West Bengal Rail : रेलवे के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने और यात्रा को अधिक तेज व सुगम बनाने की दिशा में पूर्व रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कई अहम उपलब्धियां हासिल की हैं. यार्ड पुनर्निर्माण से लेकर मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं की स्वीकृति तक, इन पहलों से हजारों यात्रियों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है. इन सुधारों के जरिए ट्रेनों की समयबद्धता बेहतर होगी और यात्रा का समय भी घटेगा.
पांच प्रमुख स्टेशनों पर यार्ड रीमॉडलिंग पूरी
पूर्व रेलवे ने मालदा टाउन, दुर्गापुर, शंकरपुर, पाकुर और खाना जैसे पांच महत्वपूर्ण स्टेशनों पर यार्ड के बड़े पुनर्निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं. इन कार्यों का उद्देश्य ट्रेनों के आवागमन को सुगम बनाना है, जिससे ट्रेनों की एंट्री और एग्जिट तेज हो सके. इससे बाहरी सिग्नल पर रुकने का समय घटेगा और यात्रियों को राहत मिलेगी.
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सिग्नलिंग सिस्टम से बढ़ेगी सुरक्षा और क्षमता
रेलवे ने लाइन क्षमता बढ़ाने और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए चार मध्यवर्ती ब्लॉक सिग्नलिंग कार्य भी शुरू किए हैं. ये सिस्टम टिकानी-धौनी के बीच सांझा हॉल्ट, धौनी-बाराहाट के बीच पुनसिया हॉल्ट, मंदारहिल-हँसडीहा के बीच दानरे हॉल्ट और मणिग्राम-महिपाल रोड के बीच नोआपाड़ा महिषासुर हॉल्ट पर चालू हो चुके हैं. इससे ट्रेनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित होगी.
8,381 करोड़ की मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी
करीब 8,381.99 करोड़ रुपये की लागत से 454 किलोमीटर से अधिक लंबाई की आठ बड़ी मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है. इनमें डानकुनि-बाल्टीकुड़ी, मुरारई-बड़हरवा, साईंथिया-पाकुड़ और पाकुड़-गुमानी जैसे व्यस्त रूटों पर तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण शामिल है.
इसके अलावा, रानाघाट-कृष्णानगर और भागलपुर-जमालपुर के बीच तीसरी लाइन, जबकि भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट और रानाघाट-बनगांव सेक्शन में डबल लाइन बिछाने की योजना है. इन परियोजनाओं से मौजूदा रेल क्षमता दोगुनी-तिगुनी हो जाएगी और यात्री आवागमन अधिक सुचारू होगा.
नई लाइनों और दोहरीकरण के लिए सर्वे को मंजूरी
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कई नई लाइन और दोहरीकरण परियोजनाओं के लिए अंतिम लोकेशन सर्वे को भी मंजूरी दी है. इनमें सिउरी-नाला नई लाइन (राजनगर और बक्रेश्वर धाम होते हुए), आरामबाग-खानकुल नई लाइन, और चंपापुकुर-हसनाबाद तथा लक्ष्मीकांतपुर-नामखाना खंडों का दोहरीकरण शामिल है.
रेलवे की कमिटमेंट: तेज, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं रेलवे की यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं. उन्होंने बताया कि मल्टी-ट्रैकिंग और यार्ड रीमॉडलिंग के जरिए न केवल ट्रैक बढ़ाए जा रहे हैं, बल्कि यात्रियों को तेज और सुरक्षित यात्रा भी सुनिश्चित की जा रही है. ₹8,000 करोड़ से अधिक का यह निवेश पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड के प्रमुख क्षेत्रों को बेहतर रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
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