Bihar Panchayat Election: बिहार में आगामी पंचायत चुनाव 2026 को लेकर चुनावी तैयारियां अब तेज हो गई हैं और इस बार मतदान प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. राज्य निर्वाचन आयोग ने संकेत दिया है कि पहली बार पंचायत चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का उपयोग किया जाएगा. इसके लिए विशेष एस-3 मॉडल मल्टी पोस्ट EVM की खरीद और वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. आयोग का लक्ष्य है कि समय रहते सभी जिलों में आवश्यक मशीनें पहुंचाकर सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
जिलों में EVM की डिलीवरी और सुरक्षा प्लान
आयोग की योजना के अनुसार अप्रैल महीने के भीतर सभी जिलों को EVM उपलब्ध करा दी जाएंगी. इसके बाद इन मशीनों को निर्धारित स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाएगा. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी भंडारण स्थलों पर सीसीटीवी निगरानी 24 घंटे जारी रखने का निर्देश दिया गया है. प्रशासनिक स्तर पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मशीनों की सुरक्षा में कोई चूक न हो.
निर्वाचन आयोग की जिलाधिकारियों के साथ बैठक
राज्य निर्वाचन आयुक्त दीपक प्रसाद ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की. बैठक में चुनावी तैयारियों की प्रगति पर चर्चा हुई और जिलों को समयबद्ध तरीके से सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए. साथ ही EVM के सुरक्षित रखरखाव और प्रक्रिया के पालन पर विशेष जोर दिया गया.
फर्स्ट लेवल चेकिंग और डेटा अपडेट पर फोकस
चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि EVM की फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) प्रक्रिया राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में तय समय पर पूरी की जाए. इसके साथ ही वार्ड स्तर पर जनसंख्या डेटा को 2011 की जनगणना के आधार पर सत्यापित कर वेबसाइट पर अपडेट करने का निर्देश भी जारी किया गया है, ताकि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे.
मल्टी पोस्ट EVM से बदलेगा मतदान का तरीका
इस बार इस्तेमाल होने वाली मल्टी पोस्ट EVM सामान्य मशीनों से अलग होगी. इसमें एक कंट्रोल यूनिट के साथ छह बैलेट यूनिट जुड़ी होंगी, जिससे एक ही मतदान केंद्र पर कई पदों के लिए वोट डाले जा सकेंगे. मतदाता अलग-अलग यूनिट के जरिए अपने वोट दर्ज करेंगे, जबकि पूरा सिस्टम एक ही कंट्रोल यूनिट से संचालित होगा.
चुनाव की संभावित तारीख और आगे की प्रक्रिया
सूत्रों के अनुसार बिहार में पंचायत चुनाव 2026 के नवंबर और दिसंबर महीने में कराए जाने की संभावना है. आयोग ने सभी जिलाधिकारियों को जिला निर्वाचन पदाधिकारी के रूप में जिम्मेदारी सौंप दी है. वहीं 27 अप्रैल तक पंचायतों का प्रारूप प्रकाशित करने के बाद मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.
इसे भी पढ़ें-पटना में उग्र प्रदर्शन, सड़क पर उतरे लोग, NH-139 किया ब्लॉक; जानें पूरा मामला
इसे भी पढ़ें-बिहार की हाई-रिस्क सड़कों का होगा तकनीकी विश्लेषण, परिवहन विभाग की बड़ी पहल
इसे भी पढ़ें-सीएम बनने के बाद आज पहली दिल्ली यात्रा; सम्राट चौधरी की पीएम मोदी से होगी मुलाकात
इसे भी पढ़ें-कुर्सी संभालते ही सम्राट चौधरी का ऐलान, बिहार में मोदी-नीतीश मॉडल पर चलेगी सरकार
इसे भी पढ़ें-बिहार में नई जिम्मेदारी के साथ उभरे विजय चौधरी, डिप्टी सीएम बनकर संभाली अहम भूमिका
इसे भी पढ़ें-बिहार में नई सरकार का गठन, सम्राट चौधरी ने संभाली कमान, बने 24वें मुख्यमंत्री

