No-Confidence Motion : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए विपक्ष ने औपचारिक पहल करते हुए लोकसभा सचिवालय में नोटिस जमा कर दिया है. यह कदम पिछले कुछ दिनों से जारी तनातनी के बीच उठाया गया है. कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बताया कि मंगलवार दोपहर 1:14 बजे नियम 94C के तहत अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंपा गया.
नियमों के मुताबिक होगी आगे की प्रक्रिया
लोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने पुष्टि की कि अध्यक्ष के खिलाफ नोटिस प्राप्त हुआ है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अब इस पर स्थापित संसदीय नियमों और प्रक्रियाओं के तहत विचार किया जाएगा. सचिवालय स्तर पर नोटिस की वैधता और समर्थन का परीक्षण किया जाता है, जिसके बाद अगला कदम तय होता है.
Congress has submitted the notice of no-confidence motion against the Lok Sabha Speaker Om Birla to the Secretary General of the Lok Sabha https://t.co/C4Eti1llmn
— ANI (@ANI) February 10, 2026
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विवाद की पृष्ठभूमि और विपक्ष के आरोप
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष में तीखी नोकझोंक हुई थी. विपक्ष का आरोप है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया. साथ ही कुछ महिला सांसदों के साथ सदन में अनुचित स्थिति बनने के आरोप भी लगाए गए. इन्हीं मुद्दों को आधार बनाकर हटाने का प्रस्ताव लाने का निर्णय किया गया.
100 से अधिक सांसदों के हस्ताक्षर
नोटिस पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक सहित कई विपक्षी दलों के 100 से अधिक सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं. तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने इस नोटिस से दूरी बनाई है. यह नोटिस संविधान के अनुच्छेद 94(सी) के तहत दिया गया है. विपक्ष ने 5 फरवरी को अध्यक्ष द्वारा दिए गए उस बयान पर भी आपत्ति जताई है, जिसमें कहा गया था कि कुछ सदस्य प्रधानमंत्री की सीट के पास पहुंचकर अप्रत्याशित घटना की कोशिश कर सकते थे. नोटिस में इन टिप्पणियों को अपमानजनक और निराधार बताया गया है.
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