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Bhagalpur News : बिहार के भागलपुर में विक्रमशिला केंद्रीय विवि के लिए 87.99 करोड़ का फंड स्वीकृत, अब होगा भू-अर्जन

विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय

Bhagalpur News : बिहार सरकार द्वारा कैबिनेट से मंजूरी के बाद भागलपुर जिला अंतर्गत विक्रमशिला महाविहार ऐतिहासिक स्थल के समीप केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 87 करोड़ 99 लाख 81 हजार 355 रुपये का फंड स्वीकृत कर दिया गया. यानी, जिला भू-अर्जन कार्यालय को राशि विमुक्त कर कर दी गयी है. इस राशि से कहलगांव के मलकपुर व अंतीचक मौजा के 205 एकड़ 49 डिसमिल भूमि अर्जन की जायेगी.

Bhagalpur News : बिहार के भागलपुर में विक्रमशिला केंद्रीय विवि के लिए 87.99 करोड़ का फंड स्वीकृत, अब होगा भू-अर्जन विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय 2
विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय(फाइल फोटो)

Bhagalpur News : बिहार के भागलपुर में विक्रमशिला महाविहार ऐतिहासिक स्थल के समीप केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है. विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 87 करोड़ 99 लाख 81 हजार 355 रुपये जिला भू-अर्जन कार्यालय को विमुक्त कर दिया गया. जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने भू अर्जन की करवाई शीघ्र ही प्रारंभ करने के लिए जिला भू अर्जन पदाधिकारी को गुरुवार को निर्देशित किया है. इस राशि से कहलगांव के मलकपुर व अंतीचक मौजा के 205 एकड़ 49 डिसमिल भूमि अर्जन की जायेगी. विक्रमशिला विश्वविद्यालय स्थापना के लिए डीपीआर बनाने की जिम्मेदारी स्कूल आफ प्लैनिंग एंड आर्किटेक्चर, नयी दिल्ली को सौंपी गयी है. डीपीआर बनने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल इसमें आगे की कार्रवाई करेगा. भू-अर्जन होने के बाद विश्वविद्यालय का निर्माण शुरू होगा. पीएम पैकेज, 2015 में अन्य बातों के साथ-साथ विक्रमशिला विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक स्थल पर भागलपुर के पास एक नये केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना का भी प्रावधान है. शिक्षा मंत्रालय ने वर्ष 2015 में बिहार सरकार से 500 एकड़ की उपयुक्त जगह उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है.

राज्य सरकार शुरुआत में 200 एकड़ भूमि उपलब्ध करायेगी

राज्य सरकार शुरुआत में 200 एकड़ भूमि उपलब्ध करायेगी और भविष्य में विस्तार के लिए अन्य 300 एकड़ भूमि की पहचान करेगी. इसके बाद, फरवरी 2022 में इस मंत्रालय की स्थल चयन समिति (एसएससी) द्वारा बिहार राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित स्थलों का दौरा किया गया. स्थलों को उपयुक्त नहीं पाया गया, क्योंकि स्थल बाढ़ की आशंका वाला था. प्राचीन स्थल से दूर था और आसानी से पहुंच योग्य नहीं था. वर्ष 2024 में बिहार सरकार ने प्रस्तावित विश्वविद्यालय के लिए कहलगांव के मलकपुर और अंतीचक में लगभग 205.05 एकड़ की एक और स्थल का प्रस्ताव दिया, जिसे इस मंत्रालय ने स्वीकार कर लिया है. ब्यौरा आधार पर योजना व वास्तुकला विद्यालय, नयी दिल्ली को विश्वविद्यालय के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का काम सौंपा गया है.

विवि बनने से होंगे शोध के कई कार्य

ऐतिहासिक विक्रमशिला महाविहार कहलगांव अनुमंडल स्थित अंतीचक में स्थित है. वर्तमान में इसका भग्नावशेष बचा है. यह दुनिया के सबसे पुराने उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल है. इसकी स्थापना पाल वंश के राजा धर्मपाल ने की थी. अपनी स्थापना के तुरंत बाद ही यह अंतरराष्ट्रीय महत्व को प्राप्त लिया था. यहां बौद्ध धर्म और दर्शन के अतिरक्त न्याय, तत्वज्ञान, व्याकरण आदि की भी शिक्षा दी जाती थी. केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए जो जमीन चिह्नित की गयी है, वह विक्रमशिला महाविहार के पास ही है. विवि बन जाने से अध्ययन, शोध व अध्यापन कार्य होगा और महाविहार का गौरव लौटेगा.

