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Hathras : सीएम योगी आदित्यनाथ हाथरस घायलों से मिलकर लौटे, बताया कितने लोगों की हुई मौत

CM Yogi In Hathras: CM योगी आदित्यनाथ Hathras पहुंचे और वहां भगदड़ में पीड़ितों और उनके परिजनों से मुलाकात की. सीएम ने पत्रकारों से वार्ता की और मौके की जानकारी दी.

Hathras : सीएम योगी आदित्यनाथ हाथरस घायलों से मिलकर लौटे, बताया कितने लोगों की हुई मौत cm yogi adityanath 2
CM Yogi In Hathras (Source photo: Aaj Tak)

CM Yogi In Hathras : Uttar Pradesh के हाथरस में सत्संग के दौरान मची भगदड़ में घायलों से मिलने पहुंचे सीएम Yogi Adityanath ने बताया कि कुल 121 लोगों की मौत हुई है. मरने वाले 121 लोगों में 6 लोग अन्य राज्यों यानी, एमपी, हरियाणा और राजस्थान से थे. सीएम ने हाथरस के जिला अस्पताल में 31 घायलों से मुलाकात की. पहले राहत और बचाव का कार्य किया गया. इसके बाद कहा कि जो लोग अस्पताल में भर्ती हैं, उसमें अधिकत खतरे से बाहर हैं. उन्होंने कहा कि वहां पीड़ितों से बात की है. यूपी के हाथरस ,बंदायू, एटा, ललितपुर, आगरा, फिरोजाबाद, संभल और पीलीभीत निवासी मारे गए हैं. सीएम ने कहा कि घटना के तह तक जाने के लिये हमने व्यवस्था बनाई है.

सीएम ने बताया कि सेवादारों को धक्का दिया गया. एडीजी आगरा और अलीगढ़ कमिश्नर की कमेटी ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट दी है.  उन्हें कहा गया है हादसे तक तह तक जाना है. इस घटना में पहले से एफआईआर दर्ज हो गया है. कारवाई चल रही है.

सीएम ने कहा कि कथावाचक के मंच से उतारने के दौरान कथावाचक को छुने के दौरान महिलाओं का दल आगे गया. इस दौरान हादसा हुआ. सेवादार भी वहां थे. ऐसे मामलों में सेवादार प्रशासन को अंदर नहीं आने देना चाहते. जब स्थिति उनके हाथ से बाहर निकली तब प्रशासन को जानकारी दी.

कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं…’
सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोग दुखद घटना में राजनीति कर रहे है. कुछ लोग चोरी भी और सीनाजोरी भी कर रहे. सज्जन के संबध किसके साथ है, ये सब दिख रहा है.

सीएम ने कहा इस घटना के पीछे साजिश है. पहले से एफआईआर दर्ज हो गया है. कारवाई चल रहाी है. सीनियर अधिकारी लगातार कैंप कर रहे है.

Bihar के भागलपुर में जिला अभियोजन का कार्यालय और नवगछिया में बनेगा नदी थाना भवन, जानिए… कितना आयेगा खर्च

Bihar News

Bihar News : बिहार के भागलपुर में जर्जर जिला अभियोजन का कार्यालय की जगर नया भवन और नवगछिया में नदी थाना भवन बनेगा और इसको मंजूरी मिल गयी है. दोनों भवनों के निर्माण पर करीब 03 करोड़ 15 लाख खर्च ओगा.

Bihar News : भागलपुर में जर्जर जिला अभियोजन कार्यालय की जगह नया भवन और नवगछिया में नदी थाना भवन (जी प्लस वन) को बनाने का निर्माण बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम एजेंसी के माध्यम से करायेगा. भवनों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है. विद्युतीकरण के साथ दोनों जगहों पर बिल्डिंग बनेगा.

