Who is Faggan Singh Kulaste : एक समर्पित जनसेवक जो मंत्री बनने से इंकार कर दिया, जानें कौन हैं फग्गन सिंह

Who is Faggan Singh Kulaste फग्गन सिंह कुलस्ते मध्य प्रदेश के एक सम्मानित राजनीतिज्ञ हैं, जो अपनी सार्वजनिक सेवा और सामाजिक कार्य के लिए जाने जाते हैं. मंडला निर्वाचन क्षेत्र से सात बार के सांसद, कुलस्ते भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ सदस्य हैं और कई मौकों पर केंद्रीय मंत्री रहे हैं.

हाल ही में, कुलस्ते ने चौथी बार कनिष्ठ मंत्री बनने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया, यह कहते हुए कि उन्होंने “राज्य मंत्री के रूप में तीन बार सेवा करने के बाद” पद स्वीकार करने में संकोच किया. उन्होंने व्यक्त किया कि वह कैबिनेट मंत्री का पद ग्रहण करने के लिए अधिक उपयुक्त होंगे, यह दर्शाता है कि उनकी महत्वाकांक्षाएं और सार्वजनिक सेवा के लिए प्रतिबद्धता सीमित नहीं है.

फग्गन सिंह कुलस्ते को किस कारण जाना जाता है?

Kulaste ने अपने करियर की शुरुआत एक शिक्षक के रूप में की, शिक्षा के महत्व में दृढ़ विश्वास के साथ. वह आदिवासियों को अपनी सांस्कृतिक गतिविधियों को संरक्षित करने के लिए प्रोत्साहित करने और समाज के कमजोर वर्गों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करने के अपने प्रयासों के लिए जाने जाते हैं. उनकी सामाजिक सक्रियता ने उन्हें राजनीतिक क्षेत्र में प्रेरित किया, जहां उन्होंने जल्दी ही भाजपा में प्रमुखता हासिल की.

फग्गन सिंह कुलस्ते किनकी सरकार में कौन से मंत्री रहे?  

1999 में, कुलस्ते को अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में आदिवासी मामलों और संसदीय कार्य राज्य मंत्री नियुक्त किया गया था. उन्हें 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री के रूप में भी नियुक्त किया गया था. अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य देखभाल और आदिवासी कल्याण सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया.

कुलस्ते की सार्वजनिक सेवा में अडिग प्रतिबद्धता और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की उनकी इच्छा आदरणीय है. मंत्री बनने के प्रस्ताव को ठुकराने का उनका निर्णय इस बात का प्रमाण है कि उनकी प्राथमिकता महत्वाकांक्षा से अधिक सच्ची सेवा है। उनका मानना ​​है कि देश के हितों की सबसे अच्छी सेवा एक वरिष्ठ भूमिका में की जा सकती है, जहां वह वास्तविक परिवर्तन ला सकें.

फग्गन सिंह कुलस्ते एक प्रेरणादायक व्यक्ति हैं जो सार्वजनिक सेवा की शक्ति में विश्वास करते हैं. उनके करियर और उपलब्धियों ने साबित कर दिया है कि विनम्र शुरुआत वाले लोग भी समाज पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं. उनकी निःस्वार्थ सेवा और देश के प्रति प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों के लिए अनुकरणीय है.

NEET पेपर लीक घोटाला: 30 लाख में पाओ NEET का पेपर, बिहार में 13 गिरफ्तार, छह चेक हुए बरामद

Neet Scam Case राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) पेपर लीक मामले में बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. जांच के दौरान, EOU अधिकारियों ने छह पोस्ट-डेटेड चेक (PDC) बरामद किए, जो संदेह है कि पेपर लीक करने वाले माफिया को दिए जाने थे. इन चेक पर प्रत्येक अभ्यर्थी से 30 लाख रुपये से अधिक की राशि का उल्लेख है.

EOU के उप महानिरीक्षक (DIG) मानवजीत सिंह ढिल्लों के अनुसार, अब तक मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें चार परीक्षार्थी और उनके परिवार के सदस्य शामिल हैं. गिरफ्तार सभी आरोपी बिहार के निवासी हैं. इसके अतिरिक्त, नौ अन्य अभ्यर्थियों को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं.

NEET-UG 2024 की परीक्षा 571 शहरों में 4,750 केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिसमें 24 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने भाग लिया था. परिणाम 4 जून को घोषित किए गए थे, लेकिन विसंगतियों के आरोपों के बाद हंगामा मच गया.

