Bihar Mining News : बिहार में खान एवं भूतत्व विभाग ने समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड कुल 3592.60 करोड़ रुपये के राजस्व की वसूली की है, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में 56.39 करोड़ रुपये अधिक है. राज्य के उपमुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तय कुल 3850 करोड़ रुपये के अपने राजस्व वसूली के लक्ष्य को लगभग हासिल कर लिया है.
उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि तब प्राप्त हुई है जब कुल 78 बालू घाट सरेंडर कर दिए गए थे, जिससे सरकार को राजस्व वसूली में कुल 600 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा है. इसके बावजूद विभाग ने पिछले साल के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर अपनी कार्यकुशलता को साबित किया है. सिन्हा ने भरोसा जताया कि तकनीकी वजहों से रुके हुए रेलवे, ग्रामीण कार्य विभाग और पटना मेट्रो जैसे संस्थानों से मिलने वाले 309 करोड़ रुपये प्राप्त होते ही विभाग अपने मूल लक्ष्य को पार कर 3800 करोड़ से अधिक का राजस्व इकट्ठा कर लेगा.
बालू घाट सरेंडर करने वाली कंपनियों पर सख्ती और नए टेंडर की प्रक्रिया हुई शुरू
श्री सिन्हा ने कहा कि बालू घाटों को सरेंडर करने वाली कंपनियों को अब नए टेंडर में हिस्सा लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी. उन्होंने राज्य में कुल 78 बालू घाटों को सरेंडर करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जिन कंपनियों ने बालू के खनन की लीज सरेंडर की है, उन्हें भविष्य में निकलने वाले किसी भी नए टेंडर से पूर्णतः बाहर रखा जाएगा. दरअसल, ओवरलोडिंग और गैर-कानूनी बालू के खनन पर विभाग की कड़ी निगरानी और सख्ती की वजह से इन कंपनियों ने अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं, क्योंकि अब अवैध तरीके से मुनाफा कमाना मुमकिन नहीं रह गया है.
विभाग ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पहले ही 12 नए बालू घाटों के ऑक्शन के लिए विज्ञापन जारी कर दिए हैं ताकि बाजार में बालू की आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनी रहे. इसके साथ ही “बिहारी खनन योद्धा पुरस्कार” के माध्यम से 96 साहसी लोगों के बैंक खाते में 4.90 लाख रुपये की राशि सफलतापूर्वक ट्रांसफर की गई है ताकि अवैध खनन रोकने वालों का मनोबल निरंतर बढ़ता रहे.
सरकार का स्पष्ट संदेश है कि पर्यावरण और राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और पूरी व्यवस्था को पूरी तरह से डिजिटल और जवाबदेह बनाया जाएगा.
पत्थरों के लिए 30 ब्लॉक चिन्हित होने से राज्य में बढ़ेंगे रोजगार के नए अवसर
राजस्व वसूली को और अधिक बढ़ाने के मकसद से खान एवं भूतत्व विभाग ने राज्य में कुल 30 ब्लॉक के लिए स्टोन माइनिंग लीज की पहचान की है, जो आने वाले समय में विभाग के खजाने को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा. श्री सिन्हा ने बताया कि सरकार के इस दूरदर्शी कदम से न केवल दूसरे राज्यों से पत्थरों के आयात पर बिहार की निर्भरता काफी कम होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
उप मुख्यमंत्री ने उन 21 जिलों के अधिकारियों और कर्मियों को विशेष रूप से बधाई दी जिन्होंने अपने निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक राजस्व की वसूली की है और विभाग का मान बढ़ाया है. संवाददाता सम्मेलन में विभाग के निदेशक मनेश कुमार मीणा और अपर सचिव भारत भूषण प्रसाद सहित कई अन्य वरीय अधिकारी भी उपस्थित थे, जिन्होंने विभाग के इस वित्तीय प्रदर्शन को राज्य की आर्थिक मजबूती के लिए एक बड़ा कदम बताया.
विभाग अब तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम हो रहा है जिससे भविष्य में राजस्व चोरी की संभावनाओं को पूरी तरह से समाप्त किया जा सके. यह राजस्व राज्य के विकास कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा जिससे आधारभूत संरचनाओं का निर्माण और अधिक तेजी से संभव हो सकेगा.
इसे भी पढ़ें-छपरा में कल सजेगा भूमि सुधार जन कल्याण संवाद, जमीन विवादों का मौके पर होगा निपटारा
इसे भी पढ़ें-विदेशी भाषाओं और तकनीकी स्किल से संवर रहा बिहार के युवाओं का भविष्य, बिपार्ड पहुंचे सीएम नीतीश कुमार