LAC के मुद्दे पर एस जयशंकर ने चीन के विदेश मंत्री सुना दी दो टूक, जानिए क्या कह दिया?

S Jaishankar Meets Wang Yi

S Jaishankar Meets Wang Yi:  विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार (25 जुलाई) को अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात की. उन्होंने ये मुलाकात आसियान विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर की.

ASEAN Meeting: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन के अपने समकक्ष वांग यी से मुलाकात में कड़ा संदेश देते हुए कहा कि बॉर्डर पर जो स्थिति होगी वो हमारे संबंधों में दिखेगी. उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने के लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) और पिछले समझौतों का पूर्ण सम्मान सुनिश्चित किए जाने की जरूरत पर जोर दिया.

इस महीने दोनों नेताओं ने दूसरी बार बार मुलाकात की है और इसमें सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए सख्त दिशा-निर्देश दिए जाने की आवश्यकता पर भी सहमति व्यक्त की. जयशंकर ने आसियान विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान वांग से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘सीपीसी (कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना) पोलित ब्यूरो सदस्य और (चीन के) विदेश मंत्री वांग यी से आज वियनतियान में मुलाकात की. हमारे द्विपक्षीय संबंधों को लेकर चर्चा जारी रही.

दोनों देशों के बीच एलएसी को लेकर गतिरोध जारी

हालांकि दोनों पक्ष टकराव वाले कई बिंदुओं से पीछे हटे हैं. जून 2020 में गलवान घाटी में हुई भीषण झड़प के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में काफी गिरावट आई थी, जो दशकों में दोनों पक्षों के बीच सबसे गंभीर सैन्य संघर्ष था. भारत का कहना है कि जब तक सीमा क्षेत्रों में शांति नहीं होगी, चीन के साथ उसके संबंध सामान्य नहीं हो सकते. मई 2020 से भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच गतिरोध है और सीमा विवाद का पूर्ण समाधान अभी तक नहीं हो पाया है.

दोनों के बीच वार्ता पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद जारी रहने के बीच हुई

दोनों नेताओं ने इस महीने की शुरुआत में कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की थी.  दोनों के बीच वार्ता पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद जारी रहने के बीच हुई जो मई में अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर गया. जयशंकर ने कहा, ‘‘वापसी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए मजबूत मार्गदर्शन दिए जाने की आवश्यकता पर सहमति बनी.

Bihar News : ललन सिंह के बयान पर राजद के तेवर गरम, विधान परिषद में जमकर किया हंगामा

बिहार विधानसभा में हंगामा

Bihar News : बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में सदन की कार्यवाही चौथे दिन भी बाधित रही. कई मुद्दों पर विपक्ष ने हंगामा किया. राबड़ी देवी के लिए ललन सिंह ने जो बयान हाल में दिए उसका विरोध विधान परिषद में राजद ने किया. जानिए पूरा मामला क्या है?

Bihar News : पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर जदयू सांसद सह केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के दिए बयान को लेकर राजद के सदस्यों ने विधान परिषद के अंदर हंगामा किया. वहीं राबड़ी देवी के नेतृत्व में परिषद के बाहर भी प्रदर्शन किया गया. भ्रष्टाचार और बढ़ते अपराध को मुद्दा बनाकर विपक्ष ने सत्ता पक्ष को घेरा.

Bihar News : ललन सिंह के बयान पर राजद के तेवर गरम, विधान परिषद में जमकर किया हंगामा बिहार विधानसभा में हंगामा 2
बिहार विधानसभा में हंगामा.

केंद्रीय बजट पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की प्रतिक्रिया से जुड़े सवाल पर जदयू सांसद सह केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने हाल में एक टिप्पणी की थी] जिसका विरोध राजद ने किया है. विधानपरिषद में भी राजद ने इसे मुद्दा बनाया और राबड़ी देवी पर जदयू सांसद ललन सिंह के बयान को लेकर प्रदर्शन किया. राजद के सदस्य गुरुवार को विधान परिषद की कार्रवाई के दौरान इस मुद्दे को लेकर हंगामा करते हुए वेल में आ गए. उन्होंने सीएम नीतीश कुमार के भी बयान पर आपत्ति जतायी. वहीं राबड़ी देवी ने पलटवार करते हुए मीडिया के सामने कहा कि ललन सिंह की मां और पत्नी कितनी पढ़ी हुई हैं कि वह दूसरी महिलाओं पर आरोप लगा रहे हैं.

