Patna Metro Update: राजधानी पटना में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और अव्यवस्थित सार्वजनिक परिवहन के बीच मेट्रो परियोजना अब शहर के लिए बड़ी राहत बनकर उभर रही है. खासकर कंकड़बाग, मलाही पकड़ी और आसपास के इलाकों में रोजाना लगने वाले जाम से लोगों को जल्द छुटकारा मिलने की उम्मीद है. मेट्रो के दूसरे चरण की शुरुआत के साथ ही शहर के पूर्वी हिस्से में यात्रा आसान होगी और लोगों का समय भी बचेगा. प्रशासन का मानना है कि मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद न केवल ट्रैफिक जाम में कमी आएगी, बल्कि प्रदूषण स्तर में भी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे शहर की जीवनशैली पर सकारात्मक असर पड़ेगा.
चरणबद्ध तरीके से शुरू होगा परिचालन
पटना मेट्रो परियोजना को लेकर अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पूरे प्रोजेक्ट के पूर्ण होने का इंतजार नहीं किया जाएगा. जैसे-जैसे ट्रैक और स्टेशन तैयार होते जाएंगे, वैसे-वैसे मेट्रो सेवा को चालू किया जाएगा. इस रणनीति का उद्देश्य यह है कि लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके और आंशिक रूप से तैयार रूट का भी उपयोग किया जा सके.
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इस फैसले से उन यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं और ट्रैफिक में फंसकर समय गंवाते हैं. प्रशासन का कहना है कि यह मॉडल शहर के यातायात दबाव को धीरे-धीरे कम करने में मदद करेगा.
इन चार स्टेशनों के बीच दौड़ेगी मेट्रो
दूसरे फेज के तहत जिन स्टेशनों के बीच परिचालन शुरू किया जाएगा, उनकी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. इस चरण में पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, जीरोमाइल, भूतनाथ और मलाही पकड़ी के बीच मेट्रो सेवा शुरू होगी. करीब 6.2 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के चालू होते ही हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा.
विशेष रूप से अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) तक आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यह सेवा काफी उपयोगी साबित होगी. अभी तक इन इलाकों में पहुंचने के लिए लोगों को ऑटो या निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है.
ट्रायल पूरा, अब अंतिम मंजूरी का इंतजार
मेट्रो प्रशासन के अनुसार भूतनाथ से मलाही पकड़ी के बीच लगभग 2.75 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ट्रैक पूरी तरह तैयार हो चुका है. इस हिस्से पर ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है, जिससे तकनीकी रूप से रूट को सुरक्षित माना जा रहा है.
हाल ही में उप मुख्य आयुक्त रेलवे सुरक्षा (CMRS) प्रदीप कुमार की अगुवाई में एक टीम ने इस रूट का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान ट्रैक, स्टेशन और अन्य सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई. अब केवल अंतिम सुरक्षा सर्टिफिकेट का इंतजार है, जिसके 26 मार्च से पहले मिलने की संभावना जताई जा रही है. मंजूरी मिलते ही इस रूट को यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा.
तीसरे चरण की तैयारी ने पकड़ी रफ्तार
दूसरे चरण के शुरू होने से पहले ही तीसरे चरण की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं. अगले चरण में मेट्रो नेटवर्क को खेमनीचक से मीठापुर तक विस्तारित किया जाएगा. इस रूट पर बिजली आपूर्ति के लिए ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) लगाने का काम शुरू हो चुका है.
इसके अलावा जल्द ही ट्रैक बिछाने का काम भी शुरू किया जाएगा. इस विस्तार के बाद खेमनीचक, जगनपुरा, रामकृष्णानगर और मीठापुर जैसे घनी आबादी वाले इलाके सीधे मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएंगे. इससे शहर के बड़े हिस्से में यातायात व्यवस्था और अधिक सुगम हो जाएगी.
ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों पर पड़ेगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी. इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या घटेगी और ट्रैफिक जाम की समस्या में कमी आएगी. साथ ही, प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट देखने को मिल सकती है.
पटना जैसे तेजी से बढ़ते शहर में मेट्रो परियोजना को भविष्य की जरूरत माना जा रहा है. आने वाले वर्षों में इसके विस्तार से शहर की परिवहन व्यवस्था पूरी तरह बदलने की उम्मीद है.
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