BSNL 3G Shutdown : भारत की सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL ने अपने पुराने 3G मोबाइल नेटवर्क को धीरे-धीरे बंद करने का निर्णय लिया है. लंबे समय तक 3G सेवा इस कंपनी के नेटवर्क ढांचे का मुख्य हिस्सा रही है, लेकिन अब कंपनी ने 4G कनेक्टिविटी को बहुत अधिक फैलाया है.इसी वजह से पुराने नेटवर्क पर निर्भरता कम होने लगी है और अब BSNL 3G को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है.
3G नेटवर्क की आवश्यकता धीरे-धीरे कम
बीएसएनएल ने देश में 4G कवरेज को काफी विस्तृत किया है, जिससे अधिक संख्या में ग्राहक तेज़ डेटा सेवा का उपयोग कर सकते हैं.इस प्रगति के कारण कंपनी को 3G नेटवर्क की आवश्यकता धीरे-धीरे कम महसूस हो रही है.
कैसे किया जाएगा 3G का चरणबद्ध बंद?
कंपनी अचानक 3G सेवाओं को बंद नहीं करेगी.शुरुआत उन इलाकों से होगी जहां पहले से 4G नेटवर्क सक्रिय और स्थिर है.धीरे-धीरे जिन क्षेत्रों में 4G उपलब्ध नहीं है या कमजोर है, वहां भी 3G की जगह 4G को बढ़ावा दिया जाएगा.इस तरह से नेटवर्क संक्रमण का असर ग्राहकों पर कम से कम पड़ेगा.
पुराने उपकरण और नेटवर्क कॉन्ट्रैक्ट
बीएसएनएल पुरानी तकनीक से जुड़े नेटवर्क डिवाइसेज़ और उनसे संबंधित रख-रखाव समझौतों पर भी पुनर्विचार कर रहा है.यह कदम नेटवर्क संचालन में लागत को कम करने की दिशा में भी है, क्योंकि पुराने हार्डवेयर पर खर्च अब कंपनी के लिए व्यर्थ लग रहा है.
5G सेवाओं की भी तैयारी
BSNL सिर्फ 4G तक ही सीमित नहीं रहना चाहता.उसने संकेत दिए हैं कि भविष्य में वह 5G नेटवर्क भी लॉन्च करने की योजना रखता है.4G नेटवर्क को मजबूत बनाने के बाद अगला कदम 5G तक पहुंचने की दिशा में होगा, जिससे ग्राहकों को और बेहतर इंटरनेट स्पीड मिल सके.
उपयोगकर्ताओं को क्या असर पड़ेगा?
3G सेवाओं को बंद करने के बाद वे ग्राहक जिनके फोन में केवल 3G नेटवर्क का समर्थन है, उन्हें अब 4G कनेक्टिविटी के लिए फोन या सिम कार्ड अपडेट करना पड़ सकता है.वहीं जिनके पास 4G-सक्षम डिवाइस हैं, उन्हें डेटा स्पीड और नेटवर्क अनुभव में सुधार नजर आ सकता है.
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