CM के विरोध में भी की गयी नारेबाजी

गुरुवार को राजद ने विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान सीएम नीतीश कुमार को भी निशाने पर लिया. राजद विधायक रेखा देवी पर कथित तौर पर की गयी अभद्र टिप्पणी को मुद्दा बनाते हुए मुख्यमंत्री हाय-हाय के नारे राजद के सदस्यों ने लगाए. इस दौरान मुख्यमंत्री खुद भी सदन में मौजूद थे. वहीं, हंगामा बढ़ता देख सभापति अवधेश नारायण सिंह ने सदन की कार्यवाही अपराह्न 2:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.

आखिर ललन सिंह ने ऐसा क्या बयान दिया था, जिससे गरम हुए राजद के तेवर

गौरतलब है कि संसद परिसर में कैबिनेट मंत्री ललन सिंह ने राबड़ी देवी की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी थी जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री ने एनडीए सरकार की इस बजट को झुनझुना बताया था. ललन सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि राबड़ी देवी अब बजट पर भी बयान देती हैं. अब बजट उनको कैसे समझ आएगा. कभी उनका सिग्नेचर देख लिया किजिए वो कितना लंबा करती हैं.

BIHAR के इंजीनियरिंग छात्रों के लिए अच्छी खबर, ट्रैक कर सकेंगे अब अपना अटेंडेंस ऑनलाइन

इंजीनियरिंग कॉलेज छात्र

Mark My Attendance App: बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक के छात्र अब मोबाइल ऐप के जरिए अपनी उपस्थिति की स्थिति की जांच कर सकेंगे. विज्ञान, प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा विभाग ने इस संबंध में राज्य भर के इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक के प्राचार्यों को पत्र भेजा है.

BIHAR के इंजीनियरिंग छात्रों के लिए अच्छी खबर, ट्रैक कर सकेंगे अब अपना अटेंडेंस ऑनलाइन इंजीनियरिंग कॉलेज छात्र 2
इंजीनियरिंग कॉलेज छात्र (फाइल फोटो)

Bihar News : बिहार के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक के छात्र अब अपनी उपस्थिति की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे. पहली बार छात्रों और एचओडी के लिए ऐप के ज़रिए उपस्थिति की स्थिति देखने का प्रावधान किया गया है. अगर उनकी उपस्थिति कम होगी तो ऐप उन्हें अलर्ट कर देगा इस तकनीक पर काम चल रहा है। एमआईटी के एक प्रोफेसर ने यह ऐप बनाया है.

लॉगइन आईडी और पासवर्ड मिलेगा छात्रों को

मार्क माई अटेंडेंस नाम के इस ऐप को एक्सेस करने के लिए सभी छात्रों को एक लॉग इन आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा. इसकी मदद से लॉग इन करने के बाद वे पूरे सत्र में कक्षाओं में अपनी उपस्थिति का प्रतिशत देख पाएंगे. छात्र चाहें तो किसी महीने या किसी खास तारीख का स्टेटस भी देख सकते हैं.

यह सुविधा अब तक सिर्फ प्राचार्यों के पास था

एमआईटी के सीएसई विभाग के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार ने इस एप को विकसित किया है. अब तक इस एप पर उपस्थिति दर्ज करने की सुविधा सिर्फ प्राचार्य को दी गई थी, लेकिन अब संबंधित विभागाध्यक्ष और छात्र भी एप के जरिए अपनी उपस्थिति की स्थिति देख सकेंगे.

कम अटेंडेंस होने पर अलर्ट मिलेगा

ऐप को विकसित करने वाले प्रो. आशीष के अनुसार इस ऐप पर उपस्थिति कम होने पर अलर्ट भी भेजा जाएगा. इस दिशा में काम चल रहा है. फिलहाल ऐप की मदद से छात्र, एचओडी और प्रिंसिपल छात्रों की उपस्थिति की स्थिति देख सकेंगे.

एप पर स्टूडेंट प्रोफाइल भी दिखेगा

इस ऐप में लॉग इन करने के बाद छात्र अपनी पूरी स्टूडेंट प्रोफाइल देख सकेंगे. इसमें छात्र का नाम, संस्थान का नाम, ब्रांच, रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर, सेशन, नामांकन का प्रकार, सेमेस्टर विवरण, संपर्क विवरण, हॉस्टल आवंटन और उनकी फोटो शामिल होगी.