Bihar के भागलपुर में जिला अभियोजन का कार्यालय और नवगछिया में बनेगा नदी थाना भवन, जानिए... कितना आयेगा खर्च भवन 2
File Photo

बिल्डिंग बनाने के लिए बहाल की जाने लगी है एजेंसी

भागलपुर और नवगछिया, दोनों जगहों के बिल्डिंग को बनाने के लिए साल भर का समय निर्धारित किया है. यानी, चयनित एजेंसी के लिए साल भर में बिल्डिंग बनाकर तैयार करना अनिवार्य होगा. कार्य एजेंसी की बहाली की जाने लगी है. जारी निविदा के तहत 29 जुलाई को तकनीकी बिड खोला जायेगा. जितनी भी एजेंसियां टेंडर भरेगी, उनके कागजातों का मूल्यांकन कर फाइनेंसियल बिड खोलेगा और चयनित करेगा. इसके बाद उन्हें वर्क ऑर्डर देकर काम शुरू करने कहा जायेगा.

जानिए… किस पर कितना आयेगा खर्च

भागलपुर में जिला अभियोजन कार्यालय भवन : 01.42 करोड़ रुपये

नवगछिया में नदी थाना भवन : 1.73 करोड़ रुपये

Rahul Gandhi Speech : आखिरकार क्यों भड़के राहुल गांधी, स्पीकर को चिट्ठी लिखकर बताए ये नियम

Rahul Gandhi Speech

Rahul Gandhi Speech: लोकसभा में दिए गए राहुल गांधी के भाषण के कुछ अंशों को हटाए जाने पर स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखी है. इसमें कहा कि मैंने सदन में सभी सही बात बोली है.

Rahul Gandhi Speech: लोकसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने भाषण के कुछ हिस्सों को कार्यवाही से हटाने के खिलाफ हैं. स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखी और कहा कि मेरे विचारों को कार्यवाही से हटाना संसदीय लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है. मेरे भाषण के हटा दिए गए हिस्सों को फिर से बहाल किया जाना चाहिए.  

Rahul Gandhi Speech : आखिरकार क्यों भड़के राहुल गांधी, स्पीकर को चिट्ठी लिखकर बताए ये नियम rahul gandhi 2
Rahul Gandhi

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के भाषण में भी आरोपों की भरमार थी, लेकिन  उनकी स्पीच से केवल एक शब्द हटाया गया. भेदभाव समझ के परे है. दरअसल, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान लोकसभा में दिए गए राहुल गांधी के भाषण के कुछ अंश सोमवार (1 जुलाई, 2024) को हटा दिए गए हैं. हटाए गए अंश में हिंदुओं और कुछ दूसरे धर्मों पर उनकी टिप्पणियां शामिल हैं.

Rahul Gandhi Speech : आखिरकार क्यों भड़के राहुल गांधी, स्पीकर को चिट्ठी लिखकर बताए ये नियम letter

राहुल गांधी ने कहा कि मैंने सदन में सच्चाई रखी

राहुल गांधी ने कहा कि मैंने सदन में सच्चाई रखी. हर सांसद का अधिकार है. संसद में लोगों से जुड़े मुद्दे उठाए. इसको ध्यान में रखते हुए ही मैंने अपना भाषण दिया था. उन्होंने आज सुबह भी कहा कि पीएम Narendra Modi की दुनिया में सच्चाई को मिटाया जा सकता है, हकीकत में नहीं. वहीं, बीजेपी ने राहुल गांधी के लेटर लिखने पर पलटवार किया है. 

बीजेपी ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि राहुल गांधी के भाषण का अंश का कुछ हिस्से हटाने का अधिकाऱ लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के पास है.

Coal Mines Tender : बिहार के भागलपुर में कोल मांइस को लीज पर देने की फिर से तैयारी, जानिए… कितना है कोयले का भंडार

Coal Mines Tender
फाइल फोटो
  • साल 2022 से कोल माइंस को लीज पर देने की चल रही कोशिश, एजेंसी नहीं ले रही रुचि-हाल के कुछ माह पहले नीलामी शिड्यूल को भी किया रिवाइज, फिर भी कोई नहीं आ रहा आगे.
  • 340.35 मिलियन टन कोयले का है भंडार, चयनित एजेंसी को हर साल 17.5 मिलियन टन कोयले का ही कर सकेंगे उत्खननवरीय संवाददाता, भागलपुर

