Magh Mela : त्रिवेणी संगम पर माघ मेले की शुरुआत हो गई है. शनिवार से माघ मेले में लगभग पांच लाख कल्पवासी शामिल हो रहे हैं. वे दिन में दो बार गंगा स्नान करेंगे, एक पहर भोजन करेंगे और बाकी समय अपने आराध्य देवता की पूजा और ध्यान में व्यतीत करेंगे. त्रिवेणी संगम आरती सेवा समिति के अध्यक्ष आचार्य राजेंद्र मिश्र ने बताया कि सुबह ठंड और कोहरे की वजह से स्नानार्थियों की संख्या कम रही, लेकिन जैसे-जैसे धूप निकली, श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी. पौष पूर्णिमा का स्नान पूरे दिन जारी रहेगा.
VIDEO | Prayagraj: Magh Mela 2026 begins today with the Paush Purnima snan at the Sangam. Kalyani Nand Giri of the Kinnar Akhada says, “It is like a ‘mini Kumbh,’ and devotees have come here in large numbers. Everyone should take a holy dip in the river Ganga. All of us are here… pic.twitter.com/U8hawT28EU
— Press Trust of India (@PTI_News) January 3, 2026
सुबह-सुबह स्नान और श्रद्धालुओं का आगमन
मेला प्रशासन के अनुसार सुबह 10 बजे तक लगभग नौ लाख श्रद्धालु संगम और गंगा घाटों में स्नान कर चुके थे. प्रयाग धाम संघ के अध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल ने बताया कि सुबह कोहरे के कारण भीड़ कम रही. हालांकि कल्पवासियों को जोड़कर शाम तक लगभग 20 लाख लोग पौष पूर्णिमा स्नान कर सकते हैं. स्नान मुहूर्त 3 जनवरी की शाम चार बजे तक रहेगा.

कल्पवासी स्नान के बाद अपने पुरोहित से एक महीने के कल्पवास का संकल्प लेंगे और उसी के अनुसार मेला क्षेत्र में प्रवास करेंगे.
प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम
मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि माघ मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 10 स्नान घाट और 9 पांटून पुल बनाए गए हैं. इससे श्रद्धालुओं का आवागमन आसान होगा और भीड़ नियंत्रित रहेगी. प्रशासन ने अनुमान लगाया है कि पौष पूर्णिमा पर लगभग 20–30 लाख श्रद्धालु गंगा और संगम में स्नान करेंगे.
एडीएम (माघ मेला) दयानंद प्रसाद ने बताया कि पहली बार कल्पवासियों के लिए अलग नगर विकसित किया गया है. इसे प्रयागवाल नाम दिया गया है. 950 बीघा में बसे इस नगर में ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी की गई हैं. यह नागवासुकी मंदिर के सामने गंगा नदी के पार स्थित है.

श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया
स्नान के पहले दिन लोग अपेक्षाकृत कम भीड़ में गंगा और संगम में नहाने का लाभ उठा रहे हैं. कोलकाता से आई पूजा झा ने कहा कि माघ मेले में आने का अनुभव बेहद सुखद रहा. मध्य प्रदेश के रीवा से आई शिवानी मिश्रा ने बताया कि महाकुंभ की तुलना में भीड़ कम होने से आराम से स्नान किया जा सका.
माघ मेला 2026 के प्रमुख स्नान पर्व
माघ मेले के दौरान कई महत्वपूर्ण स्नान पर्व आयोजित होंगे:
- पौष पूर्णिमा: 3 जनवरी
- मकर संक्रांति: 14 जनवरी
- मौनी अमावस्या: 18 जनवरी
- बसंत पंचमी: 23 जनवरी
- माघी पूर्णिमा: 1 फरवरी
- महाशिवरात्रि: 15 फरवरी
प्रशासन ने बताया कि इन पर्वों पर श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि देखने को मिलेगी.
श्रद्धालु सुविधाएं और सुरक्षा
मेला क्षेत्र में पर्याप्त टॉयलेट, पानी और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की गई है. पुलिस और सुरक्षा बल तट पर सतत निगरानी रख रहे हैं. इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मार्ग और पारगमन के लिए अलग अलग मार्ग बनाए गए हैं.
कल्पवासियों के लिए विशेष आयोजन
कल्पवासियों के लिए अलग नगर के भीतर पूजा, सत्संग और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. वे यहां प्रतिदिन स्नान, भोजन और उपासना करेंगे. प्रशासन ने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या और व्यवस्थित प्रवास को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और व्यवस्थाओं को और मजबूत किया गया है.
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