विज्ञापन

वायरल वीडियो

झारखंड का 1.58 लाख करोड़ से अधिक का बजट पेश, सामाजिक क्षेत्र पर बड़ा दांव

Jharkhand Budget 2025-26: झारखंड विधानसभा में 1.58 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश. सामाजिक योजनाओं और ग्रामीण विकास पर विशेष फोकस. केंद्र से आर्थिक सहयोग नहीं मिलने का मुद्दा भी सदन में उठा.

Jharkhand Budget 2025-26: रांची में मंगलवार को झारखंड विधानसभा का बजट सत्र अहम घोषणाओं का गवाह बना. राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.58 लाख करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक बजट सदन में प्रस्तुत किया.

इस दौरान सदन में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की अनुपस्थिति को कई सदस्यों ने महसूस किया. सरकार ने बजट को राज्य की जमीनी जरूरतों से जोड़ने का दावा किया है. बजट से पहले विभागों और आम नागरिकों से सुझाव मांगे गए थे, जिनके आधार पर कई प्राथमिकताएं तय की गईं.

झारखंड की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

सामाजिक क्षेत्र को प्राथमिकता, योजनागत व्यय में वृद्धि

पिछले वित्त वर्ष में 1,45,400 करोड़ रुपये का मूल बजट पेश किया गया था, जिसमें 91,741.53 करोड़ रुपये योजना मद के लिए निर्धारित थे, जबकि 17,073.61 करोड़ रुपये केंद्रीय योजनाओं से जुड़े थे.

इस बार सामाजिक क्षेत्र—शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास—को केंद्र में रखते हुए प्रावधान बढ़ाए गए हैं. सरकार का कहना है कि बजट का उद्देश्य आर्थिक विकास के साथ सामाजिक संतुलन स्थापित करना है.

केंद्र से सहयोग पर सवाल, राज्य पर बढ़ता बोझ

बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने केंद्र सरकार से अपेक्षित आर्थिक सहयोग नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि 11 हजार करोड़ रुपये की राशि अब तक प्राप्त नहीं हुई है और अनुदान मद में भी कटौती की जा रही है, जिससे राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव बढ़ रहा है.

उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी के बावजूद सरकार ने कर्मचारियों का वेतन नहीं रोका और 13,000 करोड़ रुपये ‘मईया सम्मान’ योजना पर खर्च किए. उनके मुताबिक राज्य की वित्तीय स्थिति स्थिर है और विकास कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं.

राजस्व बढ़ाने की नई रणनीति

राज्य के सीमित आंतरिक संसाधनों को देखते हुए सरकार ने वैकल्पिक आय स्रोतों पर जोर देने की बात कही. दावोस में राज्य की निवेश संभावनाओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया.

इसके अलावा ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से पेसा कानून लागू करने और महिला किसान खुशहाली योजना शुरू करने का उल्लेख भी बजट भाषण में किया गया. सरकार का कहना है कि इन कदमों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर आय के अवसर बढ़ेंगे.

इसे भी पढ़ें-एसआईआर के लिए तैयार रखें 13 तरह के दस्तावेज, अप्रैल से विशेष पुनरीक्षण की तैयारी

इसे भी पढ़ें-झारखंड में 24 फरवरी तक कुहासे के साथ चढ़ेगा पारा, दिन में महसूस होगी गर्मी

सोनी कुमारी
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. सरल भाषा और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पहचान मानी जाती है. डिजिटल पत्रकारिता में समाचार लेखन और कंटेंट प्रेजेंटेशन का अच्छा अनुभव है. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
संबंधित खबरें
विज्ञापन

जरूर पढ़ें

Patna
overcast clouds
36.1 ° C
36.1 °
36.1 °
45%
2.5m/s
100%
सोम
41 °
मंगल
44 °
बुध
44 °
गुरु
43 °
शुक्र
41 °

अन्य खबरें

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें