इस खबर में क्या है?
Bihar Jail Raid : बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही प्रशासनिक सख्ती का असर दिखने लगा है. मुख्यमंत्री पद संभालने के तुरंत बाद सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य के विभिन्न जिलों की जेलों में शुक्रवार तड़के व्यापक छापेमारी अभियान चलाया गया. इस दौरान पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने जेल परिसर के हर वार्ड, बैरक और संवेदनशील हिस्सों की गहन तलाशी ली. अचानक हुई इस कार्रवाई से बंदियों के बीच हलचल मच गई. हालांकि लंबी जांच के बावजूद कहीं से भी कोई आपत्तिजनक या प्रतिबंधित सामान बरामद नहीं हुआ, जिससे यह संकेत मिला कि सुरक्षा व्यवस्था फिलहाल नियंत्रण में है.
सिवान और भोजपुर में चला संयुक्त अभियान
सिवान मंडल कारा में जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय और पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा की मौजूदगी में सघन जांच की गई. करीब एक घंटे तक चले इस अभियान में पांच थानों की पुलिस टीम और अतिरिक्त बल शामिल रहा. अधिकारियों ने सभी वार्डों और बैरकों की बारीकी से तलाशी ली, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली.
इसी तरह भोजपुर जिले में भी सुबह चार बजे से छह बजे के बीच छापेमारी की गई. यहां जिलाधिकारी तन्य सुल्तानिया और एसपी राज के नेतृत्व में संयुक्त टीमों ने पूरे जेल परिसर की गहन जांच की. हर कोने को खंगालने के बावजूद किसी भी तरह की आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली.
बक्सर और वैशाली में भी सख्त तलाशी
बक्सर केंद्रीय कारा में प्रशासन ने करीब ढाई घंटे तक व्यापक जांच अभियान चलाया. जेल के हर हिस्से—चाहे वह बैरक हो, वार्ड हो या अन्य क्षेत्र—सभी की बारीकी से जांच की गई. सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई ताकि किसी प्रकार की चूक न रह जाए.
वहीं वैशाली जिले में जिलाधिकारी वर्षा सिंह और एसपी विक्रम सिहाग के नेतृत्व में लगभग दो घंटे तक छापेमारी की गई. यहां भी अधिकारियों ने सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया और हर स्तर पर जांच की, लेकिन कोई प्रतिबंधित सामग्री सामने नहीं आई.
हाजीपुर समेत अन्य जेलों में भी जांच
हाजीपुर जेल सहित राज्य के अन्य कारा परिसरों में भी इसी तरह का अभियान चलाया गया. इस दौरान सिर्फ तलाशी ही नहीं, बल्कि जेलों की स्वच्छता, बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति का भी आकलन किया गया. अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुसार चल रही हैं.
अधिकारियों ने संबंधित जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए और नियमित रूप से निरीक्षण किया जाए. उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य जेलों में अनुशासन बनाए रखना और किसी भी अवैध गतिविधि पर रोक लगाना है.
आगे भी जारी रह सकती है सख्ती
इस पूरे अभियान के बाद प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि आने वाले समय में भी इसी तरह की सख्ती जारी रह सकती है. समय-समय पर छापेमारी और जांच अभियान चलाकर जेलों की सुरक्षा को और पुख्ता किया जाएगा.
इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि नई सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई के पक्ष में नहीं है. फिलहाल सभी जिलों की जेलों में स्थिति संतोषजनक पाई गई है, लेकिन सतर्कता बनाए रखने के निर्देश जारी किए गए हैं.
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