Kolkata Rail : ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. अब यात्रा के दौरान कोचों की सफाई और आरामदायक माहौल को लेकर पूर्व रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है. रेलवे ने ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विस (OBHS) योजना के तहत अपने नेटवर्क पर चलने वाली 102 योग्य मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में सफाई व्यवस्था को और मजबूत किया है. इसका मकसद यह है कि यात्रियों को सफर के दौरान साफ कोच, ताजा बिस्तर और जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता मिल सके. पूर्व रेलवे फिलहाल 123 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन कर रही है, जिनमें से अधिकतर योग्य ट्रेनों को इस योजना के दायरे में शामिल कर लिया गया है. रेलवे का दावा है कि इस व्यवस्था से सफर अब पहले से ज्यादा सुविधाजनक और परेशानी मुक्त होगा.
यात्रा शुरू होते ही मिलेगी सफाई और सुविधा
पूर्व रेलवे के अनुसार, सभी आरक्षित कोचों में ऑन-बोर्ड सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की गई है. वहीं एसी कोचों में बेडरोल वितरण के लिए भी अलग से कर्मचारी तैनात किए गए हैं. खास बात यह है कि ये कर्मचारी यात्रा शुरू होने के तुरंत बाद यात्रियों से परिचय भी कराते हैं और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी देते हैं.
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रेलवे ने सभी आरक्षित कोचों में आकर्षक स्टिकर भी लगाए हैं. इन स्टिकरों पर डिविजनल कैरेज कंट्रोल के मोबाइल नंबर दिए गए हैं, ताकि यात्री सफाई, पानी या ताजा बिस्तर जैसी जरूरतों के लिए सीधे संपर्क कर सकें.
रात में भी जारी रहती है गहन सफाई
रेलवे ने सफाई व्यवस्था को केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रखा है. रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक गहन सफाई चक्र चलाया जाता है, ताकि यात्री सुबह स्वच्छ माहौल में जाग सकें. हालांकि जरूरत पड़ने पर टीम किसी भी समय सहायता के लिए उपलब्ध रहती है.
इस व्यवस्था की निगरानी के लिए रेलवे आधुनिक तकनीक का भी सहारा ले रहा है. संविदा सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति ‘क्लीन रेल’ ऐप के जरिए शुरुआती और अंतिम स्टेशनों पर दर्ज की जाती है. यात्रा के दौरान भी कम से कम एक बार उनकी उपस्थिति रिकॉर्ड की जाती है. इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि कर्मचारी वास्तव में ड्यूटी पर मौजूद रहें.
डिजिटल मॉनिटरिंग और सख्त निगरानी से बढ़ी जवाबदेही
पूर्व रेलवे का कैरेज कंट्रोल OBHS सुपरवाइजर के मोबाइल फोन के माध्यम से यात्रियों से सीधा संपर्क भी बनाए रखता है. इससे कर्मचारियों की तत्परता और प्रतिक्रिया क्षमता की वास्तविक समय में निगरानी की जा सकती है. रेलवे अधिकारियों की ओर से संविदा कर्मचारियों के लिए समय-समय पर काउंसलिंग सत्र भी आयोजित किए जाते हैं, ताकि वे रेल मदद शिकायतों और यात्री फीडबैक के प्रति संवेदनशील बने रहें.
इसके अलावा सफाई गतिविधियों की नियमित जांच भी की जाती है. अनुबंधों में खराब प्रदर्शन पर कड़े दंड का प्रावधान रखा गया है, ताकि सेवा की गुणवत्ता में कोई ढिलाई न हो. रेलवे का कहना है कि यह पूरी व्यवस्था यात्रियों को सफर के दौरान बेहतर अनुभव देने के लिए बनाई गई है.
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने कहा कि यात्रियों की सुविधा और आराम उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विस योजना के मजबूत क्रियान्वयन और ‘क्लीन रेल’ ऐप जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि हर यात्री को स्वच्छ और सुखद यात्रा अनुभव मिल सके.
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