Ranchi News: आज नक्सलियों का झारखंड-बिहार बंद, स्टेशनों और ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ी

Jharkhand Naxal News

Jharkhand Naxal News: नक्सलियों ने गुरुवार को बिहार और झारखंड बंद की घोषणा की है. बंद को लेकर रेलवे ने अलर्ट जारी किया है. नक्सल प्रभावित इलाकों से गुजरने वाली ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है. सभी स्टेशनों पर सतर्कता बरतने को कहा गया है.

Jharkhand Naxal News : नक्सली नेता कॉमरेड की पत्नी जया हेम्ब्रम समेत तीन नक्सलियों की गिरफ्तारी के विरोध में 25 जुलाई गुरुवार को झारखंड-बिहार बंद का ऐलान किया गया है. अति संवेदनशील इलाकों में गश्ती बढ़ा दी गयी है. वहीं, 28 जुलाई से तीन अगस्त तक शहीद स्मृति सप्ताह को लेकर सोनुआ थाना अंतर्गत सोनुआ-लोंजो मुख्य सड़क के ग्रिड चौक और मदांगजाहिर चौक के पास नक्सलियों ने मंगलवार देर रात दर्जनों बैनर व पोस्टर लगाये. इसमें पोड़ाहाट-कोल्हान-सारंडा वन क्षेत्र को शोषण मुक्त बनाने की अपील की है. सूचना मिलने पर सोनुआ पुलिस ने बैनर, पोस्टर को जब्त कर लिया है.

यहां विशेष अलर्ट : चक्रधरपुर- राउरकेला सेक्शन पर

चक्रधरपुर के सीनियर डीइएन को कहा गया है कि रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक ट्रैक में पेट्रोलिंग की जाये. चक्रधरपुर- राउरकेला सेक्शन में विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है. चक्रधरपुर में लोको पायलट और असिस्टेंट लोको पायलट को अलर्ट रहने को कहा गया है ताकि आरपीएफ और जीआरपी को सारी सूचना का आदान प्रदान हो सके. रेल एसपी प्रवीण पुष्कर ने बताया कि नक्सली बंदी को लेकर आरपीएफ, रेलवे के पदाधिकारियों के साथ हर थाना क्षेत्र में सतर्कता बरतने को कहा गया है.

जानें विरोध का कारण

नक्सली नेता कॉमरेड की पत्नी जया हेम्ब्रम समेत तीन नक्सलियों की गिरफ्तारी के विरोध में 25 जुलाई गुरुवार को झारखंड व बिहार बंद का ऐलान किया गया है. रेलवे ने वरीय अधिकारियों के नाम आदेश जारी कर चक्रधरपुर स्टेशन पर बालू भरा बैग, पानी, पंखा और लाइट का इंतजाम करने के साथ एक डीजल इंजन और लाइट इंजन को तैयार रखने को कहा है.

BIHAR में शिक्षा का एक सच ये भी, 8 दिनों से कोई शिक्षक नहीं, बच्चों को पढ़ा रहे रसोइया और सफाईकर्मी

हिंदू रामानंदी अनाथालय प्राथमिक विद्यालय भागलपुर

Bhagalpur School: भागलपुर में हिंदू रामानंदी अनाथालय प्राथमिक विद्यालय, नाथनगर पिछले आठ दिनों से शिक्षक विहीन है लेकिन, छात्र नियमित रूप से स्कूल आ रहे हैं. स्कूल चलाने की जिम्मेदारी रसोइया सह सफाईकर्मी की है. जबकि, प्राथमिक विद्यालय सुजापुर नाथनगर के एकमात्र शिक्षक मनीष कुमार हिंदू अनाथालय प्राथमिक विद्यालय की देखभाल कर रहे हैं.

BIHAR में शिक्षा का एक सच ये भी, 8 दिनों से कोई शिक्षक नहीं, बच्चों को पढ़ा रहे रसोइया और सफाईकर्मी शिक्षा 01
कार्टून

Bhagalpur News : भागलपुर के नाथनगर में हिंदू रामानंदी अनाथालय प्राथमिक विद्यालय पिछले आठ दिनों से बिना शिक्षक के है. यहां किसी तरह पढ़ाई चल रही है. सफाई कर्मचारी और रसोइया किसी तरह बच्चों को पढ़ा रहे हैं, लेकिन अधिकारी बेखबर हैं. इस मामले में विभागीय अधिकारी पूरी तरह से इस बात से बेखबर हैं. एक तरफ शिक्षा विभाग नियमित निरीक्षण, ऐप के जरिए उपस्थिति और आमूलचूल बदलाव की बात कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ आठ दिनों से स्कूल में शिक्षक का नदारद रहना चिंता का विषय है.