Pirpainti-Kahalgaon-Mahagama : Bihar के भागलपुर जिले के पीरपैंती-कहलगांव-महगााम तीनों के सीमावर्ती क्षेत्र के कोल माइंस को लीज पर देने की फिर से तैयारी होने लगी है. एजेंसी व फर्म का चयन के लिए निविदा मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉर्पोरेशन लिमिटेड(एमएसटीसी) की ओर से निकाली गयी है. पिछले तीन टेंडर में में सफलता नहीं मिली थी. कार्य एजेंसियों, फर्म व कांट्रैक्टरों की ओर से रूचि नहीं लिए जाने से तीनों बार में टेंडर रद्द करनी पड़ी थी. सीमावर्ती क्षेत्र के लक्ष्मीपुर नॉर्थ, मिरजागांव नॉर्थ व मिरजागांव साउथ कोल माइंस को लीज पर देने के लिए मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉर्पोरेशन लिमिटेड 3 नवंबर, 2022 से लगातार प्रयासरत है.

Coal Mines Tender : बिहार के भागलपुर में कोल मांइस को लीज पर देने की फिर से तैयारी, जानिए... कितना है कोयले का भंडार कोल माइंस 2
File photo

कुछ इस तरह से कोल मांइस के लिए चयनित होगी एजेंसी

coal mines tender : मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉर्पोरेशन लिमिटेड(एमएसटीसी) ने जो निविदा जारी की है, उसके के तहत टेक्निकल बिड 28 अगस्त, 2024 को खोली जायेगी. इसके बाद टेंडर में भाग लेने वाली एजेंसियों के कागजात का मूल्यांकन की जायेगी. इसमें सफल एजेंसियों का फिर फाइनेंसियल बिड खोला जायेगा. जिनके नाम से फाइनेंसियलब बिड खुलेगा, उन्हें कोयला खनन के लिए उक्त कोल माइंस को लीज पर भी दिया जायेगा.

कोल माइंस नीलामी की किस्त कई बार हुई रिवाइज

कोल माइंस नीलामी की किस्त अब तक में कई बार रिवाइज हुई है. कोल माइंस लक्ष्मीपुर नॉर्थ, मिरजागांव नॉर्थ व मिरजागांव साउथ पहले कोयला खदानों के तहत नीलीमी की 17 वीं किस्त के अधीन खानों एवं खनिजों में 7वीं किश्त में शामिल था. रिवाइज के बाद यह कोयला खदानों के तहत नीलामी की 18वीं व 19वीं किश्त के खानों एवं खनिजों के आठवीं व नवमीं किश्त में शामिल किया गया है. अभी रिवाइज के बाद यह कोयला खदानों के तहत नीलामी की 20वीं किश्त के खानों एवं खनिजों के 10वीं किश्त में शामिल किया गया है. रिवाइज शिड्यूल पर ही निविदा की प्रक्रिया अपनायी जा रही है.

90 मीटर बेस में 340.35 मिलियन टन कोयले का है भंडार

कोयले का भंडार करीब 340.35 मिलियन टन है. यह 78 से 90 मीटर के बेस में है और उसके ऊपर मिट्टी की मोटी परत है. इसे 10 सीमांत में बांटा है. कोयले की मोटाई और गहरायी सीमांत के हिसाब से बांटी गयी है. सबसे ज्यादा कायेले का भंडारण सीमांत-2 में है. यहां कोयले का 13.14 से 72.90 मीटर थीनेस रेंज है. जो 81.42 से 142.50 मीटर बेस में है. यहां सर्वाधिक कायेला का भंडारण 144.622 मिलियन टन है.

17.5 मिलियन टन कोयले का हर साल हो सकेगा खनन

जमीन के अंदर मिलने वाले कोयले के भंडार से खनन करने के लिए एम सीमा तय की गयी है. चयनित एजेंसी के लिए हर साल 17.5 मिलियन टन कोयले का उत्खनन करना अनिवार्य किया है.

जानें, कब-कब जारी हुआ था टेंडर

टेंडर-1 :

प्रकाशित : 03 नवंबर, 2022तकनीकी बिड खोलने की तिथि : 02 जनवरी, 2023

टेंडर-2 :

प्रकाशित : 29 मार्च, 2023

तकनीकी बिड खोलने की तिथि :31 मई, 2023

28 जून, 2023

टेंडर-3 :

प्रकाशित : 15 नवंबर, 2023

तकनीकी बिड खोलने की तिथि :31 जनवरी, 2024

05 फरवरी, 2024

टेंडर-चार :

प्रकाशित : 21 जून, 2023

तकनीकी बिड खोलने की तिथि :

28 अगस्त, 2024

Nagina Loksabha सीट के सांसद चंद्रशेखर आजाद के एक विवादित बयान का वीडियो हुआ वायरल, भड़के BJP नेता

Nagina Loksabha Chandrashekhar Azad

Chandrashekhar Azad : भीम आर्मी प्रमुख और नगीना लोकसभा सीट के नवनिर्वाचित सांसद चंद्रशेखर आजाद के एक विवादित बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और इसके साथ बिहार में भी सियासत गरमा गई है. बीजेपी के प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने सांसद चंद्रशेखर के बयान पर कहा कि वह अगर ऐसा सोचते हैं कि सनातन का विरोध करके दलितों का वह बड़ा नेता बन जाएंगे तो यह उनकी भारी भूल है.

Nagina Loksabha सीट के सांसद चंद्रशेखर आजाद के एक विवादित बयान का वीडियो हुआ वायरल, भड़के BJP नेता chandrashekhar azad 1
यूपी की नगीना सीट से सांसद बने चंद्रशेखर आजाद (फाइल फोटो) 

BJP Reaction : Bihar में भी सियासत गरमा गई है. जहां बीजेपी ने चंद्रशेखर आजाद को नया मुल्ला बनने की बात कह दी है. वहीं] दूसरी ओर इस पूरे मामले में आरजेडी ने बीजेपी पर हमला किया तो धार्मिक मामलों में समर्थन किया है.

बिहार बीजेपी के प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने चंद्रशेखर आजाद के बयान पर हमला करते हुए सोमवार (01 जुलाई) को कहा, “भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद जी नया-नया मुल्ला बने हैं. इसलिए प्याज कुछ ज्यादा खा रहे हैं. ज्यादा प्याज खाने से कोई सेहतमंद नहीं होता है. चंद्रशेखर आजाद अपने आस्तीन पर सनातन विरोधी होने का तगमा लगाना चाहते हैं. “

दलित समाज सनातन धर्म का अटूट अंग है. किसी धर्म विशेष की तुष्टिकरण के लिए सनातन धर्म का अपमान नहीं करें. चंद्रशेखर जी बताएं कि कांवड़ यात्रा के दौरान किस अस्पताल को बंद किया जाता है, किस रास्ते को बंद किया जाता है, बल्कि आम लोगों को सहूलियत के लिए दूसरा रास्ता दिया जाता है.”

जानें, सांसद चंद्रशेखर आजाद ने क्या कहा है?

चंद्रशेखर आजाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हो रहा है. इसमें वह लोगों को संबोधित करते हुए कह रहे हैं कि मैंने अपनी बात कई बार नेशनल मीडिया में पूछी है कि अगर हिंदू धर्म की आस्था है कि दस दिन कांवड़ चलता है, फिर सारे होटल और अस्पताल बंद हो जाते हैं. अस्पताल बंद होने से कोई कहीं और जगह जाता है. कितनी परेशानी होती है, लेकिन उनकी आस्था को देखते हुए लोग सहते हैं.

New Criminal Law: पुलिस में ऑनलाइन शिकायत, जीरो एफआईआर… जानिए कौन से कानून आज से बदल गए

New Criminal Laws

Three New Criminal Law : तीन नये आपराधिक कानून आज 1 जुलाई, 2024 से लागू हो चुके हैं.दुष्कर्म पीड़िताओं का बयान कोई महिला पुलिस अधिकारी ही लेगी. थाने में भी अब ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकेंगे. .. और भी जानें बदलाव क्या हुआ?

