Court Bomb Threat : देश के अलग–अलग हिस्सों में जिला न्यायालयों को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकियों ने गुरुवार को सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी. मध्यप्रदेश के रीवा से लेकर बिहार के किशनगंज और गया तक एक के बाद एक कोर्ट परिसरों को निशाना बनाए जाने की धमकियों से अफरा-तफरी का माहौल बन गया. एहतियातन कई जगहों पर कोर्ट परिसर खाली कराए गए और न्यायिक कार्य अस्थायी रूप से रोक दिए गए.
एमपी के रीवा जिला न्यायालय को मिली धमकी
मध्यप्रदेश के रीवा जिले में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब जिला न्यायालय को आरडीएक्स विस्फोट से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने की सूचना सामने आई. ई-मेल में न केवल विस्फोट की चेतावनी दी गई थी, बल्कि समय, तरीके और कथित उद्देश्य का भी उल्लेख किया गया था. मेल में दोपहर 2:35 बजे से पहले कोर्ट खाली कराने की बात लिखी गई थी, जिससे खतरे की गंभीरता और बढ़ गई.
सूत्रों के मुताबिक यह ई-मेल हिंदी भाषा में लिखा गया था और उसमें तमिलनाडु से जुड़े वर्ष 1979 के एक राष्ट्रीय रक्षा/आतंक से संबंधित कानून का हवाला भी दिया गया था. धमकी मिलते ही पुलिस, प्रशासन और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं.

कोर्ट परिसर कराया गया खाली
रीवा में सुरक्षा को देखते हुए जिला न्यायालय परिसर की घेराबंदी कर दी गई. वकीलों, न्यायालय कर्मचारियों और फरियादियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की मदद से पूरे परिसर की सघन तलाशी ली गई. हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी भी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हो सकी है.
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हिमाचल प्रदेश और पंजाब राज्यों की स्थिति
हिमाचल प्रदेश: हिमाचल हाई कोर्ट को आधिकारिक ई-मेल के जरिए बम की धमकी मिली, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं. बम निरोधक दस्ते ने पूरे परिसर की गहन तलाशी ली, जिससे न्यायिक कार्य लंबे समय तक बाधित रहा.
पंजाब: पंजाब के रूपनगर, मोगा, श्री आनंदपुर साहिब और फिरोजपुर की अदालतों को धमकी भरे संदेश मिले. हालात को देखते हुए लुधियाना में पुलिस ने सुरक्षा तैयारियों की जांच के लिए मॉक ड्रिल भी कराई.
बिहार के किशनगंज सिविल कोर्ट भी निशाने पर
बिहार के किशनगंज जिले में भी सिविल कोर्ट को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली है. ई-मेल में कोर्ट परिसर में विस्फोटक होने का दावा किया गया, जिसके बाद पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया. प्रारंभिक जांच में ई-मेल के तमिलनाडु से भेजे जाने की आशंका जताई जा रही है.
धमकी के बाद कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई और पुलिस की विशेष टीमों ने भवन के हर हिस्से की बारीकी से जांच की. एसडीओपी गौतम कुमार के अनुसार डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते को बुलाकर सघन तलाशी ली जा रही है, फिलहाल कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है.
गयाजी व्यवहार न्यायालय को भी बम की धमकी
बिहार के गया जिले में भी व्यवहार न्यायालय को ई-मेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिससे कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलते ही लोग खुद ही कोर्ट से बाहर निकलने लगे. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एसएसपी आनंद कुमार, सिटी एसपी रामानंद कुमार कौशल, डीएसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे.
पूरे कोर्ट परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. डॉग स्क्वायड की मदद से तलाशी अभियान चलाया गया और सुरक्षा कारणों से कोर्ट के सभी न्यायिक कार्य स्थगित कर दिए गए.
ई-मेल के पीछे साजिश की जांच
गया बार एसोसिएशन के अधिवक्ता ललित कुमार गुप्ता के अनुसार धमकी भरा ई-मेल तमिलनाडु से भेजा गया बताया जा रहा है. मेल में खुद को एक संगठन से जुड़ा बताते हुए कुछ मांगें रखी गई हैं और उन्हें पूरा न करने पर कोर्ट को उड़ाने की चेतावनी दी गई है.
साइबर सेल और खुफिया एजेंसियां सक्रिय
मामलों में साइबर सेल को ई-मेल के स्रोत की तकनीकी जांच में लगाया गया है. आईपी एड्रेस, सर्वर लोकेशन और मेल भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश की जा रही है. प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह किसी संगठित साजिश का हिस्सा है या अफवाह फैलाने की कोशिश.
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