Jharkhand Security Alert: झारखंड में आगामी धार्मिक आयोजनों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी ताकत झोंक दी है और राज्य को हाई अलर्ट पर रखा गया है. रामनवमी से लेकर हनुमान जयंती तक के बीच की अवधि को संवेदनशील मानते हुए स्पेशल ब्रांच ने विस्तृत रिपोर्ट जारी की है, जिसे गृह विभाग, डीजीपी और सभी जिलों के प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों तक भेज दिया गया है. रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि इस दौरान किसी भी तरह की असामाजिक गतिविधि या सांप्रदायिक तनाव की आशंका को हल्के में न लिया जाए और हर स्तर पर सतर्कता बरती जाए. खासतौर पर हजारीबाग को अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखते हुए वहां अतिरिक्त निगरानी और बल तैनाती की जरूरत बताई गई है, ताकि माहौल पूरी तरह नियंत्रित और शांतिपूर्ण बना रहे.
त्योहारों की तिथियां और संवेदनशीलता का आकलन
स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट में त्योहारों के दौरान संभावित गतिविधियों और भीड़ के आकलन का पूरा विवरण शामिल किया गया है. 24 मार्च को अंतिम मंगला जुलूस निकलेगा, 26 मार्च को रामनवमी मनाई जाएगी और 2 अप्रैल को हनुमान जयंती का आयोजन होगा. इन तिथियों के दौरान बड़े स्तर पर जुलूस और सार्वजनिक आयोजन होने हैं, इसलिए पुलिस और प्रशासन को पहले से ही पूरी तैयारी के साथ तैनात रहने को कहा गया है.
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रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि जिन इलाकों में पहले के वर्षों में तनाव या विवाद की घटनाएं हुई थीं, वहां अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है. ऐसे क्षेत्रों में फ्लैग मार्च, गश्ती और निगरानी को और तेज करने के निर्देश दिए गए हैं.
इन थाना क्षेत्रों को संवेदनशील मानकर बढ़ाई गई निगरानी
राज्य के कई जिलों के कुछ थाना क्षेत्रों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया है, जहां पहले भी त्योहारों के दौरान घटनाएं हो चुकी हैं.
रांची: रातू, लोअर बाजार, बेड़ो
खूंटी: खूंटी, तपकरा
गुमला: सदर थाना क्षेत्र
लोहरदगा: कुड़ू, सदर
हजारीबाग: बड़कागांव, कोर्रा, बरही, सदर, लोहसिंहघना
कोडरमा: कोडरमा थाना क्षेत्र
बोकारो: पेक नारायण, नावाहडीह
जमशेदपुर: कोवाली, जुगसलाई
साहिबगंज: नगर थाना क्षेत्र
इन सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, लगातार पेट्रोलिंग और हर गतिविधि पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं.
प्रशासन और पुलिस के लिए जारी किए गए सख्त निर्देश
त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की गई है. हर जिले को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है.
- संभावित उपद्रव करने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान कर सूची तैयार की जाए और उन पर पहले से ही निरोधात्मक कार्रवाई हो.
- पूजा समितियों, पुजारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए.
- मीडिया के साथ समन्वय बनाकर जिम्मेदार रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि अफवाह या तनाव न फैले.
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की लगातार निगरानी हो और भड़काऊ या आपत्तिजनक पोस्ट पर तुरंत कार्रवाई की जाए.
- अवैध शराब की बिक्री और अवैध वधशालाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जाए.
- भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए, खासकर जहां छिनतई या छेड़खानी की आशंका हो.
- जुलूस के दौरान पर्याप्त पुलिस बल, वाहन और त्वरित प्रतिक्रिया टीम की तैनाती सुनिश्चित की जाए.
- जुलूस के निकलने से लेकर उसके सुरक्षित वापसी तक पुलिस की मौजूदगी लगातार बनी रहे.
- जुलूस में शामिल ऐसे लोगों पर नजर रखी जाए जो चेहरा ढककर चल रहे हों.
- डीजे और जुलूस आयोजकों से लिखित आश्वासन लिया जाए कि वे कोई भी भड़काऊ या आपत्तिजनक गीत नहीं बजाएंगे.
संवेदनशील गतिविधियों पर भी रहेगी पैनी नजर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. खासकर उन गतिविधियों पर सख्त नजर रखी जाएगी, जो माहौल बिगाड़ सकती हैं. पुलिस को निर्देश दिया गया है कि हर छोटी-बड़ी सूचना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की जाए.
जुलूस मार्गों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और पुराने विवादित स्थानों पर विशेष चौकसी बरती जाएगी. इसके साथ ही इमरजेंसी स्थिति से निपटने के लिए हर जिले में त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को सक्रिय रखने को कहा गया है.
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