New Criminal Law: पुलिस में ऑनलाइन शिकायत, जीरो एफआईआर... जानिए कौन से कानून आज से बदल गए indian New Criminal Laws Hc24 News 1
New Criminal Law

New Criminal Law: देश में तीन नये आपराधिक कानून लागू हो चुके हैं. भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में व्यापक बदलाव आएंगे. ब्रिटिश काल के कानूनों का अंत हो चुका है. भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम ने ब्रिटिश काल के क्रमश: भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम का स्थान ले लिया है.

दुष्कर्म पीड़िताओं का बयान अब लेगी कोई महिला पुलिस अधिकारी

इस नये कानूनों के तहत आपराधिक मामलों में फैसला मुकदमा पूरा होने के 45 दिन के अंदर आयेगा. पहली सुनवाई के 60 दिन के भीतर आरोप तय कर दिए जाएंगे. दुष्कर्म पीड़िताओं का बयान कोई महिला पुलिस अधिकारी ही लेगी, साथ ही उसके अभिभावक या रिश्तेदार की मौजूदगी में बयान दर्ज किया जाएगा. मेडिकल रिपोर्ट 7 दिन के अंदर देनी होगी. राजद्रोह की जगह देशद्रोह लाया गया है. सभी तलाशी तथा जब्ती की कार्रवाई की वीडियोग्राफी होगी जो जरूरी है.

ZERO FIR, पुलिस में ऑनलाइन शिकायत

नये कानूनों के लागू हो जाने से ‘जीरो एफआईआर’, पुलिस में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराना, ‘एसएमएस’ (मोबाइल फोन पर संदेश) के जरिये समन भेजने जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के तहत लोगों को सहूलियत दी गयी है. सभी जघन्य अपराधों के वारदात स्थल की वीडियोग्राफी जरूरी जैसे प्रावधान नये कानून में शामिल हैं.

New Criminal Law : जानें.. नये कानूनों के बारे में

1.महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर एक नया अध्याय जोड़ा गया है. किसी बच्चे को खरीदना और बेचना जघन्य अपराध की श्रेणी में आएगा. किसी नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के लिए मृत्युदंड या उम्रकैद का प्रावधान नए कानून में जोड़ा गया है.
2. नए कानूनों के तहत अब कोई भी व्यक्ति पुलिस थाना गये बिना इलेक्ट्रॉनिक संचार माध्यम से घटनाओं की रिपोर्ट दर्ज कराने में सक्षम है. इससे मामला दर्ज कराना आसान और तेज हो जाएगा. पुलिस द्वारा फौरी कार्रवाई की जा सकेगी.
3. ‘जीरो एफआईआर’ से अब कोई भी व्यक्ति किसी भी पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज करा सकता है. भले ही अपराध उसके अधिकार क्षेत्र में न हुआ हो.
4. नए कानून में गिरफ्तारी की सूरत में व्यक्ति को अपनी पसंद के किसी व्यक्ति को अपनी स्थिति के बारे में सूचित करने का अधिकार दिया गया है. इससे गिरफ्तार व्यक्ति को तुरंत सहयोग प्राप्त होगा.
5. नए कानूनों में महिलाओं व बच्चों के खिलाफ अपराधों की जांच को प्राथमिकता दी गयी है. इससे मामले दर्ज किए जाने के दो महीने के अंदर जांच पूरी की जाएगी. नए कानूनों के तहत पीड़ितों को 90 दिन के भीतर अपने मामले की प्रगति पर नियमित रूप से जानकारी पाने का अधिकार होगा.
6. नए कानूनों में, महिलाओं व बच्चों के साथ होने वाले अपराध पीड़ितों को सभी अस्पतालों में निशुल्क प्राथमिक उपचार या इलाज मुहैया कराया जाएगा.
7. आरोपी तथा पीड़ित दोनों को अब प्राथमिकी, पुलिस रिपोर्ट, आरोपपत्र, बयान, स्वीकारोक्ति और अन्य दस्तावेज 14 दिन के भीतर पाने का अधिकार होगा.
8. अदालतें वक्त रहते न्याय देने के लिए मामले की सुनवाई में अनावश्यक विलंब से बचने के वास्ते अधिकतम दो बार मुकदमे की सुनवाई स्थगित कर सकती हैं.
9. नए कानूनों में सभी राज्य सरकारों के लिए गवाह सुरक्षा योजना लागू करना जरूरी है. ऐसा इसलिए ताकि गवाहों की सुरक्षा व सहयोग सुनिश्चित किया जाए और कानूनी प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता व प्रभाव बढ़ाया जाए.
10. पीड़ित को अधिक सुरक्षा देने तथा दुष्कर्म के किसी अपराध के संबंध में जांच में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए पीड़िता का बयान पुलिस द्वारा ऑडियो-वीडियो माध्यम के जरिए दर्ज किया जाएगा.
11. महिलाओं, पंद्रह वर्ष की आयु से कम उम्र के लोगों, 60 वर्ष की आयु से अधिक के लोगों तथा दिव्यांग या गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को पुलिस थाने आने से छूट दी जाएगी. वे अपने निवास स्थान पर ही पुलिस सहायता प्राप्त कर सकते हैं.

