Crime News : आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने अपनी जांच का दायरा और तेज कर दिया है. जांच एजेंसी को संदेह है कि निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे से जुड़े कथित अवैध धन को सहयोगियों के जरिए अलग-अलग राज्यों में निवेश किया गया. इस सिलसिले में तमिलनाडु और तेलंगाना में संपत्ति और निवेश की कड़ियों की पड़ताल की जा रही है.
दक्षिण भारत में निवेश की आशंका
एसीबी को मिले इनपुट के मुताबिक, विनय सिंह नामक व्यक्ति की भूमिका निवेश से जुड़े लेन-देन में सामने आई है. जांच एजेंसी को शक है कि उनके माध्यम से म्यूचुअल फंड, बॉन्ड और शेयर जैसे निवेश साधनों का इस्तेमाल कर विभिन्न कंपनियों के नाम पर संपत्तियां खरीदी गईं. आशंका जताई जा रही है कि इन निवेशों के पीछे भ्रष्टाचार से अर्जित धन लगाया गया.
इन बिंदुओं की पुष्टि के लिए एसीबी ने तमिलनाडु और तेलंगाना के संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर संपत्तियों और निवेश का विवरण मांगा है, ताकि दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए जा सकें. हालांकि खबर लिखे जाने तक दोनों राज्यों से औपचारिक जवाब मिलने की प्रतीक्षा है.
बैंक लेन-देन पर फोकस
जांच के दौरान एक अहम वित्तीय लेन-देन भी एजेंसी के संज्ञान में आया है. जानकारी के अनुसार, विनय सिंह से जुड़ी एक कंपनी के खाते से 12 जनवरी 2023 को करीब तीन करोड़ रुपये निकाले गए थे. इस निकासी के स्रोत और उपयोग का पता लगाने के लिए केस के अनुसंधान अधिकारी ने एक जनवरी 2026 को संबंधित बैंक से विस्तृत लेन-देन विवरण मांगा है.
एसीबी यह जानने की कोशिश कर रही है कि राशि कहां से आई और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से हुआ. अब तक की जांच में यह भी सामने आया है कि विनय सिंह के संबंध मुख्य आरोपी और उनके परिजनों से करीबी बताए जा रहे हैं. एजेंसी इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं धन को वैध दिखाने की कोशिश तो नहीं हुई.
नोएडा फ्लैट सौदे की भी जांच
जांच के क्रम में नोएडा स्थित एक फ्लैट का लेन-देन भी जांच के दायरे में आया है. एसीबी को पता चला है कि वर्ष 2010 में एक फ्लैट लगभग 37 लाख रुपये में खरीदा गया था. बाद में 2013 में उसी फ्लैट को करीब 95 लाख रुपये में बेचा गया. यह सौदा उस समय के सर्किल रेट से अधिक मूल्य पर बिक्री और कम मूल्य पर खरीद से जुड़ा बताया जा रहा है, जिस पर एजेंसी सवाल उठा रही है.
फ्लैट की खरीद के दौरान करीब छह लाख रुपये का भुगतान हरिशंकर मणि त्रिपाठी और राकेश तिवारी द्वारा किए जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई है. एसीबी अब इन दोनों व्यक्तियों की भूमिका और पैसों के स्रोत की पड़ताल कर रही है.
जांच कई दिशाओं में जारी
एसीबी फिलहाल वित्तीय दस्तावेज, संपत्ति रिकॉर्ड और बैंकिंग ट्रेल के जरिए पूरे नेटवर्क को समझने की कोशिश में जुटी है. एजेंसी का जोर इस बात पर है कि धन के प्रवाह की स्पष्ट तस्वीर सामने आए. मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा.
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