्ष्य पेश करेंगे. अब निगाहें अदालत की आगामी कार्यवाही पर टिकी हैं.
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