Dhanbad News: गोवा के नाइट क्लब में शनिवार को हुई भीषण आग की घटना के बाद धनबाद में बार संचालकों में सतर्कता देखी गई. रविवार को शहर के कई बार निर्धारित समय से पहले ही बंद कर दिए गए. देर रात लगभग 11 बजे से 12.30 बजे तक शहर के विभिन्न क्षेत्रों में किए गए निरीक्षण में यह पाया गया कि अधिकांश बारों के शटर 11 बजते ही गिरा दिए गए थे. इसी क्रम में एसएसपी प्रभात कुमार के निर्देश पर पुलिस टीमों ने कई बार और रेस्तरां की हालत की समीक्षा की.
नियमों के पालन में बरती जा रही ढिलाई
धनबाद में बार एवं रेस्तरां संचालन के लिए रात 12 बजे तक का समय तय है, लेकिन कई संस्थान समय सीमा के बाद भी संचालन करते पाए गए. विभाग की पहले की जांचों में भी इस बात की पुष्टि हुई थी कि अतिरिक्त समय तक शराब परोसी जाती रही है.
ब्लू प्रिंट के अनुपालन पर भी सवाल
रेस्तरां और बार के लिए विभाग द्वारा स्वीकृत नक्शे के अनुरूप संचालन आवश्यक है, जिसमें बैठने की व्यवस्था, काउंटर संख्या और सुरक्षा मानकों से जुड़े प्रावधान शामिल होते हैं. पूर्व निरीक्षणों में पाया गया कि कई संचालक निर्धारित ब्लू प्रिंट के अनुसार स्थान का उपयोग नहीं करते और संरचना में मनमानी बदलाव कर देते हैं.
संचालन के दौरान होने वाली लापरवाहियां
संचालकों द्वारा समय सीमा समाप्त होने के बाद भी शराब परोसना, आग से सुरक्षा उपकरण एवं निकासी मार्ग की अनदेखी, रसोई और बार क्षेत्र में स्वच्छता नियमों का पालन न करना जैसी बातें सामान्य रूप से सामने आती रही हैं. कई बारों में हुक्का और अन्य प्रतिबंधित गतिविधियाँ भी संचालित होने की जानकारी विभाग को मिलती रही है. बिना अनुमति डीजे और लाउड म्यूजिक बजाए जाने की शिकायतें भी मौजूद हैं.
निगरानी में ढील का उठाया जा रहा लाभ
उत्पाद विभाग के पास पर्याप्त मैन पावर न होने के कारण सख्त निगरानी नहीं हो पाती. शनिवार और रविवार की सीसीटीवी फुटेज जमा कराने का निर्देश सभी संचालकों को दिया गया है, परंतु यह स्पष्ट नहीं है कि सभी बार नियमित रूप से फुटेज उपलब्ध कराते हैं या नहीं. नियमों के उल्लंघन पर सामान्य आर्थिक दंड लगाए जाने से संचालक सुविधानुसार नियम तोड़ने का साहस कर लेते हैं.
इसे भी पढ़ें-शराब के नशे में वाहन चला रहे चालक पकड़े गए, दर्जनभर से ज्यादा वाहन सीज
इसे भी पढ़ें-केंदुआ के गैस प्रभावित क्षेत्रों में सिंफर की टीम ने शुरू की विस्तृत जांच


