Jharkhand News : झारखंड में तकनीकी निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी पहल सामने आई है. राज्य में पूर्वी भारत का प्रमुख एआई आधारित डेटा सेंटर स्थापित करने की योजना पर काम शुरू हो गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की हालिया विदेशी यात्राओं के बाद झारखंड को टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेक्टर का केंद्र बनाने की कोशिशें तेज हुई हैं. इसी कड़ी में सिंगापुर की सनसाइन ग्लोबल कैपिटल लिमिटेड ने राज्य में निवेश का प्रस्ताव दिया है.
कंपनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित अत्याधुनिक डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए राज्य सरकार को आशय पत्र सौंपा है. यह पत्र सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव को दिया गया है. इस परियोजना को आईटी निवेश, रोजगार और ग्रीन एनर्जी आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने वाला कदम माना जा रहा है.
24 महीने में शुरू करने का लक्ष्य
प्रस्ताव के मुताबिक परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा और 24 महीनों के भीतर व्यावसायिक संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है. इस अवधि में जमीन का चयन, आधारभूत ढांचा तैयार करना, बिजली आपूर्ति, इंटरनेट कनेक्टिविटी और अन्य आवश्यक स्वीकृतियां पूरी की जाएंगी.
कंपनी ने परियोजना के लिए पांच से आठ एकड़ भूमि की मांग की है. कुल निवेश का अनुमान लगभग 3300 करोड़ रुपये बताया गया है. इस निवेश से राज्य में आईटी सेक्टर को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
रोजगार के नए अवसर
इस डेटा सेंटर के शुरू होने से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे. कंपनी के अनुसार करीब 1600 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से काम मिलेगा. आईटी इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट, एआई विशेषज्ञ और टेक्निकल सपोर्ट स्टाफ जैसे प्रोफेशनल्स के लिए अवसर तैयार होंगे. इससे स्थानीय युवाओं को भी हाई-टेक सेक्टर में काम करने का मौका मिल सकता है.
हाई-टेक डिजिटल सुविधाएं
एलओआइ में 10 मेगावाट आईटी लोड क्षमता वाले डेटा सेंटर का जिक्र किया गया है. यह सेंटर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा. इसमें हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, क्लाउड सर्विस, डेटा एनालिटिक्स और एआई आधारित एप्लीकेशंस को सपोर्ट करने वाली तकनीकी संरचना विकसित की जाएगी.
परियोजना के तहत डेटा स्टोरेज, प्रोसेसिंग और साइबर सुरक्षा के लिए आधुनिक सिस्टम लगाए जाएंगे. इसके जरिये देश और विदेश की कंपनियों को झारखंड से ही डिजिटल सेवाएं देने की योजना है.
डिजिटल पहचान की ओर कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की परियोजनाएं झारखंड को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के नक्शे पर मजबूत पहचान दिला सकती हैं. यदि योजना तय समय पर आगे बढ़ती है तो राज्य आईटी और एआई सेक्टर में नए निवेश आकर्षित करने में सफल हो सकता है. यह पहल झारखंड को पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा में भी आगे ले जाने वाली मानी जा रही है.
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