जांच में यह पाया गया कि परीक्षा से पहले उम्मीदवारों को कथित तौर पर लीक हुए प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए गए थे और इसके बदले में 30 लाख रुपये का भुगतान करने की मांग की गई थी. बरामद किए गए PDC इस बात का सबूत हैं कि माफिया उम्मीदवारों से भारी राशि वसूल रहा था.

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET परीक्षा में गड़बड़ियों को स्वीकार किया है और कहा है कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) में सुधार की आवश्यकता है. उन्होंने छात्रों और अभिभावकों को आश्वासन दिया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और NTA में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए कदम उठाए जाएंगे.

NEET पेपर लीक घोटाला भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की एक व्यापक प्रणाली को उजागर करता है जो देश में शिक्षा प्रणाली को प्रभावित कर रही है. इस घोटाले ने छात्रों और अभिभावकों के बीच विश्वास को तोड़ दिया है और देश की प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं.

यह आवश्यक है कि संबंधित अधिकारी इस मामले की गहराई से जांच करें और सभी दोषी व्यक्तियों को न्याय के कटघरे में लाया जाए. साथ ही, NTA में सुधार करना और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत उपायों को लागू करना भी महत्वपूर्ण है. छात्रों और अभिभावकों के लिए यह आवश्यक है कि वे इस तरह के घोटालों से सावधान रहें और किसी भी अवैध गतिविधि के बारे में अधिकारियों को सूचित करें.

West Bengal : भाजपा कार्यालय के पास बम जैसी वस्तु से हड़कंप, केंद्रीय प्रतिनिधि मंडल के पहुंचने से पहले हुई घटना

कोलकाता के केंद्रीय एवेन्यू में स्थित मुरलीधर सेन लेन में भाजपा के पार्टी कार्यालय के सामने रविवार शाम को एक डिवाइडर पर सुतली जैसी वस्तु मिलने से हड़कंप मच गया.

घटनाक्रम

स्थानीय निवासियों ने तुरंत स्थानीय थाने को सूचना दी, जिसके बाद लालबाजार के एआरएस और कोलकाता पुलिस के बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं. वस्तु के आसपास बैरिकेड लगाकर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई और एक खोजी कुत्ते की सहायता से इसकी जांच की गई.

जांच और रिजल्ट

जांच में पता चला कि वस्तु बम नहीं थी, बल्कि एक हानिरहित सामग्री थी. पुलिस ने पानी की एक बाल्टी में वस्तु को जब्त कर लिया.

केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल की टीम पहुंची

इस घटना के कुछ समय बाद, भाजपा के केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल की एक टीम माहेश्वरी भवन पहुंची, जो घटनास्थल के निकट स्थित एक इमारत है. टीम ने राजनीतिक हिंसा के शिकार पीड़ितों से मुलाकात की, उनकी आपबीती सुनी और उनकी रिपोर्ट तैयार की. रिपोर्ट को दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपा जाएगा.

रिजल्ट:

भले ही वस्तु हानिरहित पाई गई, लेकिन घटना से भाजपा कार्यालय के आसपास सुरक्षा की कमजोरियों पर सवाल उठे हैं. केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल का दौरा राज्य में राजनीतिक हिंसा के मुद्दे पर चिंता का संकेत देता है और इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर करने का प्रयास है.

Bihar के Sanhaula में बनेगी सड़क, जानिए…कितना आएगा खर्च

Bihar के सन्हौला के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण विकास का कार्य होगा. ग्रामीण कार्य विभाग ने गंगा मंडल के श्रीचक हाउस से पीएमजीएसवाइ रोड (मुर्गियाचक से श्रीचक) के बीच ग्रामीण सड़क के निर्माण को मंजूरी दी है. यह सड़क लगभग एक किलोमीटर लंबी होगी और इसके निर्माण पर लगभग 21 लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान है.

यह नई सड़क ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों के लिए कई लाभ लेकर आएगी. सबसे पहले, यह क्षेत्र में परिवहन की सुविधा को बढ़ाएगा, जिससे लोगों के लिए गांव के भीतर और आसपास के इलाकों में यात्रा करना आसान हो जाएगा. इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा क्योंकि किसान अपनी फसलों को बाजार तक अधिक आसानी से ले जा सकेंगे और व्यापारियों को अपने सामानों को दूर-दराज के गांवों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी.

