Dhanbad News: मुख्यमंत्री और झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने भाजपा पर झारखंड के विकास को बाधित करने का आरोप लगाया है. धनबाद के गोल्फ मैदान में पार्टी के 54वें स्थापना दिवस समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अलग राज्य बनने के बाद लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा राज्य को अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ा सकी. उनके अनुसार, झारखंड आंदोलन के सपनों के अनुरूप विकास नहीं हो पाया और इसका खामियाजा राज्य को उठाना पड़ा.
आंदोलन की विरासत और नेतृत्व पर सवाल
सोरेन ने कहा कि झारखंड अलग राज्य बनने के पीछे वर्षों का संघर्ष और जनआंदोलन रहा, लेकिन राज्य गठन के बाद नेतृत्व ऐसे हाथों में चला गया जो झारखंड की भावना को सही दिशा नहीं दे सके. उन्होंने दावा किया कि यदि शुरू से दूरदर्शी नेतृत्व मिलता, तो आज 25 वर्ष का झारखंड देश के अग्रणी राज्यों में गिना जाता. उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को सत्ता से हटाना आसान नहीं था, लेकिन जनता के समर्थन से यह संभव हुआ. पिछले छह वर्षों में उनकी सरकार शिक्षा और आधारभूत ढांचे पर जोर दे रही है, बंद पड़े स्कूलों को दोबारा खोला जा रहा है और उत्कृष्ट विद्यालयों की संख्या बढ़ाई जा रही है.
रोजगार और आत्मनिर्भरता पर जोर
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की रोजगार नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र स्तर पर सरकारी भर्तियां सीमित होती जा रही हैं और सेना में भी पारंपरिक बहाली कम हुई है. उन्होंने अग्निवीर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं को सीमित विकल्प मिल रहे हैं. इसके विपरीत, राज्य सरकार अपने स्तर पर नियुक्तियां देने की कोशिश कर रही है. साथ ही युवाओं को सलाह दी कि वे केवल सरकारी नौकरी पर निर्भर न रहें, बल्कि कौशल हासिल कर स्वरोजगार और उद्यमिता की ओर बढ़ें.
आदिवासी समाज के मुद्दे उठाए
अपने संबोधन में सोरेन ने आदिवासी समुदाय की स्थिति का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि देश के कई चाय बागानों में आदिवासी श्रमिकों की मेहनत से काम चलता है. इतिहास का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के दौर में आदिवासियों को मजदूरी के लिए दूर-दराज के इलाकों में ले जाया गया था. उनका आरोप था कि आज भी कई स्थानों पर आदिवासी मजदूरों को पर्याप्त अधिकार और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं. उन्होंने सामाजिक न्याय और अधिकार सुनिश्चित करने की जरूरत पर बल दिया.
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और पार्टी की संगठनात्मक मजबूती तथा आगामी रणनीति पर भी चर्चा की गयी. सोरेन ने कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि झामुमो का आधार जमीनी संघर्ष और जनता से जुड़ाव है, जिसे आगे भी मजबूत किया जायेगा.
इसे भी पढ़ें-रांची में बनेगा पूर्वी भारत का बड़ा AI डेटा सेंटर, डिजिटल हब बनाने की तैयारी
इसे भी पढ़ें-विनय चौबे के काले धन से निवेश का शक, दूसरे राज्यों तक पहुंची जांच


