Bihar Crime : राजधानी पटना में जमीन को लेकर चल रहा विवाद सोमवार को हिंसक टकराव में बदल गया. पुरानी रंजिश ने ऐसा उग्र रूप लिया कि दो पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, फिर मारपीट शुरू हो गई और देखते ही देखते मामला गोलीबारी तक पहुंच गया. दिन के उजाले में हुई इस वारदात से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग दहशत में आ गए. घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना रहा. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात को संभाला और मामले की जांच शुरू कर दी है.
लौटते वक्त बदमाशों ने किया हमला
इस हमले में पटना सिटी के आलमगंज थाना क्षेत्र के अगमकुआं तुलसी मंडी निवासी और महारानी होटल के संचालक ओमप्रकाश यादव घायल हुए हैं. उनके साथ मौजूद जितेंद्र साह भी इस हमले में जख्मी हुए हैं. बताया गया कि दोनों लोग जमीन से जुड़े विवाद को लेकर इलाके से वापस लौट रहे थे, तभी उन्हें निशाना बनाया गया.
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जानकारों की मानें, तो गोपालपुर थाना क्षेत्र में करीब दो बीघा जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था. इस विवाद में ओमप्रकाश यादव और दूसरे पक्ष के बीच पहले से तनाव बना हुआ था. स्थानीय लोगों का कहना है कि दो दिन पहले भी इसी मसले पर दोनों पक्षों के बीच बहस और हल्की झड़प हुई थी, लेकिन उस वक्त मामला ज्यादा नहीं बढ़ा था.
पहले मारपीट, फिर शुरू हुई ताबड़तोड़ फायरिंग
बताया जा रहा है कि सोमवार को बादशाही पइन के पास एक बार फिर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए. पहले दोनों ओर से बहस हुई, जो थोड़ी ही देर में लाठी-डंडों की मारपीट में बदल गई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हालात तेजी से बिगड़ते चले गए और अचानक फायरिंग शुरू हो गई.
इसी दौरान रानीपुर पैजाबा के पास, जो बाइपास थाना क्षेत्र और गोपालपुर की सीमा से जुड़ा इलाका बताया जा रहा है, वहां पहले से घात लगाए चारपहिया वाहन सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं. अचानक हुई फायरिंग से मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे.
जांघ, पैर और पेट के पास लगी गोली
इस हमले में ओमप्रकाश यादव के जांघ और पैर में गोली लगी. वहीं उनके साथ मौजूद जितेंद्र साह के पेट को छूते हुए गोली निकल गई. गोली लगते ही दोनों मौके पर ही गिर पड़े, जिसके बाद आसपास के लोगों में चीख-पुकार मच गई.
घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गए. इसके बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को तत्काल नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, दोनों का इलाज जारी है और फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. हालांकि डॉक्टरों की निगरानी में उन्हें रखा गया है.
पुलिस और एफएसएल टीम ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल मच गई. पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं.
पुलिस को शुरुआती जांच में कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है. घटनास्थल के आसपास के इलाकों को खंगाला जा रहा है और इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि हमलावर किस दिशा से आए और किस रास्ते से फरार हुए.
पहले से चल रहा था विवाद, दो दिन पहले भी हुई थी तनातनी
अस्पताल पहुंचे सदर डीएसपी द्वितीय रंजन कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में यह मामला पूरी तरह जमीन विवाद से जुड़ा हुआ नजर आ रहा है. उनके मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच यह तनाव नया नहीं था, बल्कि लंबे समय से चला आ रहा था.
उन्होंने बताया कि दो दिन पहले भी इसी विवाद को लेकर गोपालपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. ऐसे में पुलिस इस वारदात को केवल अचानक हुई झड़प नहीं, बल्कि पहले से रची गई साजिश के नजरिए से भी देख रही है. इसी बिंदु को ध्यान में रखकर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है.
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब यह तय करने में जुटी है कि मामला गोपालपुर थाना क्षेत्र में दर्ज किया जाएगा या बाइपास थाना क्षेत्र में. क्योंकि वारदात जिस इलाके में हुई, वह दोनों थानों की सीमा से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है. इसी वजह से तकनीकी और क्षेत्राधिकार से जुड़ी जांच भी साथ-साथ की जा रही है.
आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके. पुलिस की कई टीमें संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं. माना जा रहा है कि सीसीटीवी और स्थानीय इनपुट के आधार पर जल्द कुछ अहम खुलासा हो सकता है.
राजधानी में कानून-व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
दिनदहाड़े हुई इस गोलीबारी ने एक बार फिर राजधानी पटना की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जिस तरह जमीन विवाद अब सीधे खूनी टकराव में बदल रहे हैं, उसने प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पहले की तनातनी के बाद मामले को गंभीरता से संभाला जाता, तो शायद इतनी बड़ी वारदात टाली जा सकती थी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी है और हमलावरों की गिरफ्तारी को लेकर दबिश दी जा रही है.
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