दूसरे, नई सड़क क्षेत्र के लिए बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच प्रदान करेगी. यह छात्रों के लिए स्कूलों तक पहुंचना आसान बनाएगा और बीमार व्यक्तियों के लिए अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचना आसान बनाएगा. इससे समुदाय की समग्र भलाई में सुधार होने की उम्मीद है.

तीसरे, सड़क क्षेत्र में सामाजिक संपर्क में सुधार करेगी. यह गांवों को जोड़ेगा और लोगों के लिए एक-दूसरे से मिलना और सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेना आसान बनाएगा. इससे समुदाय की भावना को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार होगा.

ग्रामीण सड़क के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है, और कांट्रेक्टर का चयन 26 जून को किया जाएगा. निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है, और इस सड़क के अगले कुछ महीनों में पूरा होने की संभावना है.

सन्हौला में यह नई ग्रामीण सड़क समुदाय के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. यह न केवल परिवहन में सुधार करेगा बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक संपर्क में भी सुधार करेगा. यह क्षेत्र के समग्र विकास और समृद्धि में योगदान देगा और आने वाले वर्षों में ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में सुधार जारी रखेगा.

BIHAR के PIRPAINTI में डोमनिया चौक के पास क्षतिग्रस्त पुल के लिए बनेगा डायवर्सन, जानिए कब से होगा काम

BIHAR के PIRPAINTI में आचार संहिता की समाप्ति के साथ ही लंबित विकास परियोजनाओं को गति मिलने लगी है. भागलपुर जिले में, आचार संहिता की समाप्ति के बाद अनुमोदित पहली परियोजना पीरपैंती से बाबूपुर जाने वाले मार्ग पर डोमनिया चौक के पास क्षतिग्रस्त पुल के लिए डायवर्शन का निर्माण है.

यह डायवर्शन स्थानीय निवासियों को काफी राहत प्रदान करेगा, जिन्हें वर्तमान में पुल की क्षति के कारण असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है. रोड कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट, भागलपुर को इस डायवर्शन के निर्माण की मंजूरी मिल गई है. डायवर्शन के निर्माण से यातायात को सुचारू बनाने और क्षेत्र के निवासियों के लिए आवागमन को सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी.

विभाग ने डायवर्शन के निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित की है. 26 जून को निविदाएं खोली जाएंगी और सफल एजेंसी का चयन किया जाएगा. चयनित एजेंसी को डायवर्शन को 30 दिनों के भीतर पूरा करना होगा. डायवर्शन के निर्माण पर लगभग 28.91 लाख रुपये का खर्च आएगा.

यह डायवर्शन क्षेत्र के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण विकास है. इस परियोजना से न केवल यातायात की समस्या कम होगी, बल्कि इलाके के समग्र विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। भागलपुर जिले के लिए यह एक सकारात्मक कदम है, क्योंकि यह विकास और संपर्क स्थापित करने की दिशा में एक कदम है.

The Great Indian Kapil Show: कपिल शो के अगले सीजन में क्या नहीं आएंगी अर्चना पूरन सिंह? जानिए… कौन सी बड़ी बात कह दी…

The Great Indian Kapil Show में हर हफ्ते कोई ना कोई स्टार्स शिरकत आते हैं. इस बार बादशाह और डिवाइन और करण आए. शो के दौरान अर्चना पूरन सिंह ने बड़ी बात कह दी है.

The Great Indian Kapil Show: द ग्रेट इंडियन कपिल शो का हर एपिसोड काफी मजेदार और दिलचस्प होता है. हर हफ्ते बॉलीवुड से कपिल के शो में गेस्ट आते हैं. इस हफ्ते रैपर करण औजला, बादशाह और डिवाइन शामिल हुए थे, जिन्होंने शो में चार-चांद लगा दिया. इस दौरान कॉमेडियन राजीव ठाकुर ने उनको खूब एंटरटेन किया. इसके अलावा अर्चना पूरन सिंह ने अगले सीजन को लेकर बड़ी बात कह दी.


द ग्रेट इंडियन कपिल शो करण, बादशाह और डिवाइन आए
द ग्रेट इंडियन कपिल शो में जैसे ही करण औजला, बादशाह और डिवाइन काउच पर बैठते हैं, राजीव ठाकुर उन्हें ज्वाइन करने के बारे में उनसे पूछे पूछते हैं. राजीव बताते हैं कि वो भी संगीतकारों के फैमिली से है. इसपर कपिल शर्मा, राजीव की टांग खिंचाई करते हुए कहते हैं कि जो बीन बजाता है उसे संगीतकार नहीं कहा जाता. फिर कपिल एक घटना के बारे में बताते है. इसपर राजीव उनसे उनकी फैमिली के बारे में सबकुछ बताने के लिए कहते हैं.

