Jharkhand High Court : रांची स्थित झारखंड हाईकोर्ट ने कोडरमा वन्य जीव अभ्यारण्य से होकर गुजरने वाले रांची-पटना राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण मामले में सख्ती दिखाते हुए राज्य सरकार को दो सप्ताह में एनिमल पैसेज प्लान पेश करने का आदेश दिया है. अदालत ने परियोजना से जुड़े सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह निर्देश जारी किया.
कोर्ट ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान National Highways Authority of India, झारखंड सरकार और हस्तक्षेपकर्ता इंद्रजीत सामंता की दलीलें सुनीं. अदालत ने एनएचएआइ को झारखंड स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड के निर्णय के अनुरूप आठ सप्ताह में सड़क चौड़ीकरण की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट दाखिल करने को कहा.
28 अप्रैल को अगली सुनवाई
झारखंड की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें
खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल तय की है. एनएचएआइ ने शपथ पत्र में बताया है कि प्रस्तावित फोर लेन सड़क को अभ्यारण्य क्षेत्र से बाहर ले जाने पर विचार हो रहा है और इसके लिए बोर्ड की सहमति ली जाएगी.
पहले भी सरकार ने दिया था आश्वासन
सरकार ने 2024 में अदालत को भरोसा दिलाया था कि वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए एनिमल पैसेज प्लान तैयार किया जाएगा. अदालत ने अब तक प्रगति स्पष्ट न होने पर ताजा रिपोर्ट मांगी है. उल्लेखनीय है कि पटना को जोड़ने वाले इस राजमार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर हाईकोर्ट ने पहले स्वतः संज्ञान लेकर इसे जनहित याचिका में बदल दिया था.
इसे भी पढ़ें-रांची नगर निगम चुनाव: किसी के पास गहनों का जखीरा, कोई खाली हाथ—प्रत्याशियों के शपथ पत्रों ने चौंकाया
इसे भी पढ़ें-झारखंड में ठंड जारी, तापमान में और गिरावट के संकेत, जानें कब से मिलेगी राहत
इसे भी पढ़ें-रांची में बनेगा पूर्वी भारत का बड़ा AI डेटा सेंटर, डिजिटल हब बनाने की तैयारी
इसे भी पढ़ें-विनय चौबे के काले धन से निवेश का शक, दूसरे राज्यों तक पहुंची जांच