Bhagalpur News : DM को बेस्ट Performing डिस्ट्रिक्ट का दिल्ली में मिला पुरुस्कार

Bhagalpur News

Bhagalpur News : भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी को नयी दिल्ली में राष्ट्रीय आयोग बाल अधिकार संरक्षण, नयी दिल्ली की ओर से बेस्ट Performing डिस्ट्रिक्ट का पुरस्कार प्रदान किया गया.

Bhagalpur News : DM को बेस्ट Performing डिस्ट्रिक्ट का दिल्ली में मिला पुरुस्कार Bhagalpur Dm 2
Bhagalpur DM

Bhagalpur DM : गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के कमलों से स्मृति चिह्न प्रदान कर उन्हें पुरस्कार से नवाजा गया है. यह पुरस्कार प्रिवेंशन ऑफ ड्रग्स एंड सब्सटेंस एब्यूज एक युद्ध नशे के विरुद्ध के लिए बनाये गये ज्वाइंट एक्शन प्लान को बखूबी अपने जिले के सरजमीं पर उतरने के लिए दिया गया है. ड्रग्स दुरुपयोग एवं अवैध दुर्व्यपार के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर प्रदान किया गया है.

Shravani Mela 2024 : एनएच विभाग भी मेले की तैयारी में जुटा, जानिए 12 लाख कहां खर्च करेगा

Shravani Mela
  • 06 जुलाई को निविदा खोलकर चयनित करेगी एजेंसी
  • 15 मार्च तक मेंटेनेंस कार्य पूरा करने का डेडलाइन किया है तय

Bhagalpur News: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला की तैयारी में एनएच विभाग का भागलपुर डिवीजन भी जुट गया है. वह सुलतानगंज के अपने निरीक्षण भवन (आइबी) का मेंटेनेंस करायेगा. इस पर वह 12 लाख 16 हजार रुपये तक खर्च करेगा.

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Shravani Mela : File Photo

Shravani Mela 2024 : एनएच विभाग 12 लाख कहां खर्च कर सुलतानगंज में खानसमा के साथ आपने आइबी का पेंटिंग सहित डे टू डे मेंटेनेंस करायेगा और इसकी प्लानिंग उन्होंने कर ली है. मेंटेनेंस कार्य प्रक्रिया भी अपनाने लगी है. काम एजेंसी के माध्यम से करायेगा और इसको बहाल के लिए निविदा जारी की है. निविदा 06 जुलाई को खोली जायेगी और कार्य एजेंसी चयनित करेगी

चयनित एजेंसी के लिए 15 मार्च तक मेंटेनेंस कार्य पूरा करना होगा अनिवार्य

छह जुलाई के जब निविदा खोली जायेगी, तो कार्य एजेंसी का चयन भी हो जायेगा चयनित कार्य एजेंसी के लिए 15 मार्च तक मेंटेनेंस कार्य पूरा करना अनिवार्य होगा.

कांवरियों की सुविधाओं व प्रशासनिक प्रबंधन का कार्य के लिए भी बाहल होगी एजेंसी

जिला प्रशासन भी सुलतानगंज में कांवरियों व श्रद्धालुओं की सुविधाओं व प्रशासनिक प्रबंधन का कार्य एजेंसी के माध्यम से करायेगी. निविदा जारी की है. इच्छुक व्यक्तियों, फर्म, आपूर्तिकर्ता से भाड़े व आपूर्ति के लिए निविदा जारी की है. यह पांच जुलाई को खोली जयेगी. अपरिहार्य कारणवश उक्त तिथि को निविदा नहीं खोली जा सकी, तो यह आठ व 10 जुलाई को खोलकर आपूर्तिकर्ता का चयन किया जायेगा. वहां टेंट व पंडाल, विद्युतीकरण एवं अन्य सामग्रियों की आपूर्ति व निर्माण का कार्य होगा. आमंत्रण कार्ड, फ्लैक्स, बैनर्र, होर्डिंग आदि की छपाई की जानी है. सीसीटीवी कैमरा, वीडियोग्राफी, स्टील फोटोग्राफी व पब्लिक काउटिंग मशीन का इंस्टॉलेशन मोबाइल एप व सर्वर पर रखरखाव संबंधी कार्य कराया जाना है.

New Criminal Laws : कानून में होगा बदलाव, जानिए… अब किन मामलों में हथकड़ी लगा सकती है पुलिस?

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Three Criminal Laws : तीन नये क्रिमिनल लॉ एक जुलाई यानी सोमवार से लागू होने जा रहे हैं. कानून में बड़े बदलाव होंगे, आइए जानते हैं कि अब पुलिस किन मामलों में हथकड़ी लगा सकती है?

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Three Criminal Laws: आईपीसी की जगह भारतीय न्याय संहिता, सीआरपीसी की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा रंहिता और 1872 के इंडियन एविडेंस एक्ट की जगह भारतीय साक्ष्य संहिता लाने वाले हैं. ये तीनों कानून एक जुलाई से लागू हो जाएंगे. तीनों नये कानूनों को लाने का खास मकसद अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे आउटडेटेड नियम कायदों को हटाना और उनकी जगह आज की जरूरत के मुताबिक कानून लागू करना है.

अब देशभर में कही भी जीरो एफआएआर दर्ज की जा सकेगी. वहीं, कुछ मामलों में पुलिस को आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अपने सीनियर से मंजूरी नहीं लेनी पड़ेगी. पुलिस कुछ आरोपियों को हथकड़ी लगाकर भी गिरफ्तार कर सकती है. कानून में वो क्या बदलाव होगा जिससे पुलिस कुछ आरोपियों को हथकड़ी लगा सकती है. आइए जानते हैं.

किन अपराधियों को लगायी जा सकेगी हथकड़ी?

इस धारा के अनुसार, यदि कोई कैदी आदतन अपराधी है या फिर पहले से हिरासत से भाग चुका है या फिर संगठित अपराध या फिर आतंकवादी गतिविधि में शामिल रहा है, किसी ड्रग्स से जुड़े अपराध करता आया है, हथियार या गोला बारूद, हत्या, दुष्कर्म, एसिड अटैक, नकली सिक्कों और नोटों की तस्करी, मानव तस्करी, बच्चों के खिलाफ यौन अपराध या फिर राज्य के खिलाफ अपराध में शामिल रहा हो तो ऐसे कैदी को हथकड़ी लगाकर गिरफ्तार किया जा सकता है या फिर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जा सकता है.

इसके अलावा अबतक किसी अपराधी पर ट्रायल तभी शुरू होता था जब वो अदालत में मौजूद हो, लेकिन अब नए कानून के तहत किसी भगौड़ या फरार अपराधी पर भी केस चलाया जा सकेगा. इसी तरह नए कानून के तहत काफी कुछ बदलाव देखने को मिलेंगे.   

हथकड़ी को लेकर क्या है नियम?

