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बिहार में 24 घंटे के अंदर मिलेगा मृत्यु प्रमाण पत्र, पंचायतों में अंत्येष्टि होने पर परिजनों को बड़ी राहत

Bihar News : बिहार की पंचायतों में अब अंत्येष्टि के 24 घंटे के भीतर मृत्यु प्रमाण पत्र परिजनों को मिलेगा. पंचायती राज सचिव मनोज कुमार ने सोलर लाइट योजना और पंचायत सरकार भवनों के निर्माण में तेजी लाने के साथ लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.

Bihar News : सात निश्चय-03 के तहत सबका सम्मान-जीवन आसान निश्चय के अंतर्गत बिहार की ग्राम पंचायतों में अवस्थित श्मशान घाट या कब्रिस्तान में अंत्येष्टि होने पर परिजनों को अब मात्र 24 घंटे में मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करने की तैयारी पूरी हो गई है. बुधवार को पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने विभाग की समीक्षात्मक बैठक में यह जानकारी दी. उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े सभी जिलों के उप-विकास आयुक्तों और जिला परिषदों के अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मृतक के परिजनों को निर्धारित समय सीमा में प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के लिए वार्ड सदस्यों को आवश्यक प्रपत्र शीघ्र प्रदान किए जाएं.

मृत्यु प्रमाण पत्र पंचायत सचिव द्वारा निर्गत किया जाएगा और इसकी प्रभावी निगरानी के लिए विभाग द्वारा एक विशेष पोर्टल भी विकसित किया गया है जो शवदाह गृहों और कब्रिस्तानों में हुई अंत्येष्टि की संख्या का अनुश्रवण करेगा.

उपयोगिता प्रमाण पत्र के लिए ई-पंचायत पोर्टल पर नया मॉड्यूल तैयार

प्रदत्त राशि के उपयोगिता प्रमाण पत्र समर्पण प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, सहज एवं तीव्र बनाने के लिए विभाग ने तकनीकी सुधार की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं. विभाग द्वारा पूर्व से विकसित ई-पंचायत बिहार पोर्टल पर यूसी मॉड्यूल को संलग्न करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है जिससे अब वित्तीय लेखा-जोखा और भी सुव्यवस्थित होगा. सचिव ने पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि शीघ्र ही इस मॉड्यूल का प्रभावी प्रयोग सुनिश्चित करने के लिए संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान कर इसे धरातल पर लागू किया जाए.

इस नई व्यवस्था से योजनाओं के क्रियान्वयन में होने वाली देरी कम होगी और फंड के आवंटन तथा खर्च के विवरण में पूर्ण पारदर्शिता आएगी. विभाग का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों की कार्यप्रणाली को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना है ताकि विकास कार्यों की प्रगति का रियल-टाइम डेटा मुख्यालय स्तर पर उपलब्ध हो सके और किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की गुंजाइश न रहे.

राज्य में 2819 पंचायत सरकार भवनों का निर्माण कार्य हुआ पूरा

पंचायती राज सचिव ने बुनियादी ढांचे की समीक्षा करते हुए बताया कि राज्य की ग्राम पंचायतों में अब तक कुल 2819 पंचायत सरकार भवनों का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है. जो भवन अभी तक हस्तांतरित नहीं हुए हैं उन्हें शीघ्र हस्तांतरित कर क्रियाशील बनाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं ताकि ग्रामीण जनता को स्थानीय स्तर पर ही सभी सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके. इसके साथ ही ग्राम पंचायतों द्वारा बनाए जाने वाले नए पंचायत सरकार भवनों के प्राक्कलन को स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन (एलएईओ) से प्राप्त कर निर्माण कार्य जल्द आरंभ करने को कहा गया है.

इन भवनों के माध्यम से पंचायत स्तर पर आरटीपीएस काउंटर और अन्य महत्वपूर्ण कार्यालय संचालित होंगे जिससे ग्रामीणों को प्रखंड मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पंचायत को अपना स्वतंत्र प्रशासनिक भवन उपलब्ध कराना है ताकि शासन की पहुंच सीधे लोगों के घर तक हो सके और पंचायत प्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सुव्यवस्थित ढंग से कर सकें.

सोलर स्ट्रीट लाइट योजना में लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों पर होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना की समीक्षा करते हुए सचिव ने उन जिलों के पदाधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई जहां अभी तक शत-प्रतिशत अधिष्ठापन का कार्य पूरा नहीं हुआ है. उन्होंने स्पष्ट रूप से 15 दिनों के अंदर शेष बचे हुए ग्राम पंचायतों में सोलर लाइट लगाने का कार्य पूर्ण करने का अल्टीमेटम दिया है. जिला पंचायती राज पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे कार्य कर रही एजेंसियों के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा करें और यदि किसी एजेंसी द्वारा कार्य में अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही पाई जाती है तो अनुबंध की शर्तों के अनुसार उन पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें.

पंचायत सचिवों को भी निर्देशित किया गया है कि वे अधिष्ठापित सोलर स्ट्रीट लाइट्स का नियमित रूप से स्थल निरीक्षण करें ताकि गांवों की गलियां रात में रोशन रहें. 15वें वित्त आयोग और छठे राज्य वित्त आयोग से प्राप्त राशि को जनकल्याणकारी योजनाओं पर तेजी से खर्च करने का निर्देश देते हुए सचिव ने विकास कार्यों में गति लाने की बात कही.

न्यायिक वादों और लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्रों की गहन समीक्षा

बैठक के अंतिम सत्र में लंबित न्यायिक वादों और पुराने उपयोगिता प्रमाण पत्रों की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई. विभाग के निदेशक नवीन कुमार सिंह और अपर सचिव डॉ. आदित्य प्रकाश सहित अन्य वरीय अधिकारियों की मौजूदगी में सचिव ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक शिथिलता के कारण कोई भी विकास योजना बाधित नहीं होनी चाहिए. राज्य वित्त आयोग द्वारा प्रदत्त राशि की प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त कर उसे निर्धारित समय सीमा में खर्च करने का दबाव बनाया गया है ताकि बजट का सही उपयोग हो सके.

विभाग के संयुक्त सचिव शम्स जावेद अंसारी और अन्य कर्मियों को भी विभिन्न योजनाओं की मॉनिटरिंग रिपोर्ट समय पर पेश करने को कहा गया है. इस उच्च स्तरीय बैठक से यह साफ हो गया है कि पंचायती राज विभाग अब योजनाओं के निष्पादन में तेजी लाने के साथ-साथ जनता को मिलने वाली सेवाओं के डिजिटलीकरण पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है जिससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की छवि और अधिक सुदृढ़ होगी.

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सोनी कुमारी
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