अर्चना पूरन सिंह ने कही ये बात
राजीव ठाकुर, कपिल शर्मा को कहते हैं, ये (कपिल शर्मा) जब पहली बार लड़की देखने गया था, इसके पापा कहते हैं हमारे लड़के को लाखों लोगों को हंसाना है. तो लड़की वाले बोलते हैं अगर करोड़ों लोगों ने तुम्हें लड़की नहीं दी, तो हम क्यों दे? इसपर अर्चना पूरन सिंह कहती हैं, “बहुत अच्छे.” इस पर कपिल कहते हैं, “अगर उनका जोक इतना अच्छा है, तो आप उनके शो में काम क्यों नहीं करती?” अर्चना कहती हैं, “मिर्ची लग गई. अभी मेरा अगला सीजन खतरे में है.” बता दें कि द ग्रेट इंडियन कपिल शो ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नेटफ्लिक्स पर आता है.

Husband के साथ कानूनी लड़ाई लड़ रही Dalljiet Kaur, सपोर्ट में आईं करिश्मा तन्ना, जानिए.. निखिल पटेल को लेकर क्या बोली ?

Dalljiet Kaur And Nikhil Patel: दलजीत कौर ने पति निखिल पटेल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया है और इस लड़ाई में उनकी दोस्त और एक्ट्रेस करिश्मा तन्ना उनके सपोर्ट में सामने आई हैं.

Dalljiet Kaur Husband: टीवी एक्ट्रेस दलजीत कौर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी सुर्खियों में रहती हैं. इन दिनों एक्ट्रेस अपनी दूसरी शादी को लेकर काफी परेशान चल रही हैं. दलजीत कौर अपने हसबैंड से शादी के 8 महीने बाद ही अलग हो गई हैं. साल 2023 में दलजीत कौर ने केन्या के बिजनेसमैन निखिल पटेल से शादी की थी लेकिन शादी के कुछ महीनों बाद ही उनके रिश्ते में खटपट शुरू हो गई थी. 

दलजीत कौर के सपोर्ट में आई दोस्त करिश्मा तन्ना

Dalljiet Kaur ने पति निखिल पटेल पर उन्हें धोखा देने और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का आरोप लगाया था. वहीं निखिल पटेल ने दलजीत कौर के इन तमाम आरोपों को गलत बताया था. वहीं अब दलजीत कौर ने बिजनेसमैन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया है और इस लड़ाई में उनकी दोस्त और एक्ट्रेस करिश्मा तन्ना उनके सपोर्ट में सामने आईं और उन्होंने अपने दोस्त को धोखा देने के लिए निखिल पटेल पर काफी गुस्सा जाहिर किया है. 

Husband के साथ कानूनी लड़ाई लड़ रही Dalljiet Kaur, सपोर्ट में आईं करिश्मा तन्ना, जानिए.. निखिल पटेल को लेकर क्या बोली ? img 20240616 wa00027229146108479126056

करिश्मा तन्ना ने अपने इंस्टाग्राम पर दलजीत कौर द्वारा लगाए गए धोखाधड़ी के आरोप को दोबारा पोस्ट किया और लिखा, ‘जो कुछ भी हुआ वह नहीं होना चाहिए था!!!! मेरा पूरा सपोर्ट मेरी सबसे प्यारी दोस्त दलजीत कौर के साथ है. इस आदमी ने उसके साथ गलत किया है और मैं आखिर तक उसके साथ खड़ी रहूंगी. मजबूत महिलाएं बदला नहीं लेतीं, वे आगे बढ़ती हैं और कर्म को काम करने देती हैं.’ बता दें कि दलजीत कौर ने निखिल पटेल के साथ दूसरी बार शादी की थी.

बता दें कि निखिल ने अपनी शादी को लेकर ये तक कह दिया था कि उनकी और दलजीत की शादी हिंदू रीति-रिवाजों से हुई थी और लीगली रजिस्टर्ड नहीं है. निखिल पटेल ने कुछ समय पहले दलजीत कौर को नोटिस भेजते हुए अपना सारा सामान केन्या से लेकर जाने के लिए भी कहा था. उन्होंने कहा था कि दलजीत अपना सारा सामान ले जाएं वरना वो दान कर देंगे.

