Bihar News : बिहार में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय के छात्रों को शिक्षा के साथ बेहतर आवास सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार ने एक लंबी अवधि की योजना शुरू की है. अब छात्रावास की सुविधा केवल चुनिंदा जिलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राज्य के हर कोने तक पहुंचेगी.
सरकार ने अगले पांच वर्षों में सभी 534 प्रखंडों में एससी-एसटी छात्रों के लिए हॉस्टल निर्माण का लक्ष्य रखा है.
छात्रावास नेटवर्क का विस्तार, सैकड़ों प्रखंडों को कवर करने की तैयारी
एससी-एसटी कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य में 139 छात्रावास संचालित हैं. इसके अलावा 60 नए हॉस्टलों को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है और कई जगहों पर निर्माण कार्य प्रगति पर है.
उन्होंने बताया कि अब तक 276 प्रखंडों में छात्रावास निर्माण को हरी झंडी दी जा चुकी है, जबकि बाकी क्षेत्रों को चरणबद्ध तरीके से योजना में शामिल किया जाएगा.
आवासीय स्कूलों पर फोकस, शिक्षकों की बड़ी भर्ती
राज्य सरकार एससी-एसटी आवासीय विद्यालयों की गुणवत्ता और संख्या दोनों बढ़ाने पर काम कर रही है. फिलहाल 91 ऐसे विद्यालय संचालित हैं, जहां छात्रों को निःशुल्क आवास और शिक्षा दी जा रही है. इन संस्थानों से पढ़कर कई छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है.
सरकार ने इन विद्यालयों के लिए 4,896 शिक्षकों की नियुक्ति का प्रस्ताव भेजा है. इसके साथ ही 28 नए आवासीय विद्यालय खोलने की योजना को भी मंजूरी मिल चुकी है.
छात्रवृत्ति योजनाओं में आर्थिक सहायता बढ़ी
एससी-एसटी छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं को और प्रभावी बनाने का फैसला लिया गया है. कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों को मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाई गई है.
पोस्ट-मैट्रिक योजना के तहत आईटीआई छात्रों को 7,500 रुपये, डिप्लोमा और पॉलिटेक्निक छात्रों को 15,000 रुपये तथा तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले छात्रों को 25,000 रुपये की सहायता दी जाएगी.
सावित्रीबाई फुले छात्रावास योजना को मिल रही रफ्तार
हर जिले में 100 बेड वाले सावित्रीबाई फुले छात्रावास स्थापित करने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है. अब तक 18 जिलों में इसके लिए भूमि चिन्हित की जा चुकी है.
इन छात्रावासों में रहने वाले छात्रों को हर महीने 15 किलो अनाज के साथ मुख्यमंत्री छात्रावास अनुदान योजना के तहत 1,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है.
बढ़ती आबादी के अनुरूप योजनाओं का विस्तार
विभागीय सचिव संदीप आर. पुडकलकट्टी ने बताया कि राज्य में एससी-एसटी आबादी में लगातार वृद्धि हो रही है. 2011 की जनगणना के अनुसार यह संख्या 17.19 प्रतिशत थी, जो 2022 में बढ़कर 23.01 प्रतिशत तक पहुंच गई है.
इसी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा, आवास और वित्तीय सहायता से जुड़ी योजनाओं का दायरा बढ़ाया जा रहा है.
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