Hormuz : मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर साफ दिखने लगा है. अंतरराष्ट्रीय शिपिंग आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान Strait of Hormuz से कच्चे तेल की आवाजाही लगभग ठहर सी गई है. स्थिति ऐसी बन गई है कि कई जहाजों को सुरक्षा कारणों से बीच समुद्र में ही रुकना पड़ा है. हालांकि, व्यापार से जुड़े सूत्रों का मानना है कि हालात सामान्य होने पर जल्द ही यातायात फिर शुरू हो सकता है.
वैश्विक तेल सप्लाई पर गहराया असर
होर्मुज जलडमरूमध्य को दुनिया की ऊर्जा लाइफलाइन माना जाता है, क्योंकि यहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है. हाल के घटनाक्रम, खासकर Iran और Israel के बीच बढ़ते तनाव और United States की भूमिका ने इस क्षेत्र को और संवेदनशील बना दिया है. विशेषज्ञों के मुताबिक, दुनिया का करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल और बड़ी मात्रा में LNG इसी रास्ते से होकर गुजरती है, जिससे यहां किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ता है.
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भारतीय टैंकरों की गतिविधि पर नजर
इसी बीच, भारत से जुड़े दो LPG टैंकर — पाइन गैस और जग वसंत — फिलहाल Sharjah के पास मौजूद हैं. शिप-ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म के संकेत बताते हैं कि ये जहाज जल्द ही आगे बढ़ने की तैयारी में हैं. माना जा रहा है कि सुरक्षा स्थिति को देखते हुए इनकी यात्रा का समय तय किया जाएगा. हालांकि, इनके रवाना होने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है.
बाजार और शिपिंग सेक्टर में अनिश्चितता
ऊर्जा बाजार से जुड़े आंकड़े बताते हैं कि बीते एक दिन में कोई भी नया कच्चे तेल का टैंकर इस मार्ग से नहीं गुजरा. वहीं कुछ जहाजों ने जोखिम के चलते अपना रूट बदल लिया है. समुद्री व्यापार से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्र में तनाव बना रहा तो शिपिंग लागत और बीमा प्रीमियम में भी उछाल आ सकता है, जिसका असर सीधे तौर पर तेल की कीमतों पर पड़ेगा.
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