जानें…पूरा मामला

हिंदू रामानंदी अनाथालय प्राथमिक विद्यालय, नाथनगर का भवन कुछ ज्यादा ही जर्जर है. यह विद्यालय करीब डेढ़ साल से प्राथमिक विद्यालय सुजापुर के ऊपरी तल के एक कमरे में चलाया जा रहा है. आठ दिन पहले तक शिक्षक अरविंद कुमार इस विद्यालय में प्रतिनियुक्ति पर थे. सभी शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति समाप्त करने का राज्य स्तरीय आदेश जारी होने के बाद वे अपने मूल विद्यालय में वापस लौट गए. जिसके बाद पिछले आठ दिनों से यह विद्यालय शिक्षक विहीन है. विद्यालय में कुल 32 छात्र नामांकित हैं. जिसमें से सात छात्र अनाथालय के हैं.

24 जुलाई को स्कूल आये थे सिर्फ 24 स्टूडेंट, पढ़ाया सफाईकर्मियों ने

24 जुलाई को विद्यालय में सिर्फ 24 छात्र-छात्राएं आए थे. इनमें वर्ग दो के हिमांशु, सोनाक्षी, आदित्य कुमार, वर्ग तीन के नीरज कुमार, नेता, साक्षी, मो. आजाद, मंजीत कुमार, वर्ग चार के विष्णु कुमार, गुलशन कुमार, अंश कुमार, मो. निसार, मो. अंसार, जय कुमार, अनुषा आदि शामिल थे. बच्चों के विद्यालय पहुंचने के बाद रसोइया सह सफाईकर्मी गुड़िया देवी और अनिता देवी द्वारा जागरूकता सत्र का संचालन किया गया. फिर प्राथमिक विद्यालय सुजापुर की शिक्षिका ने बच्चों की हाजिरी ली और उसके बाद विद्यालय समाप्ति तक गुड़िया देवी व अनिता देवी ने बच्चों को बाला पेंटिंग दिखाकर शिक्षा दी.

जानिए… क्या कहते हैं पदाधिकारी

प्राथमिक शिक्षा सह समग्र शिक्षा अभियान के डीपीओ डाॅ. जमाल मुस्तफा ने बताया कि हिन्दू रामानंदी प्रावि का निर्माण कार्य चल रहा है. इसी कारण विद्यालय को प्रावि सुजापुर में टैग किया गया है. प्राथमिक विद्यालय सुजापुर में शिक्षक हैं. जल्द ही हिन्दू रामानंदी प्राथमिक विद्यालय में भी शिक्षक भेजे जाएंगे.

Interceptor Missile : DRDO ने किया इंटरसेप्टर मिसाइल का सफल परीक्षण, किसी भी मिसाइल को हवा में ही कर सकती है नष्ट

Interceptor Missile

Interceptor Missile: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा के बालासोर जिले के अब्दुल कलाम आइलैंड से दूसरे चरण के बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली का सफलतापूर्वक परीक्षण किया. मिसाइल को एलसी-IV धामरा से इंटरसेप्टर बैलिस्टिक मिसाइल को लॉन्च किया गया. डीआरडीओ की इस सफलता पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बधाई दी है.

Interceptor Missile : DRDO ने किया इंटरसेप्टर मिसाइल का सफल परीक्षण, किसी भी मिसाइल को हवा में ही कर सकती है नष्ट DRDO 2
Interceptor Missile

Interceptor Missile: ओडिशा के बालासोर स्थित अब्दुल कलाम आइलैंड से पृथ्वी-2 न्यूक्लियर बैलिस्टिक मिसाइल दागकर एक इंटरसेप्टर मिसाइल लॉन्च किया. डीआरडीओ ने दूसरे चरण के बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली का सफलतापूर्वक परीक्षण किया. मिसाइल को एलसी-IV धामरा से इंटरसेप्टर बैलिस्टिक मिसाइल को लॉन्च किया गया. इसके बाद चांदीपुर परीक्षण रेंज से पृथ्वी-2 परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई और इसे सफलतापूर्वक रोक लिया गया. देश के लिए यह बड़ी कामयाबी है. डीआरडीओ की इस सफलता पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बधाई दी है.

