Buxar News : बक्सर में लगभग 9 साल पुराने हरेंद्र सिंह हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. इस मामले के मुख्य साजिशकर्ता और लंबे समय से फरार चल रहे विकास वर्मा को नगर थाना पुलिस ने शुक्रवार देर रात गिरफ्तार कर लिया. आरोपी की गिरफ्तारी वीर कुंवर सिंह कॉलोनी के पास से गुप्त सूचना के आधार पर की गई.
कोर्ट के फैसले के बाद तेज हुई कार्रवाई
यह गिरफ्तारी इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि कुछ ही दिन पहले बक्सर कोर्ट ने इसी हत्याकांड में चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. कोर्ट के फैसले के बाद से पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही थी.
जमीन विवाद बना हत्या की वजह
यह मामला नगर थाना कांड संख्या 382/2016 और सेशन ट्रायल संख्या 354/2017 से जुड़ा हुआ है. अपर लोक अभियोजक रामनाथ ठाकुर के अनुसार, 22 अगस्त 2016 की रात हरेंद्र सिंह की पोखरा के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वे बस स्टैंड से अपने घर सोहनीपट्टी लौट रहे थे. अगले दिन मृतक की पत्नी इंदू सिंह ने नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी.
12 लाख रुपये के लेन-देन ने रची साजिश
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि हत्या के पीछे जमीन से जुड़ा विवाद था. आरोप है कि विकास वर्मा ने मृतक से जमीन के नाम पर लगभग 12 लाख रुपये लिए थे. रकम लौटाने से बचने के लिए उसने हत्या की साजिश रची और अन्य आरोपियों को इसमें शामिल किया.
चार आरोपियों को उम्रकैद की सजा
अदालत ने साक्ष्यों और 10 गवाहों की गवाही के आधार पर जिला पार्षद सदस्य के पति सह प्रतिनिधि रिंकू यादव, रामाशीष उर्फ चतुरी, अजय कुमार पांडे और जयराम पासवान को दोषी करार दिया. सभी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास, धारा 326 के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत चार वर्ष की सजा सुनाई गई. साथ ही पीड़िता को दो लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया गया है.
गुप्त सूचना पर हुई गिरफ्तारी
नगर थानाध्यक्ष मनोज सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर विशेष टीम का गठन कर घेराबंदी की गई, जिसके बाद विकास वर्मा को वीर कुंवर सिंह कॉलोनी के पास से गिरफ्तार किया गया.
पूछताछ जारी, नेटवर्क खुलने की उम्मीद
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है. अधिकारियों का दावा है कि इस गिरफ्तारी से हत्याकांड से जुड़े पूरे नेटवर्क और साजिश की कई अहम कड़ियां सामने आ सकती हैं.
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