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तीन बेटियों के नाम पर भी खुल सकता है SSY खाता, जानें 2.15 करोड़ रुपये का फंड बनाने का तरीका

Sukanya Samriddhi Yojana : बेटियों के भविष्य के लिए सरकार की इस बचत योजना में विशेष परिस्थितियों में तीन बेटियों के खाते भी खोले जा सकते हैं. हर खाते में सालाना अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं. जानिए पात्रता, निवेश और मैच्योरिटी पर मिलने वाली अनुमानित रकम का पूरा हिसाब.

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Sukanya Samriddhi Yojana : बेटियों के भविष्य के लिए सरकार की इस बचत योजना में विशेष परिस्थितियों में तीन बेटियों के खाते भी खोले जा सकते हैं. हर खाते में सालाना अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं. जानिए पात्रता, निवेश और मैच्योरिटी पर मिलने वाली अनुमानित रकम का पूरा हिसाब.

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Sukanya Samriddhi Yojana: बेटियों की पढ़ाई से लेकर उच्च शिक्षा और शादी तक के खर्च की योजना पहले से बनाना चाहते हैं, तो सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) के नियम आपके काम आ सकते हैं. आमतौर पर एक परिवार में अधिकतम दो बेटियों के नाम पर इस योजना के तहत खाते खोले जा सकते हैं, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में तीन बेटियों को भी इसका लाभ मिल सकता है. ऐसे में योग्य परिवार तीन अलग-अलग खातों के जरिए लंबी अवधि के लिए बचत कर सकते हैं.

इस योजना में खाता खोलने की शुरुआत महज 250 रुपये से की जा सकती है. वहीं, प्रत्येक खाते में एक वित्त वर्ष के दौरान अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा करने का प्रावधान है. दिए गए ब्याज दर और निवेश संबंधी शर्तों के आधार पर तीन पात्र खातों में नियमित निवेश से बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है.

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हालांकि, निवेश शुरू करने से पहले तीसरी बेटी के खाते से जुड़े नियम और मैच्योरिटी की शर्तें समझना जरूरी है.

Sukanya Samriddhi Yojana: किन परिस्थितियों में खुल सकते हैं तीन खाते?

सामान्य नियम के मुताबिक, एक परिवार में अधिकतम दो बेटियों के लिए सुकन्या समृद्धि खाते खोले जा सकते हैं. लेकिन जुड़वा या एक साथ तीन बच्चों के जन्म जैसी विशेष परिस्थितियों में तीसरी बेटी के लिए भी खाता खोलने की अनुमति मिल सकती है.

इसके लिए जन्म से जुड़ी परिस्थितियां और निर्धारित दस्तावेज महत्वपूर्ण होते हैं. इसलिए तीसरी बेटी के नाम पर खाता खुलवाने से पहले संबंधित बैंक या डाकघर से पात्रता की पुष्टि कर लेनी चाहिए.

तीसरी बेटी के खाते की अनुमति कब मिल सकती है?

कुछ विशेष परिस्थितियों में तीन बेटियों को इस योजना से जोड़ने का प्रावधान है.

  • पहली डिलीवरी में एक साथ तीन बेटियों का जन्म होने पर विशेष नियमों के तहत खाते खोले जा सकते हैं.
  • पहली डिलीवरी में एक बेटी और दूसरी डिलीवरी में जुड़वा या तीन बेटियों के जन्म की स्थिति में भी तीसरी बेटी के खाते की पात्रता बन सकती है.

हालांकि, हर मामले में नियमों की लागू होने वाली शर्तों की जांच जरूरी है. केवल तीन बेटियां होने से अपने आप तीन खाते खोलने की पात्रता नहीं मिल जाती.

तीसरी बेटी के लिए कौन-से दस्तावेज जरूरी हैं?

तीसरी बेटी के नाम पर खाता खोलने के लिए माता-पिता को जन्म से संबंधित प्रमाण प्रस्तुत करना पड़ सकता है. इसमें अधिकृत अस्पताल या मेडिकल संस्थान का जन्म प्रमाणपत्र शामिल हो सकता है.

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खाता खोलने के दौरान बैंक या डाकघर की ओर से मांगे गए अन्य दस्तावेज भी जमा करने होंगे. आवेदन से पहले संबंधित संस्थान से दस्तावेजों की पूरी सूची प्राप्त करना बेहतर रहेगा.

हर साल 1.5 लाख रुपये जमा करने पर कितना मिलेगा?

सुकन्या समृद्धि योजना में एक खाते के तहत वित्त वर्ष में न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं. दी गई जानकारी के अनुसार, इस पर 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज दर का उदाहरण लिया गया है. ब्याज दर समय-समय पर बदल सकती है.

यदि किसी खाते में 15 साल तक हर साल 1.5 लाख रुपये जमा किए जाते हैं, तो कुल मूल निवेश 22.5 लाख रुपये होगा. दिए गए अनुमान के अनुसार, 21 साल की अवधि पूरी होने पर यह राशि बढ़कर करीब 71.82 लाख रुपये हो सकती है. इसमें लगभग 49.32 लाख रुपये ब्याज शामिल होगा.

अगर तीनों बेटियों के खाते इस योजना के नियमों के तहत पात्र हैं और प्रत्येक खाते में अधिकतम निर्धारित राशि जमा की जाती है, तो तीनों खातों का संयुक्त मैच्योरिटी फंड करीब 2.15 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. यह गणना ब्याज दर और निवेश की शर्तों पर निर्भर करेगी; इसे निश्चित रिटर्न की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए.

सुकन्या समृद्धि खाते का पैसा कब निकाल सकते हैं?

इस योजना की सामान्य मैच्योरिटी खाता खोलने की तारीख से 21 साल बाद होती है. हालांकि, निर्धारित शर्तों के तहत बेटी के 18 साल की उम्र पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए आंशिक निकासी की सुविधा मिल सकती है. शादी के मामले में भी नियमों के अनुसार समय से पहले खाता बंद कराने का प्रावधान है.

इसलिए बेटी के भविष्य के लिए निवेश करने से पहले खाते की मैच्योरिटी, निकासी की पात्रता और लागू ब्याज दर की जानकारी आधिकारिक नियमों से जरूर जांच लें.

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Disclaimer: यह खबर केवल सामान्य वित्तीय जानकारी के उद्देश्य से है, निवेश की सलाह नहीं. म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेश करने से पहले संबंधित दस्तावेज पढ़ें और जरूरत पड़ने पर पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें. शेयर बाजार में निवेश से जुड़े किसी भी तरह के खरीद-फरोख्त का सुझाव HelloCities24 द्वारा नहीं दिया जाता है. यहां प्रकाशित बाजार विश्लेषण विभिन्न मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज संस्थानों के आकलन पर आधारित होते हैं. निवेश से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें.

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Soni
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
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