ऐसा कि कोई भी मिसाइल को रास्ते में ही गिरा सकने में सक्षम है
भारत की यह मिसाइल किसी भी दुश्मन मिसाइल को रास्ते में ही गिरा सकती है. 5000 km रेंज वाली मिसाइलों को बड़ी आसानी से मारकर गिरा सकती है. दुश्मन की किसी भी मिसाइल के खिलाफ इसे इस्तेमाल किया जा सकता है. किसी भी दिशा से आ रही मिसाइल को भांपकर यह फायर हो जाएंगी, और रास्ते में ही उससे टकराकर उसे नष्ट कर देगी.

मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर कर सकती है

AD Endo-Atmospheric Missile एक इंटरसेप्टर मिसाइल है, जो किसी भी बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर कर सकती है. भारत ने इसका सफल परीक्षण किया है. यह देश के लिए काफी उपयोगी मिसाइल है. चीन और पाकिस्तान के खतरे को देखते हुए भारत के लिए यह बहुत उपयोगी मिसाइल सिस्टम है. परीक्षण के दौरान पहले पृथ्वी-2 न्यूक्लियर बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई इसके बाद डीआरडीओ ने इंटरसेप्टर मिसाइल AD-1 को लॉन्च किया.

उड़ान परीक्षण ने सभी परीक्षण उद्देश्यों को पूरा किया

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उड़ान परीक्षण ने सभी परीक्षण उद्देश्यों को पूरा किया, जिससे लंबी दूरी के सेंसर, कम विलंबता संचार प्रणाली और उन्नत इंटरसेप्टर मिसाइलों से युक्त एक पूर्ण नेटवर्क केंद्रित युद्ध अस्त्र प्रणाली की पुष्टि हुई. बता दें, भारत पृथ्वी की वायुमंडलीय सीमाओं के अंदर और बाहर दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की क्षमता विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है.

रक्षा मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में बताया कि उड़ान परीक्षण के दौरान सभी परीक्षण लक्ष्यों को सौ फीसदी हासिल किया गया जिससे सम्पूर्ण नेटवर्क-केंद्रित युद्ध अस्त्र प्रणाली की पुष्टि हुई. मंत्रालय ने कहा कि दूसरे चरण में एडी एंडो-एटमॉस्फेरिक मिसाइल को शाम चार बजकर 24 मिनट पर चांदीपुर स्थित आईटीआर के एलसी-3 से दागा गया. दूसरे चरण की एडी अंतः-वायुमंडलीय मिसाइल स्वदेशी रूप से विकसित दो चरणीय ठोस ईंधन प्रणोदित एवं जमीन से दागी जाने वाली मिसाइल प्रणाली है. इसका उद्देश्य निम्न बाह्य-वायुमंडलीय क्षेत्रों की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दुश्मन के कई प्रकार के बैलिस्टिक मिसाइल खतरों को निष्प्रभावी करना है.

Bihar News: अनोखी शादी! 25 वर्षीय दुल्हन से 70 साल के दूल्हा ने किया निकाह

Bihar News अनोखी शादी

Bihar News: गया जिले के शेरघाटी अनुमंडल के आमस प्रखंड के हमजापुर में हुई एक शादी की काफी चर्चा हो रही है. 

Gaya News: मामला शेरघाटी अनुमंडल का है. इस क्षेत्र में एक हुई एक शादी को देखने के लिए लोगों की काफी भीड़ जुट गई थी. दरअसल, 70 वर्षीय बुजुर्ग शादी करने पहुंचा था. इस शादी को देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई थी. बताया जा रहा है कि जहां 70 वर्षीय बुजुर्ग मोहम्मद कलीमुल्लाह नूरानी ने 25 वर्षीय युवती रेशमा परवीन से सोमवार को निकाह किया. 70 वर्षीय दूल्हा आमस के बैदा गांव का है तो दुल्हन रेशमा परवीन इस्लामनगर की रहने वाली हैं. इस बेमेल निकाह के लिए दोनों राजी थे जिसके बाद 70 वर्षीय दूल्हा ने निकाह किया है. निकाह पढ़ने की रस्म मौलवी ने पूरी की.

शादी समारोह में ना बैंड था और ना ही बाजा

इस शादी समारोह में ना बैंड था और ना ही बाजा था. दूल्हा कार से ही अपनी दुल्हन को लेकर अपने गांव के लिए निकल गया. बताया जा रहा है कि उसके घर में कोई काम करने वाला नहीं था. वहीं, स्थानीय लोगों ने दुल्हन रेशमा परवीन इस निकाह को लेकर पूछा? तो इस पर वह भी कोई आपत्ति नहीं जताई है. वहीं, बुजुर्ग दूल्हा की पत्नी की मौत पूर्व में हो चुकी थी उसके दो बेटा भी हैं जो शादीशुदा हैं. दोनों बाहर में रहते है. घर में वह अकेला रहता था और काम करने काफी परेशानी होती थी.