निखिल के खिलाफ दलजीत ने उठाया सख्त कदम!

वहीं अब दलजीत ने उनके खिलाफ केन्या की अदालत में मामला दायर कर दिया है. दलजीत कौर ने केन्या से वापस आकर अपडेट दिया है कि उनका सामान निखिल बाहर नहीं निकाल सकते. उन्होंने केन्या की कोर्ट से उसपर स्टे ले लिया है. ये दलजीत के लिए एक नई लड़ाई की शुरुआत है.

Badrinath Accident : बद्रीनाथ हाईवे पर हादसा, अलकनंदा नदी में गिरा टैंपो ट्रैवलर, 14 की मौत, PM MODI ने की मुआवजे की घोषणा

Uttarakhand Accident: बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रैतोली गांव के समीप शनिवार को एक टैंपो-ट्रैवलर अलकनंदा नदी में गिर गयी. इसमें सवार 14 पर्यटकों की मौत हो गयी. जबकि 12 अन्य घायल हो गये.

Uttarakhand Accident: टेम्पो-ट्रैवलर के अलकनंदा नदी में गिर जाने से 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी जबकि चार अन्य ने बाद में दम तोड़ा. गढ़वाल के पुलिस महानिरीक्षक के एस नगन्याल ने बताया कि पर्यटक चोपता घूमने जा रहे थे, लेकिन गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही उनका वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया. उन्होंने बताया कि इस हादसे के समय वाहन में कुल 26 लोग सवार थे और उनमें से ज्यादातर दिल्ली के रहने वाले थे.

पीएम मोदी ने जताया दुख, मुआवजे की घोषणा

उत्तराखंड सड़क हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया और मुआवजे की घोषणा की. प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे. पीएम मोदी ने दुख जताते हुए कहा, उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में हुआ सड़क हादसा हृदयविदारक है. इसमें अपने प्रियजनों को खोने वाले शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. इसके साथ ही मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. राज्य सरकार की देखरेख में स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा है.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिए जांच के आदेश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी को घटना की जांच के आदेश दिए हैं. मुख्यमंत्री के निर्देश पर गंभीर रूप से घायल यात्रियों को एयरलिफ्ट करके एम्स ऋषिकेश पहुंचाया गया. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर अपने शोक संदेश में दुर्घटना को पीड़ादायक बताते हुए दिवंगतों की आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवारों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की.

एसडीआरएफ की टीम ने राहत और बचाव कार्य किया

रूद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि सुबह करीब 11 बजे हुए हादसे की जानकारी मिलने के बाद पुलिस, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के टीमों ने मौके पर पहुंच कर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया. उन्होंने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन सड़क से लगभग 250 मीटर नीचे अलकनंदा नदी के किनारे पर जा गिरा.

गृह मंत्री अमित शाह ने जताया दुख

हादसे पर दुख जताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की. उन्होंने पोस्ट किया, उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में हुई सड़क दुर्घटना का दु:खद समाचार प्राप्त हुआ. मेरी संवेदनाएँ इस हादसे में जान गँवाने वालों के परिजनों के साथ हैं. स्थानीय प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें राहत व बचाव कार्य में जुटी हैं और घायलों को हर सम्भव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. ईश्वर से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं.

BIHAR के BHAGALPUR में COMPOST PIT का मेयर ने किया निरीक्षण, बोलीं-अभी यह कारगर नहीं…देखें वीडियो

BIHAR के BHAGALPUR में COMPOST PIT  भूतनाथ मंदिर के पास है. यहां  कचरे से खाद बनाने का प्लांट स्थापना समय से उदासीन है, निगम निगम ने ध्यान देना उचित नहीं समझा, तो इसके लिए अब मेयर आगे आयी है और इसका निरीक्षण की है.

COMPOST PIT भूतनाथ मंदिर स्थित कचरे से खाद बनाने का प्लांट (कंपोस्ट पिट) अपने स्थापना समय से उदासीन है. साल 2022 में निगम ने इसलिये स्थापित किया था कि गीले और सूखे कचरे से खाद बनायी जा सके. एक समय में खाद बना भी था लेकिन, कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए इसे रिजेक्ट कर दिया गया था.

