Mamata Banerjee vs Amit Shah Malda Incident: मालदा के कालियाचक में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाये जाने की घटना अब पश्चिम बंगाल की सियासत के केंद्र में आ गई है. इस मामले को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग जहां राज्य सरकार पर हमलावर हैं, वहीं तृणमूल कांग्रेस ने पूरे विवाद को ‘गंदी साजिश’ बताया है. तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर बंगाल के शांत माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस अव्यवस्था के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदार हैं और उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. इस बयान के बाद कालियाचक की घटना अब सीधे राजनीतिक टकराव का मुद्दा बन गई है.
.@BJP4India and @ECISVEEP are playing with fire, and yesterday’s unfortunate incident in Malda is the direct result of their dirty conspiracy.
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) April 2, 2026
They removed and transferred experienced State Government officials and senior police officers who knew every corner of Bengal like the… pic.twitter.com/XJ4qpYX8fX
अनुभवी अधिकारियों के तबादले पर उठाया सवाल
ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि चुनाव आयोग ने बंगाल की स्थिति को समझने वाले अनुभवी अधिकारियों को हटाकर गलती की है. पार्टी का आरोप है कि उनकी जगह ऐसे केंद्रीय अधिकारियों को लाया गया, जिन्हें राज्य की भौगोलिक, सामाजिक और जमीनी परिस्थितियों की पर्याप्त जानकारी नहीं है.
‘बाहरी अधिकारियों’ को लेकर TMC का हमला
पार्टी ने दावा किया कि बाहर से आये अधिकारी स्थानीय हालात को संभालने में सक्षम साबित नहीं हो रहे हैं. तृणमूल कांग्रेस के मुताबिक, मालदा की घटना इसी प्रशासनिक नासमझी का परिणाम है. साथ ही, भाजपा पर यह आरोप भी लगाया गया कि वह इस घटना के जरिए बंगाल को कानूनविहीन राज्य के रूप में दिखाने की कोशिश कर रही है.
ममता ने अमित शाह पर साधा सीधा निशाना
ममता बनर्जी ने कहा कि अगर इस पूरे मामले में किसी को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए, तो वह अमित शाह हैं. उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में बार-बार नाकाम रहने के कारण उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए.
‘अलग-थलग घटना’ को लेकर सियासी घमासान
ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा इस एक घटना को पूरे राज्य के खिलाफ इस्तेमाल करना चाहती है. उन्होंने साफ कहा कि बंगाल ऐसी ‘दुष्ट साजिश’ को बर्दाश्त नहीं करेगा. 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले ‘स्थानीय बनाम बाहरी अधिकारी’ का मुद्दा अब एक नया राजनीतिक सवाल बन गया है.
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