जानें क्या कहा बुजुर्ग दूल्हा ने शादी को लेकर ?

निकाह होने के बाद बुजुर्ग दूल्हा अपनी दुल्हन के साथ अपने गांव बैदा चला गया. निकाह के दौरान मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोगों की मौजदूगी में सारी रस्म अदा की गई. यह निकाह चर्चा का विषय इसलिए बन गया कि दुल्हा 70 वर्षीय बुजुर्ग था और दुल्हन 25 वर्षीय युवती थी. वहीं, 70 वर्षीय बुजुर्ग दूल्हा मो. कलीमुल्लाह ने बताया कि शादी करने की सख्त जरूरत आन पड़ी थी इसलिए उन्होंने निकाह किया. 

I.N.D.I.A में शामिल होने को तैयार 15 सांसदों वाली पार्टी! राज्यसभा में तब पलट जायेगा गेम, जब साथ आयेंगे

I.N.D.I.A Alliance Rajya Sabha:

I.N.D.I.A Alliance: लोकसभा चुनाव के बाद इंडिया गठबंधन के साथ एक-एक कर निर्दलीय सांसद जुड़े और कुनबा धीरे-धीरे बढ़ता चला गया.

I.N.D.I.A Alliance Rajya Sabha: अगर वाईएसआर कांग्रेस इंडिया गठबंधन में शामिल हो जाती है तो इस गठबंधन में शामिल होने वाली राज्यसभा सांसदों के हिसाब से वो तीसरी सबसे बड़ी पार्टी होगी. लोकसभा चुनाव के बाद इंडिया गठबंधन के साथ एक-एक कर निर्दलीय सांसद जुड़े और कुनबा धीरे-धीरे बढ़ता चला गया. अब ताजा राजनीतिक हालात जिस तरफ इशारा कर रहे हैं, उसके मुताबिक इंडिया गठबंधन में एक और बड़ा दल जुड़ने के लिए तैयार होता दिख रहा है. आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन किया. उनका आरोप है कि हाल ही में राज्य की सत्ता में आसीन होने वाली तेलुगु देशम पार्टी की सरकार ने उनकी पार्टी के खिलाफ हिंसक रुख अपना लिया है. 

I.N.D.I.A में शामिल होने को तैयार 15 सांसदों वाली पार्टी! राज्यसभा में तब पलट जायेगा गेम, जब साथ आयेंगे I.N.D.I.A 2
I.N.D.I.A Alliance Rajya Sabha:

जगन मोहन रेड्डी के इस प्रदर्शन को इंडिया गठबंधन के कई दिग्गजों का साथ मिला. बुधवार को रेड्डी के प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी शामिल हुए और उन्होंने अपना समर्थन वाईएसआर कांग्रेस के इस प्रदर्शन को दिया. यहीं से ये चर्चा भी राजनीतिक गलियारों में छिड़ गई कि वाईएसआर कांग्रेस भी इंडिया खेमे के साथ जुड़ सकती है. 

बदल जाएगा राज्यसभा में गणित

राज्यसभा में कुल 245 सीट हैं, लेकिन 19 सीटें खाली होने के चलते संसद को उच्च सदन की कुल स्ट्रैंथ फिलहाल 226 है. ऐसे में राज्यसभा में संसद का जादूई आंकड़ा 113 हो जाता है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक राज्यसभा में फिलहाल भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन बहुमत के आंकड़े से 13 सीट कम है. राज्यसभा में बीजेपी के पास 86 सीट हैं और एनडीए के कुल सांसद 101 हैं. 

वहीं विपक्षी इंडिया गठबंधन के पास राज्यसभा में 87 सांसद हैं. इनमें से 26 कांग्रेस और 13 तृणमूल कांग्रेस के हैं. आम आदमी पार्टी और डीएमके के राज्यसभा में 10-10 सांसद हैं. हालांकि फिलहाल जगन मोहन रेड्डी ने इंडिया गठबंधन में शामिल होने को लेकर कुछ कहा नहीं है. ऐसे में अगर वाईएसआर कांग्रेस भी इंडिया गठबंधन में शामिल हो जाए तो विपक्षी गठबंधन के सांसदों की संख्या कुल 98 तक पहुंच जाएगी. यानी मोदी सरकार के लिए राज्यसभा में कोई भी बिल पास करना बेहद मुश्किल हो सकता है.

