Railway Scouts News : पूर्व रेलवे भारत स्काउट्स एंड गाइड्स (ERBSG) ने हाल के तीन महीनों में अनुशासन, कौशल और नेतृत्व की मिसाल पेश करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमा दी है. छत्तीसगढ़ की धूल भरी पगडंडियों से लेकर हरियाणा के प्रतिस्पर्धी मैदानों तक, उनकी उपलब्धियों ने स्काउटिंग और सांस्कृतिक उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित किए हैं.
लिलुआ जंबोरेट में समग्र विजेता का खिताब
17 से 21 जनवरी तक लिलुआ में आयोजित 21वें अखिल भारतीय रेलवे जंबोरेट में ERBSG ने 15 क्षेत्रीय रेलवे राज्य संघों को पीछे छोड़ते हुए समग्र विजेता (Overall Winner) का खिताब अपने नाम किया. मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. के. के. खंडेलवाल की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित यह कार्यक्रम ऐतिहासिक साबित हुआ. इस जंबोरेट में 365 राष्ट्रपति पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया गया.
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कार्यक्रम में पारंपरिक पायनियरिंग, fireless cooking और आधुनिक एआई और रोबोटिक्स हब जैसी गतिविधियों का सम्मिलित प्रदर्शन हुआ, जिसने ERBSG की बहुआयामी क्षमता को उजागर किया.
अन्य प्रमुख राष्ट्रीय उपलब्धियां
- कांचरापाड़ा के ऑफिसर्स कॉलोनी स्काउट ट्रूप ने प्रधानमंत्री शील्ड (2024–25) और लक्ष्मी मजुमदार पुरस्कार जीतकर उत्कृष्टता का उच्चतम मानक स्थापित किया.
- छत्तीसगढ़ में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबोरेट में ERBSG का 141 सदस्यीय दल 15,000 प्रतिभागियों के बीच अपना प्रभाव छोड़ने में सफल रहा.
- कर्नाटक में आयोजित राष्ट्रीय एकता शिविर में टीम ने सांस्कृतिक सद्भाव का संदेश देते हुए द्वितीय रनर-अप ट्रॉफी प्राप्त की.
- गदपुरी, हरियाणा में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कब-बुलबुल उत्सव में ERBSG ने समूह नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया. इस श्रेणी में 49 कब्स और 30 बुलबुलों को गोल्डन एरो अवार्ड से सम्मानित किया गया.
कम उम्र के सदस्यों की चमक
ERBSG की सबसे कम उम्र की इकाइयों—कब्स और बुलबुलों—ने अपने उत्साह, अनुशासन और कौशल से यह संदेश दिया कि संगठन का भविष्य उज्ज्वल है.
चाहे वह लिलुआ में मार्च पास्ट की सटीकता हो या हरियाणा में जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, सभी उपलब्धियों ने ERBSG की स्थायी विरासत को और मजबूत किया है.
पूर्व रेलवे स्काउट्स की इन सफलताओं ने उनके “कलगी” की चमक को और अधिक भव्य बना दिया है, जो नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गया है.
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