सुप्रीम कोर्ट ने 1980 में प्रेम शंकर शुक्ला बनाम दिल्ली सरकार मामले में फैसला सुनाते हुए हथकड़ी के इस्तेमाल को अनुच्छेद 21 के तहत असंवैधानिक करार दिया था. अपने फैसले में कोर्ट ने कहा था कि यदि किसी कैदी को हथकड़ी लगाने की जरूरत महसूस होती है तो उसका कारण दर्ज करना होगा और मजिस्ट्रेस से अनुमति लेनी होगी. अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 43 (3) में गिरफ्तारी या अदालत में पेश करते समय कैदी को हथकड़ी लगाने का प्रावधान किया गया है.

       

New Criminal Laws : कानून में बुजुर्गों की गिरफ्तारी को लेकर क्या हुआ है बदलाव?

Three Criminal Laws

New Criminal Laws : एक जुलाई से देश में 3 नये आपराधिक कानून लागू हो रहे हैं. इसके तहत कई कानून बदल जायेंगे. इसमें बुजुर्गों की गिरप्तारी को लेकर भी बदलाव होने वाला है.

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New Criminal Laws

Three Criminal Laws: देश में एक जुलाई से आईपीसी की जगह भारतीय न्याय संहिता, सीआरपीसी की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और 1872 के इंडियन एविडेंस एक्ट की जगह भारतीय साक्ष्य संहिता लेने वाले हैं. इन तीन कानूनों के चलते देश के लॉ सिस्टम में काफी कुछ बदलने वाला है. भगोड़े आरोपियों पर केस चलाने से लेकर बुजुर्गों की गिरप्तारी में भी काफी कुछ बदलाव देखने को मिलेगा. हथकड़ी से लेकर एफआईआर तक में भी बदलाव दिखेगा. 

कानून में बुजुर्गों की गिरफ्तारी को लेकर हुआ ये बदलाव

गिरफ्तारी के नियमों में वैसे तो बहुत ज्यादा बदलाव नहीं किया गया है. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35 में एक नया सब सेक्शन 7 जोड़ा गया है. इससे छोटे-छोटे अपराधियों और बुजुर्गों की गिरफ्तारी को लेकर नियम बनाया गया है.

धारा 35 (7) के अनुसार, ऐसे अपराध जिनमें तीन साल या उससे कम की सजा का प्रावधान है. उनमें आरोपी की गिरफ्तारी से पहले DSP या फिर उससे ऊपर की रैंक के अफसर की अनुमति लेनी होगी. वहीं, यदि आरोपी की उम्र 60 साल या उससे ज्यादा है तो उसकी गिरफ्तारी के लिए भी यही नियम लागू होगा. 

दया याचिका पर भी अब होगा नया नियम

किसी भी फैसले में मौत की सजा पाए दोषी को अपनी सजा कम करवाने या माफी के लिए आखिरी रास्ता दया याचिका होती है. जब सभी कानूनी रास्ते बंद हो जाते हैं तो दोषी के पास राष्ट्रपति के सामने दया याचिका दायर करने का अधिकार होता है. अब तक जब दोषी के पास सारे रास्ते खत्म हो जाते थे तो दया याचिका के लिए कोई सीमा नहीं थी. लेकिन अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 472 (1) के तहत, सारे कानूनी रास्ते खत्म होने के बाद दोषी को 30 दिन के अंदर राष्ट्रपति के सामने दया याचिका दायर करनी होगी. इसके बाद राष्ट्रपति का दया याचिका पर जो भी फैसला होगा उसकी जानकारी 48 घंटे के अंदर केंद्र सरकार को राज्य सरकार के गृह विभाग और जेल के सुपरिंटेंडेंट को देनी होगी.

पुलिस कस्टडी को लेकर हुई सख्ती

नए कानून में पुलिस कस्टडी को लेकर भी सख्ती की गई है. अब तक आरोपी को गिरफ्तार करने के तारीख से ज्यादा से ज्यादा 15 दिनों के लिए पुलिस कस्टडी में भेजा जा सकता था. उसके बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाता था जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाता था, लेकिन नए कानून के मुताबिक, किसी आरोपी की गिरफ्तारी के 60 से 90 दिनों के अंदर किसी भी समय 15 दिनों की कस्टडी मांग सकती है.

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