UNION BUDGET 2024: झारखंड केंद्रीय करों में 4720 करोड़ बढ़ गयी

UNION BUDGET

UNION BUDGET 2024: झारखंड के खजाने के खस्ताहाल होने की बला फिलहाल टल गई. चुनावी साल में विकास या कल्याण की योजनाओं पर भी आफत की आशंका दूर हो गई है. भारत सरकार ने केंद्रीय करों में झारखंड की हिस्सेदारी चार हजार सात सौ बीस करोड़ बढ़ा दी है. पिछले साल यह 36, 525 करोड़ 60 लाख थी. जो 2024-25 के वित्तीय वर्ष के लिए बढ़कर 41 हजार 245 करोड़ 28 लाख हो गई है. 

UNION BUDGET 2024 : केंद्रीय बजट में झारखंड को चुनावी तोहफा पाने में भले ही निराशा हाथ लगी है, लेकिन केंद्रीय करों में झारखंड की हिस्सेदारी 4720 करोड़ से अधिक बढ़ गई है. जो साल भर तक झारखंड की विकास योजनाओं को राहत का ऑक्सीजन देने के काम आएगी.

भारत सरकार की ओर से केंद्रीय करों में यह हिस्सेदारी कॉरपोरेशन टैक्स, इनकम टैक्स, वेल्थ टैक्स, सीजीएसटी, सीमा शुल्क और अन्य करों  के तहत राज्य को दी जाती है. वस्तु एवं सेवा कर(जीएसटी) लागू होने के बाद केंद्र सरकार का उत्पाद शुल्क अब केवल पेट्रोलियम और कुछ खास उत्पादों पर ही लगता है. इसमें वसूली गई राशि भी राज्यों के उनके तय अनुपात के हिसाब से बांट दी जाती है. 

इनकम टैक्स में मिलेंगे 14 हजार 264 करोड़

झारखंड को केंद्रीय करों में सबसे अधिक हिस्सेदारी इनकम टैक्स के तहत मिलेगी. इस मद में भारत सरकार केंद्र को 14264 करोड़ नौ लाख रुपये देने जा रही है. इसी तरह दूसरी सबसे अधिक हिस्सेदारी कॉरपोरेशन टैक्स के रूप में 12 हजार 385 करोड़ मिलने जा रही है. कॉरपोरेशन टैक्स राज्य में काम कर रही बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों के मुनाफे से वसूली गई कर की राशि में से हिस्सेदारी के तौर पर दी जाती है. 400 करोड़ से अधिक सालाना कारोबार वाली कंपनियों से मुनाफे के 25 फीसदी के तौर पर यह वसूली जाती है. झारखंड को तीसरा सबसे अधिक हिस्सा 12 हजार 322 करोड़ सेंट्रल जीएसटी  के मद में मिलेगी. इसी तरह सीमाशुल्क के तहत 1820 करोड़ और केंद्रीय उत्पाद शुल्क के तहत 383 करोड़ मिलेंगे. 

बिहार को मिलेगा झारखंड के तिगुने से भी अधिक 

झारखंड को मिलने वाले 41 हजार 245 करोड़ के तीन गुने से भी अधिक एक लाख 25 हजार 444 करोड़ 52 लाख की राशि बिहार को केंद्रीय करों में हिसेसदारी के रूप में मिलेगी. केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी केंद्रीय वित्त आयोग द्वारा तय फॉर्मूले के आधार पर होती है. संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत गठित केंद्रीय वित्त आयोग विभिन्न मानकों के आधार पर यह फॉर्मूला तय करता है. अभी 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के तहत राज्यों को राशि दी जा रही है. इसके तहत राज्यों को केंद्रीय करों में दी जाने वाली कुल हिस्सेदारी में से 3.30 फीसदी झारखंड के खाते में आती है. 16वें वित्त आयोग का भी गठन हो चुका है. इसकी रिपोर्ट आने के बाद उसी फॉर्मूले के तहत राज्यों के बीच केंद्रीय करों में हिस्सेदारी तय की जाएगी.  

केंद्रीय और केंद्र प्रायोजित योजनाओं से भी मिलेगा धन

केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के अलावा केंद्र प्रायोजित परियोजनाओं के तहत भी झारखंड को बड़ी राशि मिलनी है. विभिन्न योजनाओं के तहत यह राशि 25 हजार  करोड़ से अधिक हो सकती है. 

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