आधी-अधूरी तैयारी के साथ खाद बनाने में पूरी तरह से कामयाबी नहीं मिल सकी है. शनिवार को मेयर डाॅ बसुंधरा लाल कंपोस्ट पिट का निरीक्षण की, तो उन्हें इसमें कई खामियां मिली. उन्होंने बताया कि कचरा पहुंच ही नहीं रहा है, जब वह पहुंचेगा तभी तो खाद बनेगा. घरों से निकलने वाले कचरे में गीले और सूखे को अलग-अलग करने की व्यवस्था बनी है.

यहां देखें वीडियो

यहां इस्ट और वेस्ट में 10-10 पिट बने हैं. उपकरण भी लगा है. वार्ड एक से 13 वार्ड तक के कचरे का पहुंचना चाहिए था लेकिन, एक-दो वार्ड का भी नहीं पहुंच पाता है. घरों से निकलने वाला कचरा कंपोस्ट पिट पहुंचने के बजाय सीधे कनकैथी डंपिंग ग्राउंड में फेंक दिया जाता है. निरीक्षण के दौरान मेयर के साथ पार्षद डॉ प्रीति शेखर, पंकज कुमार गुप्ता, निकेश कुमार, कुशमा देवी, सोनी साह सहित थे.

विस्तार के लिए होगी कोशिश

कंपोस्ट पिट के विस्तार के लिए सभी वार्डों से गीला कचरा और सूखा कचरा को यहां लाया जायेगा. बिहार कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा इस पर काम करते हुए कंपोस्ट की तैयारी की जायेगी. हालांकि उन्होंने कहा अभी तक इस कंपोस्ट बनाने की योजना पर विस्तार से काम नहीं हो पाया है लेकिन यह जल्द शुरू हो जायेगा. सूखा कचरा और गीला कचरा अभी वार्ड नंबर 1 से वार्ड नंबर 13 तक के लोगों द्वारा नगर निगम की सहायता से यहां जमा किया जा रहा है और कंपोस्ट तैयार किया जा रहा है लेकिन, सभी वार्ड से ऐसा कार्य होना चाहिए.

Breaking News : पेट्रोल और डीजल के मूल्य में  वृद्धि ,नई दर 15 जून से..कितनी बढ़ी दर यहां जानिए

Petrol Diesel price : कर्नाटक में पेट्रोल और डीजल के मूल्य में तीन रुपये की वृद्धि गई की है. राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार पेट्रोल की कीमत में तीन रुपए की और डीजल की कीमत में 3.02 रुपए की वृद्धि की जा रही है. पेट्रोल-डीजल की कीमत में बढ़ोतरी से आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ेगा. कर्नाटक में पेट्रोल की कीमत लगभग 100 सौ रुपए है, इस लिहाज से अब पेट्रोल वहां लगभग 103 रुपए प्रति लीटर की रेट पर मिलेगा. वहीं डीजल की कीमत 85. 93 रुपए थी, जो अब बढ़कर 88.95 रुपए हो जाएगी.

सेल्स टैक्स में वृद्धि

कर्नाटक सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में यह बताया गया है कि सरकार ने टैक्स में वृद्धि की है, जिसकी वजह से पेट्रोल 3 रुपए और डीजल 3.02 रुपए महंगा हो जाएगा. सरकार ने पेट्रोल पर सेल्स टैक्स को 25.92 से बढ़ाकर 29.प्रतिशत कर दिया है. वहीं डीजल पर यह टैक्स 14.3 प्रतिशत से बढ़ाकर 18.4 प्रतिशत कर दिया है. प्रदेश सरकार ने वित्त विभाग ने 15 जून को यह अधिसूचना जारी की है और पेट्रोल-डीजल की कीमत में वृद्धि आज से ही प्रभावी हो गई है.

बीजेपी ने कसा तंज

कर्नाटक में पेट्रोल-डीजल की कीमत में वृद्धि पर बीजेपी प्रवक्ता एस प्रकाश ने कहा कि यह बढ़ोतरी आम आदमी पर अतिरिक्त बोझ डालेगी. उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने चुनाव खत्म होने के साथ ही डीजल और पेट्रोल की कीमतों में भारी वृद्धि करके आम आदमी पर अतिरिक्त भार डाला है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आम आदमी तो वादे के अनुसार अपने बैंक खातों में 8500 रुपये की उम्मीद कर रहा था, इसके विपरीत उनपर अतिरिक्त बोझ पड़ गया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आर्थिक रूप से दिवालिया हो गई है, यही वजह है कि वे कहीं से भी और कुछ भी करके राजस्व जमा करने की कोशिश कर ही है.